पश्चिम बंगाल के नादिया जिले की पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से एक 38 साल से फरार चल रहे रेप के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी बुधदेव हालदार को मथुरा जिले के वृंदावन के पानी घाट इलाके से पकड़ा गया है. गिरफ़्तारी से बचने के लिए आरोपी इतने सालों से साधु का वेश धरकर रह रहा था. अब उसे कोर्ट में पेश कर पश्चिम बंगाल भेज दिया गया है.
38 साल से फरार चल रहा रेप आरोपी, वृंदावन में साधु बनकर रह रहा था, पुलिस ने यूं धरा
पश्चिम बंगाल पुलिस ने 38 साल से फरार चल रहे रेप आरोपी बुधदेव हालदार को उत्तर प्रदेश के मथुरा से गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि आरोपी वृंदावन में साधु बनकर रह रहा था. पुलिस ने हालदार को अरेस्ट कर बंगाल भेज दिया है.

आजतक से जुड़े मदन गोपाल शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला 1988 का है. बुधदेव हालदार की उम्र 70 साल है. उस पर आरोप है कि उसने एक युवती का अपहरण किया था और फिर उसके साथ रेप किया. रेप के बाद वो पश्चिम बंगाल से फरार हो गया. उसके बाद वो मथुरा जिले के वृंदावन में आ गया. उसने यहां के पानी घाट इलाके में किराए पर एक मकान लिया और भीख मांगकर अपना जीवन काटने लगा.
पुलिस को 38 सालों बाद इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद उसे पकड़ने की योजना बनाई गई.
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पुलिस ने कैसे पकड़ा?पश्चिम बंगाल पुलिस को एक सूचना मिली थी. जिसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस से मदद मांगी. पुलिस ने कोर्ट से वारंट जारी करवाया और मथुरा पुलिस की मदद से 7 सितंबर को बुधदेव हालदार को गिरफ्तार कर लिया. बताया गया कि आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. आरोपी ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वो परिक्रमा मार्ग में भीख मांगकर गुजारा कर रहा था.
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया और अब कोर्ट के आदेश पर उसे ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल भेज दिया गया है. ट्रांजिट रिमांड का मतलब है किसी आरोपी को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए अदालत से मिली अस्थायी हिरासत की अनुमति.
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