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नेतन्याहू ने अब किसको मारने की धमकी दे दी?

PIJ के ठिकानों पर इज़रायली सेना का हवाई हमला

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PIJ के ठिकानों पर इज़रायली सेना का हवाई हमला

‘यहां सब कुछ बहुत तनावपूर्ण है. स्कूल,प्राइवेट हो या पब्लिक फैसेलिटीज़ सब कुछ बंद कर दिया गया है. लोगों को अपने घरों में रहने की ताकीद की गई है.’  

ये बात कही है अल जज़ीरा की पत्रकार यामाना अल सईद ने जो इस समय गाज़ा से रिपोर्टिंग कर रहीं हैं. गाज़ा फिलिस्तीन के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में स्थित है. फ़िलवक्त यहां युद्ध छिड़ा हुआ है. इज़रायल के तरफ से गाज़ा पर कई राकेट दागे गए हैं. इस हमले में अब तक 27 फिलिस्तीनियों की जान जा चुकी है. इसमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं. साथ ही हमले में इस्लामिक फिलिस्तीन जिहाद PIJ के तीन कमांडर भी मारे गए हैं. चारों तरफ अफरातफरी का माहौल है. लड़ाई में हमास के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है. जानकारों का कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो युद्ध और भीषण हो सकता है.
तो जानते हैं,

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इज़रायल और गाज़ा के बीच हालिया तनाव की क्या वजह है? 
PIJ के मारे गए कमांडर कौन हैं?
और इज़रायल इस हमले का दोषी किसे बता रहा है.

इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू जब 10 मई को काफ़ी भड़के हुए थे. उनके गुस्से का फ़ोकस फ़िलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद (PIJ) के रॉकेट हमलों की तरफ़ था. PIJ पिछले तीन दिनों से इज़रायल पर रॉकेट से हमला कर रही है. इन हमलों में इज़रायल से किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है. लेकिन जवाबी कार्रवाई में फ़िलिस्तीनी गुटों को काफ़ी नुकसान पहुंचा है. मीडिया रपटों के अनुसार, इज़रायल के एयर अटैक में कम से कम 25 लोग मारे जा चुके हैं. इनमें PIJ के तीन सीनियर लीडर भी हैं. 

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फ़िलिस्तीन का आरोप है कि इज़रायल आम नागरिकों और बच्चों की हत्या कर रहा है. आशंका जताई जा रही है कि इस तनाव में हमास जैसे गुट भी कूद सकते हैं. अगर ऐसा हुआ तो हिंसा का अंदाज़ा लगाना मुश्किल हो जाएगा. 

हालिया विवाद की शुरुआत 02 मई को हुई थी. उस दिन इज़रायल की जेल में बंद फ़िलिस्तीनी चरमपंथी ख़ादर अदनान की मौत हो गई. अदनान को 05 फ़रवरी 2023 को अरेस्ट किया गया था. उसे पहले भी कई मौकों पर जेल में बंद किया जा चुका था. लेकिन हर बार सज़ा दिए बिना ही छोड़ दिया जाता था. 2011 में भी उसने जेल में 66 दिनों तक भूख हड़ताल की थी. जिसके बाद इज़रायल को अदनान को रिहा करने पर मज़बूर होना पड़ा था.

फ़रवरी 2023 में जब उसे अरेस्ट किया गया, तब भी उसने भूख हड़ताल का रास्ता चुना. लेकिन इस बार उसे रिहा नहीं किया गया. हड़ताल के 87वें दिन उसकी हालत बिगड़ने लगी. 02 मई की सुबह वो अचानक बेहोश हो गया. इज़रायली अधिकारियों का दावा है कि उसे डॉक्टर के पास ले जाने की कोशिश की गई थी. लेकिन उसने डॉक्टर की मदद लेने से मना कर दिया. इसके कुछ देर बाद ही अदनान की जान चली गई.

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जब ये ख़बर बाहर आई तो फ़िलिस्तीन में प्रोटेस्ट शुरू हुए. फ़िलिस्तीन ने आरोप लगाया कि अदनान की हत्या हुई है. कई संगठनों ने इसपर नाराज़गी ज़ाहिर की. सबसे ज़्यादा नाराज़ PIJ थी. इसकी वजह क्या थी?

दरअसल, 2000 के दशक की शुरुआत में अदनान PIJ का प्रवक्ता हुआ करता था. हालांकि, उसने बाद में संगठन से दूरी बना ली. अदनान की वाइफ दावा करती है कि उसने कभी किसी हमले में हिस्सा नहीं लिया.

