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"एनिमल चल गई तो..." - रणबीर की फिल्म पर क्या बोल गईं करीना कपूर?

तिग्मांशु धूलिया की मानें तो आज-कल के एक्टर्स बाल-दाढ़ी बढ़ाकर राक्षस बन गए हैं.

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'एनिमल' ने बॉक्स ऑफिस पर 915 करोड़ रुपए कमाए थे.

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  • अभिनेत्री करीना कपूर खान ने कहा कि फिल्म 'एनिमल' की सफलता ने इंडस्ट्री में हिंसक फिल्मों के ट्रेंड को बढ़ावा दिया है और अन्य फिल्म निर्माता उसी तरह की हिंसा की नकल कर रहे हैं।
  • फिल्म उद्योग में 'एनिमल' और 'बाहुबली' जैसी फिल्मों की सफलता के बाद से हिंसक और गुस्सैल किरदारों वाली फिल्मों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे विविधता में कमी आई है।
  • करीना कपूर खान के अनुसार, दर्शक अब फिल्मों को ट्रेलर देखकर अधिक समझदारी से चयन करते हैं, जिससे फिल्म निर्माता नए और अलग विषयों को अपनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।

पिछले कुछ सालों से इंडस्ट्री में वॉयलेंट फिल्मों की बहुतायत हो गई है. लोग इसका श्रेय Ranbir Kapoor की Animal को देते हैं. वो फिल्म ब्लॉकबस्टर रही. मगर उसके बाद आई सेम पैटर्न की ज्यादातर हिंसक फिल्मों को खास सक्सेस नहीं मिली. Kareena Kapoor Khan की मानें तो फिल्म इंडस्ट्री में सब भेड़चाल में रहते हैं. मगर ऑडियंस बहुत स्मार्ट हो चुकी है.

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करीना इन दिनों अपनी अपकमिंग मूवी 'दायरा' को प्रमोट कर रही हैं. इस सिलसिले में उन्होंने यूट्यूब चैनल युवा को एक इंटरव्यू दिया. बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि 'एनिमल' की सक्सेस ने फिल्म इंडस्ट्री के ट्रेंड को झटके से बदल दिया. इस वजह से दूसरे फिल्ममेकर्स ओरिजिनल आइडिया की जगह उसी तरह के वॉयलेन्स की नकल करने में लगे हुए हैं. करीना कहती हैं,

"हम जितना सोचते हैं, ऑडियंस उससे कहीं ज्यादा स्मार्ट है. उन्हें अच्छी तरह पता है कि कौनसी फिल्म बढ़िया है और उन्हें क्या देखना है. तो आज बात सिर्फ एक यंग लव स्टोरी की नहीं है. ये सब चीजें अब पुरानी लगने लगी हैं. अभी वॉयलेन्स चल रहा है. एनिमल चल गई तो सबने सोचा कि चलो वॉयलेन्स कर लेते हैं."

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करीना आगे जोड़ती हैं,

"हमारे अंदर भेड़चाल वाली मानसिकता है. लेकिन कुछ फिल्ममेकर्स ऐसे भी हैं, जो कुछ अलग बनाना चाहते हैं. लोगों को सोचने पर मजबूर करना चाहते हैं. उनकी अपनी अलग फैन फॉलोइंग है. मुझे लगता है कि अब चीजें बदल रही हैं. अब दर्शक ट्रेलर देखकर खुद तय कर लेते हैं कि उन्हें ये फिल्म देखनी है या नहीं. यंग ऑडियंस अब ऐसे सवाल पूछती है, जो सोचने पर मजबूर करे. अब फिल्ममेकर सिर्फ ये कहकर फिल्म नहीं बेच सकते कि ये कॉमेडी है, इसलिए लोग इसे ज़रूर देखने आएंगे. आज हर फिल्म 200 करोड़ या 500 करोड़ रुपए नहीं कमाने वाली."

पिछले दिनों डायरेक्टर तिग्मांशु धूलिया ने भी कुछ इसी तरह की बात कही थी. उनके मुताबिक, आजकल की फिल्मों में नाराज़ और गुस्सैल किरदारों की बढ़ोतरी हो गई है. खून-खराबा बहुत बढ़ गया है. हालांकि वो ये ट्रेंड शुरू करने का श्रेय 'एनिमल' नहीं, बल्कि 'बाहुबली' को देते हैं. उनका कहना है कि उसके बाद से ही ऐसी फिल्में ज्यादा बनने लगीं, जहां लोग एक-दूसरे को मार-काट रहे हैं. बेमतलब खून बहाया जा रहा है. मगर इस तरह की फिल्में लाइन से आ रही हैं और लोग उन्हें पसंद कर रहे हैं. KGF और 'कांतारा' का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आज के हीरो बाल-दाढ़ी बढ़ाकर राक्षस हो गए हैं. ‘रामायण’-'महाभारत' में राक्षस के किरदार ऐसे होते थे. मगर वो सब लोग आज-कल हीरो बन रहे हैं.

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