बांग्लादेश में एक बार फिर मंदिरों पर हमला किया गया है. उत्तर पश्चिमी बांग्लादेश के ठाकुरगांव जिले में 14 मंदिरों में तोड़फोड़ की गई है. अधिकारियों ने इस हमले को 'सुनियोजित' बताया है. घटना 4 फरवरी की देर रात की है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिले के कई गांवों में मूर्तियों को तोड़ा गया. ठाकुरगांव के डिप्टी कमिश्नर महबुबुर रहमान के अनुसार, "साफ दिख रहा है कि ये हमले इलाके में शांति और सद्भावना बिगाड़ने के लिए साजिश के तहत किए गए हैं. ये एक गंभीर अपराध है. दोषियों को इसका अंजाम भुगतना होगा.'"
बांग्लादेश में एक साथ 14 मंदिरों में तोड़-फोड़, कई मूर्तियां तोड़कर तालाब में फेंकीं
हिंदू नेताओं के मुताबिक कम से कम 27 मूर्तियों तोड़ी गईं.


ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, अज्ञात लोगों ने कम से कम 27 मूर्तियों को तोड़ने की कोशिश की. हिंदू-बौद्ध-ईसाई ओइक्या परिषद के नेता प्रबीर कुमार गुप्ता ने बताया कि सिंदूरपिंडी में 9 मूर्तियां, कॉलेजपारा में 4 और शहबाजपुर नाथपारा इलाके में 14 मूर्तियां टूटी मिली हैं. इनमें से ज्यादातर मंदिर सड़कों के किनारे हैं. इस घटना के बाद स्थानीय हिंदू नेताओं ने प्रशासन से दोषियों को पकड़ने की मांग की है.
ठाकुरगांव में हिंदू समुदाय के एक नेता विद्यानाथ बर्मन ने ढाका ट्रिब्यून से कहा कि कि अज्ञात लोगों ने रात के अंधेरे में जानबूझकर मंदिरों पर हमला किया. बर्मन के मुताबिक,
"बदमाशों ने मूर्तियों के हाथ, पैर और सिर को तोड़ा है. कुछ मूर्तियां तोड़ी गईं और कुछ तालाब में फेंक दी गईं. हम प्रशासन से मांग करते हैं कि इस घटना की सही तरीके से जांच करे और दोषियों को गिरफ्तार करे."
घटना के बाद जिला पूजा समारोह परिषद के महासचिव तपन कुमार घोष सिंदूरपिंडी के हरिबसर मंदिर पहुंचे. घोष के मुताबिक, ये मंदिर काफी पुराना और बड़ा है. इस मंदिर की सभी मूर्तियों को तोड़ दिया गया है. ये काफी चिंताजनक है.

ठाकुरगांव में हिंदू समुदाय के एक और नेता समर चटर्जी ने बताया,
“ये इलाका हमेशा सांप्रदायिक सद्भावना के लिए जाना जाता था. पहले यहां इस तरह की कोई घटना नहीं हुई थी. मुस्लिम समुदाय के लोगों का कभी हिंदुओं (अल्पसंख्यक) से कोई झगड़ा नहीं हुआ था.”
वहीं, ठाकुरगांव के एसपी जहांगीर हुसैन ने बताया कि मामले में जांच शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि पुलिस लोगों को भरोसा दिलाती है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी.
पिछले कुछ समय में बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों पर हमले की घटनाएं बढ़ी हैं. पिछले साल दशहरा के समय झेनैदाह में काली मंदिर में भीड़ ने हमला किया था. वहां भी मूर्ति को नुकसान पहुंचाया गया था. वहीं साल 2021 में दुर्गा पूजा समारोह के दौरान सांप्रदायिक दंगे भड़के थे. तब हुई हिंसा में कम से कम छह लोग मारे गए थे और सैकड़ों लोग घायल हुए थे.
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