तारीख़. जिसमें हम सुनाते हैं उस तारीख़ से जुड़ी हुई भारत की ऐतिहासिक कहानियां. आज 17 नवंबर है. और आज की तारीख का संबंध है एक हत्या से. 1920 तक कॉंग्रेस में जवाहर लाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस का उदय नहीं हुआ था. बागडोर गांधी और मोतीलाल नेहरू जैसे नेताओं के हाथ में थे. काँग्रेस पार्टी में मॉडरेट धड़े का प्रभुत्व हुआ करता था, जो डोमिनीयन रूल की बात करता, वैसा ही जैसा कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों को मिला हुआ था. ऑल इंडिया होम रूल लीग और मुस्लिम लीग भी डोमिनीयन स्टेटस की बात कर रही थीं. तो फिर वो चेन ऑफ इवेंट्स क्या थे , जिनसे डोमिनीयन रूल की मांग पूर्ण स्वराज की मांग में तब्दील हो गई. और भगत सिंह कैसे इस मांग के पुरोधा साबित हुए? वीडियो देखिए.
तारीख़: लाला लाजपत राय की मृत्यु ने कैसे आज़ादी की लड़ाई की दिशा बदल दी थी?
डोमिनीयन रूल की मांग पूर्ण स्वराज की मांग में कैसे तब्दील हो गई?
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