उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक महिला की मौत के कुछ ही देर बाद उसके पति की हार्ट अटैक से मौत हो गई. घटना के वक्त वो पत्नी के अंतिम संस्कार की तैयारियां कर रहा था. एक ही दिन पति-पत्नी की मौत के बाद गांव के लोगों ने प्रशासन से बच्चों की मदद करने की गुहार लगाई है.
पत्नी की मौत सह नहीं पाया पति, मांग भरते वक्त जान चली गई
सोमवार, 20 जुलाई को पिंकी की तबीयत ज्यादा खराब हो गई. शाम तक उन्होंने दम तोड़ दिया. पत्नी की मौत श्यायमल दास से सह नहीं पाए. परिवार और इलाके के लोगों ने बताया कि वे बिल्कुल टूट गए थे. रातभर घर में कोहराम मचा रहा और श्यामल भी बेसुध पड़े रहे.


मृतक दंपती की पहचान 35 वर्षीय पिंकी और 40 वर्षीय श्यामल दास के तौर पर हुई है. वे दिबियापुर थाना क्षेत्र के मधवापुर गांव के रहने वाले थे. उनके दो बेटे हैं. इंडिया टुडे से जुड़े सूर्य प्रकाश शर्मा के रिपोर्ट के मुताबिक, पिंकी बीते 4 सालों से टीबी की बीमारी से जूझ रही थीं. उनका इलाज कानपुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल से कराया जा रहा था.
सोमवार, 20 जुलाई को पिंकी की तबीयत ज्यादा खराब हो गई. शाम तक उन्होंने दम तोड़ दिया. पत्नी की मौत श्यायमल दास से सह नहीं पाए. परिवार और इलाके के लोगों ने बताया कि वे बिल्कुल टूट गए थे. रातभर घर में कोहराम मचा रहा और श्यामल भी बेसुध पड़े रहे.
अगली सुबह 21 जुलाई को घर में पिंकी के अंतिम संस्कार की तैयारियां होने लगीं. श्यामल को परंपरा के मुताबिक मृत पत्नी की मांग में सिंदूर भरने को कहा गया. लोगों ने बताया कि वो पत्नी की मांग में सिंदूर भर ही रहे थे, तभी उन्हें हार्ट अटैक आ गया जिससे उनकी भी मौत हो गई.
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कपल अपने पीछे 2 बच्चों को छोड़ गया है. परिवार के गरीब होने की वजह से ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि वो बच्चों की मदद करे. उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाए.
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