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मौत से जुड़ा किस्सा सुना रहे थे UP के पूर्व चीफ सेक्रेटरी, मंच पर बोलते-बोलते मौत हो गई

घटना से पहले Dr Shambhu Nath ने कर्ण की कहानी सुनाई. इसके बाद वो मौत से जुड़ा एक किस्सा सुना रहे थे. इस कहानी के सुनाने के कुछ पल बाद ही वो बेहोश होने लगे.

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घटना से पहले मंच पर उपस्थित डॉ. शम्भू नाथ (दाएं से तीसरे). (तस्वीर: इंडिया टुडे)
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आशीष श्रीवास्तव

उत्तर प्रदेश (UP) के पूर्व चीफ सेक्रेटरी और वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार डॉ. शम्भू नाथ (Shambhu Nath) का निधन हो गया. राजधानी लखनऊ में पुस्तक विमोचन के एक कार्यक्रम के दौरान, बोलते-बोलते अचानक उनकी हृदयगति रूक गई और वो मंच पर ही गिर पड़े. कार्यक्रम के पहले मौके पर तालियों की आवाज गूंज रही थी. लेकिन इस घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई. दर्शक और आयोजक स्तब्ध रह गए.

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हिंदी संस्थान सभागार में 30 अगस्त की शाम को आयोजित कार्यक्रम में डॉ. शम्भू नाथ मुख्य अतिथि थे. उनके संबोधन के बीच में ही उनकी सेहत बिगड़ गई. मौके पर मौजूद लोगों ने उनको उठाया और बाहर ले गए. उन्हें सीपीआर देने की कोशिश की गई. फिर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों ने बताया कि हृदयगति रुकने से उनका निधन हुआ है.

मौत से जुड़ा किस्सा सुना रहे थे डॉ. शम्भू नाथ

दैनिक जागरण ने वहां मौजूद लोगों के हवाले से बताया है कि घटना से पहले डॉ. शम्भू नाथ ने कर्ण की कहानी सुनाई. इसके बाद वो मौत से जुड़ा एक किस्सा सुना रहे थे. उन्होंने कहा कि एक राजा को एक बार सपना आया कि कल उसकी मृत्यु होने वाली है. इससे बचने के लिए राजा के मंत्रियों ने कई सलाह दिए. इसके बाद राजा घोड़े पर सवार हुआ और अपने राज्य से दूर एक निर्जन स्थान पर चला गया. लेकिन वो जैसे ही वहां पहुंचा, उसने देखा कि काल वहीं उसका इंतजार कर रहा था. काल ने राजा को देखा तो हंसा और कहा, ‘तुम आ गए! मैं यही सोच रहा था कि तुम यहां आओगे कैसे, क्योंकि तुम्हारी मौत यहीं लिखी है.’

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इस कहानी के सुनाने के कुछ पल बाद ही डॉ. शम्भू नाथ बेहोश होने लगे.

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डॉ. शम्भू नाथ को लेखन का शौक था

वर्तमान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उन्हीं के कार्यकाल (2000-2002) में डॉ. शम्भू नाथ चीफ सेक्रेटरी रहे थे. प्रशासनिक कामों के साथ-साथ उन्हें लेखन का भी शौक था. वो उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के अध्यक्ष भी रहे थे.

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