लौलेस को दार्शनिक इसलिए बताया कि दुनिया के हर मुद्दे पर उनकी गजब नॉलेज है. समाज, राजनीति, डागडरी, वकालत, गैस सिलेंडर ऑनलाइन आवेदन, अंतरराष्ट्रीय रक्षा समझौता, सर्जिकल स्ट्राइक, ब्रिक्स सम्मेलन, बलूचिस्तान- नर्मदा झगड़ा सब कुछ. दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग मियां खलीफा को भी जानते हैं. लेटेस्ट नजर रख रहे हैं अमेरिकी चुनाव पर. वो चुनाव जिसमें हिलेरी-ट्रंप दिनो-रात घपड़चौथ मचाए हैं. ट्रंप वहां जीतने के लिए इंडिया कार्ड खेल गए हैं. जो कहि रहे थे कि हम जीते तो इंडियन को भगा देंगे.अब पूछो हमको इतना कैसे पता? अमा ऊपर से का सत्तनारायऩ की कथा सुना रहे हैं हम? लौलेस दी दार्शनिक हमको बताए हैं. हमने उनसे जब पूछा कि यार लौलेस, ये बताओ कि सगरी दुनिया हल्ला है. अमेरिका अमेरिका. टिरंप टिरंप. लिस्टिकल वाली वेबसाइट, अखबार, टीवी भरा पड़ा है. लेकिन अपएं गांव देहात की पब्लिक कवनो भाव नहीं दे रही है. आखिर थोड़ा बहुत तो पता होना चाहिए दुनिया जहान का. लौलेस (दांत में उंगली से चूने का टुकड़ा काटते हुए): बलबलाने से कुछ उखड़ा है क्या दुनिया में? टिरंप का सोचेन कि नरेंद्र मोदी के आदमी से अपना भासन लिखवा लें. बस छा जाएंगे. जैसे मोदी की लहर लहलहा गई, उनकी भी हवा चल जाएगी? चल नहीं जाएगी बाबू साहेब, हवा निकल जाएगी. अपएं यहां आदमी है सयाना. साफ साफ कह रहे हैं बुरा लगे कि भला. और वो लोग निपट घोंघा हैं. बताओ, उनके इलेक्सन में न समीकरण, न ध्रुवीकरण, न बांभन ओट, न यादव ओट. उसमें कौन सा बहाना है कि हमए आपके जैसा आम पब्लिक उसकी बात करे. न तो वहां के उम्मीदवार बुलेरो में बड़े हारन बंधाकर यहां की पब्लिक को फोकट में टहलाएंगे. जिनमें गाना बज रहा हो इंसान का इंसान से हो भाईचारा. यही पैगाम हमारा. उनका पैगाम ये भी नहीं है कि पोलिंग की पूर्वसंध्या पर देसी दारू बंटवा दें. नोट बांटने की अफवाहें तक नहीं आ रहीं खबर की तो बात छोड़ो. सिर्फ बड़ा बड़ा भासन देने से क्या होगा? वो हमारे पीएम की बराबरी थोड़ी ना कर लेंगे. उनको पता भी न होगा कि यहां टिरंप का कितना बड़ा जनाधार है. यहां लोग उनको जिताने के लिए हवन सवन करा रहे हैं. लेकिन वो एक सीसी दारू के भी कर्जी नहीं बनना चाहते. इतनी कंजूसी से काम नहीं चलता भैया. बने रहो महाशक्ति. पानी की तरह पइसा बहाओ बेट्टा टिरंप लेकिन हमारे यहां की विधायकी में भी तुमसे ज्यादा हर्जा खर्चा करते हैं, ये जान लेओ.
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