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CJP से डरीं सरकारें? अब इस राज्य ने कहा छात्रों को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में जाने से रोको

तमिलनाडु की विजय सरकार ने छात्रों को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रोटेस्ट में शामिल होने से रोकने के लिए आदेश जारी किया. आदेश को लेकर भारी विरोध हुआ, तो सरकार ने अपने पैर वापस खींच लिए. जानिए क्या-क्या कहा गया था इस आदेश में.

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TVK सरकार ने छात्रों को प्रोटेस्ट करने से रोकने का आदेश वापस ले लिया है. (फाइल फोटो-इंडिया टुडे)

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  • तमिलनाडु में मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की सरकार ने छात्रों को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में भाग लेने से रोकने वाले आदेश को 19 अगस्त को वापस ले लिया है।
  • यह आदेश तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) सरकार के निर्देश पर 17 अगस्त को कॉलेजिएट शिक्षा विभाग द्वारा जारी किया गया था जिसमें छात्रों को CJP और लेफ्ट विंग के किसी भी प्रदर्शन से भाग लेने से रोकने को कहा गया था।
  • आदेश की वापसी के बाद, संबंधित अधिकारियों को राजनीतिक कार्यक्रमों में छात्रों की भागीदारी को लेकर रिपोर्ट सौंपने की प्रक्रिया बंद कर दी गई है और इस विषय पर होने वाले विवादों को देखते हुए आगे कोई नया निर्देश जारी नहीं किया गया है।

तमिलनाडु में सीएम जोसेफ विजय की सरकार ने उस विवादास्पद आदेश को वापस ले लिया है, जिसमें छात्रों को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रोटेस्ट में शामिल होने से रोका गया था. आदेश में कहा गया था कि छात्रों को तमिलनाडु कॉकरोच जनता पार्टी या लेफ्ट विंग द्वारा कराए गए किसी भी प्रोटेस्ट में शामिल होने से रोका जाए. भारी विरोध के बाद आदेश को वापस ले लिया गया है.

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आदेश में क्या कहा गया था?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, कॉलेजिएट शिक्षा विभाग के डायरेक्टोरेट ने स्कूलों, पुलिस विभाग और जिला प्रशासन को आदेश जारी किया था. आदेश में कहा गया कि जो छात्र या युवा तमिलनाडु CJP के प्रोटेस्ट में हिस्सा ले रहे हैं,  उन्हें रोका जाए और जॉइंट एक्शन लिया जाए. डायरेक्टोरेट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे छात्रों को ऐसे राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होने से रोकें. ये आदेश तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) सरकार के कहने पर जारी किया गया था.   

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स्कूल एजुकेशन और उच्च एजुकेशन को ये आदेश 17 अगस्त को जारी किया गया था जिसे आज 19 अगस्त को ख़ारिज कर दिया गया है. नोटिस जारी होने के बाद छात्रों ने इसका कड़ा विरोध किया. CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास ने इस आदेश को ‘असंवैधानिक’, ‘बेकार’ और ‘तर्कहीन’ बताया है. 

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देश के कई राज्यों में प्रोटेस्ट

रिपोर्ट के मुताबिक, जारी किए गए आदेश में स्कूलों और कॉलेजों को 20 अगस्त तक एक रिपोर्ट सबमिट करने को भी कहा गया था. छात्रों पर लिए गए एक्शन को लेकर ये रिपोर्ट सौंपनी थी.

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ये आदेश तब आया है जब देश के कई राज्यों में जेन-अल्फा और जेन-जी छात्र, शिक्षा को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे हैं. कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से स्कूल ठीक करो कैंपेन चलाया जा रहा है. जिसमें स्कूल की मूलभूत सुविधाओं से लेकर मिड-डे मील में खाने की क्वालिटी तक, स्कूलों से जुड़ा हर मुद्दा उठाया जा रहा है.  

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