वेस्ट एशिया में बिगड़ते हालात का असर सीधा भारत के रसोईघरों पर पड़ रहा है. घरेलू गैस के संकट के बीच शनिवार, 14 मार्च को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ऐलान किया कि अब से पाइपलाइन वाली गैस का इस्तेमाल करने वाले परिवार LPG गैस सिलेंडर नहीं रख सकेंगे. मंत्रालय ने पाइपलाइन नेचुरल गैस यानी पीएनजी इस्तेमाल करने वाले लोगों को एलपीजी लेने, रखने और उसे रिफिल करवाने पर रोक लगा दी है. साथ ही कहा गया है कि अगर ऐसे लोगों के पास LPG गैस सिलेंडर हो तो वो उसे सरेंडर कर दें.
LPG संकट के बीच पाइपलाइन कनेक्शन वालों के लिए सरकार ने क्या आदेश जारी किया?
जिन भी परिवारों को पास PNG कनेक्शन होने के साथ LPG कनेक्शन है, वो अब इसका इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. और ना ही किसी सरकारी तेल कंपनी या उसके डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए घरेलू LPG सिलेंडर रिफिल करवा सकेगें.


टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि जिन भी परिवारों को पास PNG कनेक्शन होने के साथ LPG कनेक्शन है, वो अब इसका इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. और न ही किसी सरकारी तेल कंपनी या उसके डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए घरेलू LPG सिलेंडर रिफिल करवा सकेेंगे.
भारत सरकार के गजट के मुताबिक, मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किया कि पाइप्ड प्राकृतिक गैस कनेक्शन और घरेलू एलपीजी दोनों ही कनेक्शन रखने वाला कोई भी व्यक्ति अब घरेलू एलपीजी कनेक्शन नहीं रखेगा. या किसी भी सरकारी तेल कंपनी से या उनके वितरकों से घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का रिफिल नहीं प्राप्त करेगा. ऐसे व्यक्तियों को जिनके पास पीएनजी और एलपीजी दोनों ही कनेक्शन हैं, उन्हें अपने घरेलू एलपीजी कनेक्शन को तत्काल वापस करना होगा.
आदेश में आगे कहा गया है कि पाइप्ड प्राकृतिक गैस कनेक्शन रखने वाले किसी भी व्यक्ति को घरेलू एलपीजी का नया कनेक्शन भी नहीं मिलेगा.
मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने वेस्ट एशिया के जंगी हालातों के चलते फ्यूल सप्लाई की लेकर फैली चिंताओं पर भी बात की. शर्मा ने बताया कि भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है. साथ ही देश भर की रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं. उन्होंने आगे बताया कि रिटेल आउटलेट्स पर फ्यूल की कोई कमी रिपोर्ट नहीं की गई है.
बता दें कि बीते 28 फरवरी को अमेरिका इजरायल ने ज्वॉइंट ऑपरेशन के तहत ईरान पर हमला कर दिया था. इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई थी. जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई के तहत पूरे खाड़ी के कई देशों पर हमला कर दिया. साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी बंद कर दिया. जिससे ज्यादातर फ्यूल और गैस की जहाजें गुजरती है.
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वहीं, बीती 9 मार्च को बांग्लादेश सरकार ने देश में ऊर्जा और तेल की खपत को कम करने के लिए सभी एजुकेशनल इंस्टिट्यूट को अगले आदेश तक बंद करने का ऐलान कर दिया है. साथ ही पाकिस्तान ने भी अपने देश में बिजली की खपत करने के लिए वर्क फ्रॉम होम का ऐलान जारी किया था.
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