प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी को रोके जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया. इस वजह से वे संगम में स्नान नहीं कर पाए. मेला प्रशासन की तरफ से उन्हें नोटिस जारी करने के बाद ये घटना कानूनी और धार्मिक विवाद में तब्दील हो गई. नोटिस में 2022 के सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला दिया गया था. ये कौन-सा आदेश था? जानने के लिए देखें वीडियो.
अविमुक्तेश्वरानंद ने खुद को शंकराचार्य साबित करने के नोटिस पर क्या कहा?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद संगम में स्नान नहीं कर पाएं.
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