हमारे ग्रंथों में सिर्फ एक ही औरत है, जिसे मैं उसकी बुद्धि, काव्यशास्त्र और किस्सागोई के लिए याद करती हूं. वो है अवैय्यर, जिसने गणेश से अपनी युवावस्था में ही कहा था की वो उसे इतना बूढ़ा बना दें, कि पुरुष उसकी तरफ न देखें. मगर जिन्हें हमारे इतिहास की सबसे ताकतवर औरतें माना गया हैं, उन्होंने असल में कभी अपने बौद्धिक कौशल का प्रयोग किया ही नहीं. हमेशा दूसरों की सुनती रहीं. फिर भी इन्हें महान माना गया है.
1. माधवी
माधवी को ये आशीर्वाद प्राप्त है कि वो केवल लड़कों को जन्म देगी, वो लड़के जो बड़े होकर बड़े योद्धा बनेंगे, बड़े-बड़े राज्य जीत लेंगे. और हां, हर बच्चे के पैदा होने के बाद उनकी वर्जिनिटी वापस आ जाएगी! माधवी की कहानी तब शुरू होती है जब गालव उनके गुरु विश्वकर्मा को गुरुदक्षिणा में काले कान वाले 800 सफ़ेद घोड़े देने का वादा करते हैं. जब गालव राजा ययाति के पास उनके 800 घोड़े लेने जाते हैं, ययाति घोड़ों के बजाय अपनी बेटी देने का ऑफर देते हैं. चूंकि ययाति के पास खुद के घोड़े नहीं थे, वो सुझाते हैं कि माधवी का ब्याह एक ऐसे राजा से कर दिया जाए जो 800 घोड़े दे सके. लेकिन ऐसा कोई एक राजा मिला ही नहीं जिसके पास काले कान वाले 800 सफ़ेद घोड़े मिल जाएं. इसलिए गालव ने माधवी की तीन राजाओं से शादी की. हर एक ने बदले में 200 घोड़े दिए. गालव ने विश्वामित्र को 600 घोड़े दिए. और 200 घोड़ों के बदले उनका भी माधवी पर अधिकार हो गया.इस कहानी में कुछ भी ऐसा नहीं है जो न्यायपूर्ण हो. माधवी, जाने कितनी ही और औरतों की तरह एक प्रॉपर्टी बन गईं, जिसे वस्तु की तरह एक से दूसरे पुरुष के हाथों में दिया गया. माधवी का बस एक ही काम था, बच्चे पैदा करना. और वो भी सिर्फ लड़के. लेकिन हम माधवी को एक शक्तिशाली औरत के तौर पर देखते आए हैं, सिर्फ इसलिए कि अंत में वो सबकुछ छोड़ कर संन्यासिनी बन जाती है. ये कैसी शक्ति है? शक्ति तो तब होती जब वो अपने पिता के खिलाफ बगावत कर देती. माधवी के चित्रण में उसे न ही दिमाग दिया गया है, न आवाज़. वो लगातार अत्याचार सहती है और इसे हम नारी शक्ति का नाम देते हैं. माधवी की खुद भी कोई च्वॉइस, राय या मर्जी हो सकती है, ये बात लिखना जरूरी नहीं समझा गया. बार बार उसके गर्भाशय का सौदा हुआ.
2. सीता
जो यहां परेशान करने वाली बात है, वो सिर्फ ये नहीं है कि सीता को जबरन एक वस्तु की तरह उठाकर ले जाया गया, बल्कि ये भी है कि उन्हें बिना किसी वजह अपनी पवित्रता का सबूत देना पड़ा. इतना ही नहीं, लक्ष्मण के हाथों खींची गई रेखा ही ये बता देती है कि एक देवी होते हुए भी सीता पुरुष के हाथों कंट्रोल की जाती रहीं. वही रेखा, जिसे पार करने के बाद उनके चरित्र पर सवाल उठाए गए.
source: my god pictures
3. द्रौपदी
द्रौपदी तो वस्तु थीं, जो पासों के खेल में दांव पर लगीं और हारी गईं. दुर्योधन का मजाक उड़ाने के बाद कौरवों के हाथों भरी सभा में उनका चीरहरण हुआ. द्रौपदी हमारे ग्रंथों की उन चंद औरतों में हैं जिन्होंने अपने क्रोध को दिखाया, बदले की भावना दिखाई. लेकिन द्रौपदी का अंत भी दुखद हुआ. जब पांडव हिमालय पर चढ़ाई करते हैं, द्रौपदी उनमें से गिरकर नरक जाने वाली पहली व्यक्ति होती हैं. द्रौपदी में एक ताकतवर औरत जैसा कुछ भी नहीं था. उसकी शादी 5 पुरुषों से हुई, जिनमें से एक भी उन्हें कौरवों से बचा नहीं पाया.
source: the hindu perspective
4. अहिल्या
गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या को दुनिया की सबसे खूबसूरत औरतों में एक माना गया. इतना, कि इंद्र उनसे आकर्षित को गए. इतने आकर्षित की गौतम ऋषि का रूप लेकर अहिल्या के साथ छल किया. जब गौतम को मालूम पड़ा कि उनकी पत्नी अहिल्या ने किसी और व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाए, उन्होंने अहिल्या को पत्थर बन जाने का शाप दिया. जबतक भगवान राम आकर अहिल्या पर अपने चरण नहीं रखते, वो शाप से मुक्त नहीं हो सकती थीं.अहिल्या के प्रायश्चित की मिसालें दी जाती हैं. लेकिन ज़रा सोचिए, अहिल्या का स्थान क्या था. उसका रेप हुआ, फिर उसे उसी के रेप की सजा दी गई. सजा इंद्र को भी मिली. उनके शरीर में एक हजार योनियां उग आईं और उनके अंडकोश गायब हो गए. मगर प्रायश्चित के बाद वो योनियां आंखें बन गईं. इंद्र को तो नया जीवन मिल जाता है, मगर अहिल्या फिर से पति की सेवा में वापस चली जाती है.
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ये सभी कहानियां हमें ये बतातीं हैं कि औरतों की पहचान महज इस बात से की जाती रही है कि उनके कितने सेक्स पार्टनर हैं. और उनकी महानता बच्चे पैदा करने से तय होती आई है. बच्चा किसका है, औरत वर्जिन है या नहीं और 'चरित्र' की संकीर्ण परिभाषा की वजह से औरतों पर रोक लगती आई है. और उन्हें पुरुषों से कमतर आंका जाता गया है. ये कहना न होगा कि आज भी हम इसे देख रहे हैं.
आज भी किसी के परिवार से बदला लेना हो, तो उसकी बहन या पत्नी का रेप कर देते हैं. क्योंकि उन्हें 'प्रॉपर्टी' मानते हैं और उनकी 'पवित्रता' को घर की इज्जत माना जाता है. कुछ अदृश्य रेखाएं हैं, जो औरतों के इर्द-गिर्द खींच दी गई हैं. इन रेखाओं को वो पार करती हैं तो उन्हें सजा मिलती है. रेखा छोटी हो सकती है, जैसे दोस्त के साथ बाहर जाना और सजा बड़ी हो सकती है, जैसे निर्भया का रेप हो जाना.
ये आर्टिकल विचित्रा अमरनाथन ने डेली ओ के लिए अंग्रेजी में लिखा था.
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