नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है. मृतक की कार घने कोहरे में छिपे एक पानी से भरे प्लॉट में गिर थी. कई घंटों तक वे वहां फंसे रहे. मगर जब उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी. इस घटना ने प्रशासन की लापरवाही को दिखाती है. इस वीडियो में जानिए कि सेक्टर 150 में ड्रेनेज रेगुलेटर का प्लान पहली बार 2015 में आया था. मगर एक दशक बाद तक भी फाइलें नोएडा प्राधिकरण और सिंचाई विभाग के बीच अटकी रही.
Noida Engineer Death: इंजीनियर की मौत के बाद ड्रेनेज सिस्टम पर किन अफसरों की लापरवाही सामने आई?
मृतक की कार घने कोहरे में छिपे एक पानी से भरे प्लॉट में गिर गई थी.
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