अदनान की मौत पर PIJ ने इज़रायल को धमकी दी. कहा कि इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. उसी रोज़ इज़रायल की तरफ 104 रॉकेट्स दागे गए. हालांकि, इसमें किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. बदले में इज़रायल ने भी हमला किया. आमतौर पर इस तरह की कार्रवाई बहुत दिनों तक नहीं चलती. और, अगर चलती है तो ये युद्ध में बदल जाता है. जैसा कि मई 2021 में हुआ था. उस समय हुए झगड़े में दो सौ से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

उम्मीद जताई जा रही थी कि हालिया विवाद बहुत आगे तक नहीं जाएगा. लेकिन नेतन्याहू गठबंधन में शामिल दक्षिणपंथी पार्टियों का कहना था कि करारा जवाब देना ज़रूरी है. दूसरी तरफ़, नेतन्याहू के ख़िलाफ़ प्रोटेस्ट भी चल रहा है. इसकी वजह से सरकार कमज़ोर दिख रही थी. इसी माहौल के बीच 09 मई को इज़रायल ने ऑपरेशन शील्ड एंड ऐरो लॉन्च कर दिया. इस ऑपरेशन का निशाना PIJ बनी. 09 मई की सुबह ही इज़रायल डिफेंस फ़ोर्स (IDF) ने भयानक बमबारी की. पहले दिन के हमले में कुल 15 फिलस्तीनी मारे गए. फ़िलिस्तीन का कहना है कि मारे गए लोगों में से अधिकतर आम नागरिक थे. हमले का बदला लेने के लिए PIJ ने भी इज़रायल की तरफ रॉकेट्स से हमला किया, लेकिन इज़रायल के डिफेंस सिस्टम आयरन डोम ने अधिकतर को नष्ट कर दिया. इज़रायल का ऑपरेशन 10 मई को भी जारी रहा. दूसरे दिन 06 लोगों की मौत हुई, जबकि 64 घायल हुए.

आज झगड़े का तीसरा दिन है. जिस समय ये शो रिकॉर्ड हो रहा है, फ़िलिस्तीन में हुई मौतों का आंकड़ा 27 तक पहुंच चुका है. घायलों की संख्या 100 के पार है. IDF दावा कर रही है कि उसने सिर्फ़ और सिर्फ़ PIJ के अड्डों को निशाना बनाया है. लेकिन मानवाधिकार संगठन और फ़िलिस्तीन इसे कोरा झूठ बताकर खारिज कर रहे हैं. मीडिया रपटों के अनुसार, मरने वालों में 4 महिलाएं और 5 बच्चे भी शामिल हैं. फ़िल्सितीन की हेल्थ मिनिस्ट्री ने कहा, इज़रायल के हमले में 5 साल का एक बच्चा पैनिक अटैक से मारा गया. रमल्ला में बतौर डेंटिस्ट काम करने वाले एक रूसी परिवार की हमले में जान चली गई है. डॉक्टर जमाल हुसैन अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ घर पर थे. तभी एक एक मिसाइल उनकी बिल्डिंग पर गिरी. हमले में केवल जमाल की बेटी बच पाई. बाकि सारे लोग मारे गए. आम नागरिकों के अलावा PIJ के कुछ बड़े लीडर्स भी हमलों में मारे गए हैं.  

पहला नाम अली ग़ली का है. अली PIJ के रॉकेट लौन्चिंग यूनिट का कमांडर था. IDF ने एक बयान में कहा है कि ‘अली, इज़रायल की तरफ दागे गए रॉकेटो के लिए सीधा ज़िम्मेदार था. उसका संगठन में बड़ा कद था और वो संगठन का डेली मेनेजमेंट देखा करता था. हमले के समय वो दो आतंकियों के साथ सेफ़ हाउस में छिपा हुआ था. हमले में अली के साथ 2 और आतंकी मारे गए हैं’

इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि- ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. हम हमास और फिलिस्तीनियों पर नजर बनाए हुए हैं. वो छिप नहीं सकते. उन पर कब और कहां हमला करना है ये हम तय करेंगे. साथ ही ये लड़ाई कब खत्म होगी इसका फैसला भी इज़रायल ही करेगा.

आप शुरुआत से फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद (PIJ) का नाम सुनते आ रहे हैं. अब इस संगठन के बारे में थोड़ा सा जान लीजिए.
PIJ 1980 के दशक में बनाया गया था. इसकी शुरुआत ईजिप्ट में पढ़ने वाले फिलिस्तीनी लड़कों ने की थी. ये लोग वेस्ट बैंक, गाज़ा और इज़रायल के कब्जे वाले इलाकों में फिलिस्तीन बनाना चाहते हैं. इज़रायल का कहना है कि इस संगठन को ईरान का समर्थन मिला हुआ है. 

PIJ, फिलिस्तीन का दूसरा ऐसा बड़ा संगठन है जो हथियार के ज़रिए फिलिस्तीन का मसला हल करना चाहता है. सबसे बड़ा संगठन हमास को माना जाता है. हमास अभी इस लड़ाई में नहीं कूदा है. लेकिन आशंका यही जताई जा रही है कि वो भी इस हमले में शामिल हो सकता है. जानकारों का कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो इसका नतीजा बुरा होगा. और, ये जंग और भयानक होगी.

इस समय जो अपडेट्स आ रही हैं, उससे यही संकेत मिल रहे हैं कि झगड़ा और बढ़ेगा. क्या अपडेट्स हैं?

- इज़रायल के रक्षामंत्री योआव गलांत ने IDF को और हमलों के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है.
- नेतन्याहू ने अपने सिक्योरिटी एडवाइजर्स के साथ आपातकालीन बैठक बुलाई है. इसमें आगे की कार्रवाई का खाक़ा तैयार किया जाएगा.
- नेतन्याहू सरकार के मंत्रियों ने साफ़ कर दिया है कि संघर्षविराम की ख़बरें भ्रामक हैं. PIJ को किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी.

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