The Lallantop

जब पीयूष मिश्रा ने कहा, 'मेरे स्ट्रगल को रोमांस के साथ मत पेश करो!'

पीयूष खुद कहते हैं, 'मैं अगर बम्बई आकर एक्टर नहीं बना होता, तो कहीं शराब पीकर, खुद को लहू-लुहान कर मर गया होता'.

Advertisement
post-main-image
फोटो - thelallantop
होनी और अनहोनी की परवाह किसे है मेरी जां हद से ज़्यादा ये ही होगा कि यहीं मर जायेंगे हम मौत को सपना बता के उठ खड़े होंगे यहीं और होनी को ठेंगा दिखा कर खिलखिलाते जायेंगे
होनी को सचमुच ठेंगा दिखा गर्त से निकल कर आज एक सितारा बन चुके हैं पीयूष मिश्रा. पीयूष खुद कहते हैं कि मैं अगर बम्बई आकर ऐक्टर नहीं बना होता तो कहीं शराब पीकर, खुद को लहू-लुहान कर मर गया होता.
piyush mishra
Piyush at the event

पीयूष मिश्रा जिन्हें आज लोग जानते हैं गुलाल के लिए, गैंग्स ऑफ़ वासेपुर के एकमात्र दिमाग खपाने वाले कैरेक्टर के लिए. पीयूष मिश्रा को प्यार मिला हुस्ना से. हुस्ना एमटीवी कोक स्टूडियो पे पहली बार पीयूष मिश्रा के साथ आया (आयी?) था. जिसे सुनते हुए खुद का गला भर जाता हुआ मालूम देता है.
https://www.youtube.com/watch?v=4zTFzMPWGLs
लेकिन इन सबसे बिलकुल इतर है पीयूष मिश्रा की जर्नी. जर्नी वहां तक जहां आप इनसे मिलना चाहते हैं, इनके साथ सेल्फी खींचना चाहते हैं. पीयूष के मुताबिक अपने दिनों में ये एक पापी और नीच किस्म के इंसान हुआ करते थे. वहां से यहां तक का सफ़र अपने आप में कितना कुछ समेट के चल रहा होगा, इसका हम सभी सिर्फ अंदाज़ा ही लगा सकते हैं.
मोतीलाल कॉलेज, डेल्ही यूनिवर्सिटी का साउथ कैम्पस में मुझे मौका मिला मिलने का. केमिस्ट्री डिपार्टमेंट का एक छोटा सा इवेंट जिसमें बमुश्किल 60-70 स्टूडेंट्स शामिल थे, और उनके बीच थे पीयूष मिश्रा. हर कोई यही कह रहा कि इतने छोटे इवेंट में भी पीयूष मिश्रा चले आये? पीयूष ने इस बात का खुद ही जवाब भी दे दिया था - "मैं स्टूडेंट्स को कभी मना नहीं कर पाता और न ही उनके इवेंट्स में मैं पैसे लेता हूं." हमारे कुल्हाड़ी कुलदीप सरदार ने पीयूष से बातचीत की. और हम लाये हैं उस बातचीत के कुछ पार्ट्स आपके लिए. Piyush Mishra
ये सवाल पूछने पर कि एनएसडी से निकले थियेटर में रमे पीयूष मिश्रा और अब उस पीयूष मिश्रा जिससे कि ऑटोग्राफ मांगा जाता है, में क्या अंतर आया है, उनमें एक अजब सा एक्साइटमेंट आ जाता है. वो शुरुआत करते हैं अपने साथ हमेशा रहने वाली हारमोनियम से. बताते हैं कि कोक स्टूडियो में इतनी साउंड इंजीनियरिंग और बाकी के तीम-झाम देखकर उनके हाथ पांव कैसे फूल गए थे. साथ ही अनुराग कश्यप के बारे में भी बताया. अनुराग जिन्हें पीयूष मिश्रा शायद सबसे ज़्यादा गरियाते, लतियाते हैं, पीयूष मिश्रा के सामने ही कुछ नहीं से बहुत कुछ बन गए. https://www.youtube.com/watch?v=FvaE4Vjrvh4
पीयूष के गानों में सुनसान गली के नुक्कड़ पर कोई कुत्ता चीख-चीख कर रो रहा होता है, तो कभी लाशें ज़िन्दा हो जागने लगती हैं और मुर्दे अपनी जिंदगियां खोने लगते हैं. बॉलीवुड के गानों में अब तक सिर्फ़ लोग एक दूसरे को दिल ही दे पाते थे या शादी के दिन नज़दीक आने पर अपनी मंगेतर को पर्दा करने की सलाह दे रहे होते थे. ऐसे में अपने लिरिक्स से पीयूष एक एलियन बनकर आये. इस नए-पन पर उनके काफ़ी खालिस विचार थे. हर किसी की इमेजिनेशन से उल्टा, उन्होनें कहा कि अपने लिखने के पीछे वो ज़्यादा दिमाग नहीं खपाते. https://www.youtube.com/watch?v=nfNw58_L7WM
फिल्मों में मोरालिटी पर बड़े ही स्पष्ट हैं पीयूष. पीयूष को फिल्मों में गाली-गलौज, सेक्स वगैरह कतई पसंद नहीं है. उनके हिसाब से फिल्में वो बननी चाहिए जो मां-बाप के साथ बेटे-बेटियां देख सकें. https://www.youtube.com/watch?v=wAXrzodeOl8
पीयूष को करीब से जानने वाले ये जानते हैं कि कभी वो एक नास्तिक हुआ करते थे. जो उन्हें बहुत करीब से जानते हैं उन्हें मालूम है कि वो नास्तिक और लेफ्टिस्ट होने का सिर्फ़ ढोंग करते थे. पीयूष का भगवान में विश्वास है या नहीं, है तो क्यूं नहीं वो इनके कैरक्टर और गानों में दिखता है, और अगर नहीं है तो क्यूं नहीं. इन सब पर पीयूष-
https://www.youtube.com/watch?v=m3oSppKLXi4
पीयूष से हुस्ना के बारे में बात न की जाए तो मुलाक़ात बेकार ही है. लोगों को लगता है कि हुस्ना सचमुच की कोई लड़की थी पीयूष के जीवन में. लोग उनसे उसके हाल-चाल पूछते हैं. अब कहां है वो, पूछते हैं. हुस्ना की लाइफ स्टोरी सुनने में शायद सबसे ज़्यादा मज़ा आता है.
https://www.youtube.com/watch?v=IWzQawLKEuU


अपने फेवरेट स्टार से मिलो, चिकोलाइट मज़ा लो, नि:शुल्क! साहित्य आजतक के प्रोग्राम में

लल्लनटॉप कहानी लिखो और 1 लाख रुपए जीतो

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement