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तृषा पर फिर सियासी वार, विजय के साथ वायरल तस्वीरों ने बढ़ाया विवाद

Trisha-Vijay controversy: स्वतंत्रता दिवस समारोह में तृषा कृष्णन की तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के साथ मौजूदगी पर डीएमके के मुखपत्र मुरासोली के हमले से विवाद फिर तेज हो गया है. उदयनिधि स्टालिन की विवादित टिप्पणी, उनकी गिरफ्तारी, विजय की पत्नी संगीता की तलाक याचिका वापस लेने और तृषा की सार्वजनिक कार्यक्रमों में मौजूदगी ने पूरे मामले को फिर चर्चा में ला दिया है.

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विजय और तृषा फिर चर्चा में (फोटो- इंडिया टुडे)

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  • चेन्नई में स्वतंत्रता दिवस समारोह में अभिनेत्री तृषा कृष्णन को मुख्यमंत्री विजय के साथ पहले पंक्ति में बैठा देखा गया, जिससे संबंधित तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
  • तृषा की महाराष्ट्र में कई फिल्मों में सहयोगी रही हैं और राजनीति में विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका निजी संबंध राजनीतिक विवाद का कारण बना है।
  • समारोह में तृषा की उपस्थिति के बाद डीएमके के मुखपत्र मुरासोली ने मुख्यमंत्री विजय पर आरोप लगाते हुए उनके सार्वजनिक आचरण और पद की गरिमा पर सवाल उठाए हैं।

चेन्नई में स्वतंत्रता दिवस का एक सरकारी कार्यक्रम अब तमिलनाडु की सियासत का नया अखाड़ा बन गया है. वजह है अभिनेत्री तृषा कृष्णन की मौजूदगी और मुख्यमंत्री विजय के साथ उनकी वायरल हुई तस्वीरें और वीडियो. 15 अगस्त को फोर्ट सेंट जॉर्ज में हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह में तृषा को पहली पंक्ति में विजय के माता-पिता के साथ बैठे देखा गया. समारोह के दौरान दोनों के बीच सलामी का आदान-प्रदान भी कैमरों में कैद हुआ. इसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हुई और अब डीएमके के मुखपत्र मुरासोली ने इसे लेकर विजय पर तीखा हमला बोला है.

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मुरासोली के संपादकीय में सवाल उठाया गया कि एक सरकारी और बेहद औपचारिक कार्यक्रम में किसी अभिनेत्री को इतनी प्रमुख जगह क्यों दी गई. संपादकीय ने विजय के व्यवहार को लेकर बेहद तीखी भाषा इस्तेमाल की और इसे पद की गरिमा से जोड़ दिया. यानी निशाना सिर्फ तृषा की मौजूदगी पर नहीं था, बल्कि मुख्यमंत्री के तौर पर विजय के सार्वजनिक आचरण पर था.

दिलचस्प बात ये है कि तृषा और विजय को लेकर चर्चा कोई नई कहानी नहीं है. दोनों तमिल सिनेमा की चर्चित जोड़ियों में रहे हैं. दोनों ने घिल्ली, थिरुपाची, आधी, कुरुवी और लियो जैसी फिल्मों में साथ काम किया है. लेकिन राजनीति में विजय के आने और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके निजी समीकरणों से जुड़ी हर तस्वीर का राजनीतिक मतलब निकाला जाने लगा है.

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विजय के शपथ ग्रहण में तृषा

मई में विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी तृषा मौजूद थीं. इंडिया टुडे के मुताबिक वो अपनी मां उमा कृष्णन के साथ समारोह में पहुंची थीं. वहां उन्होंने विजय की मां शोभा चंद्रशेखर से मुलाकात की और दोनों के गले मिलने की तस्वीरें भी सामने आई थीं. विजय के भाषण के दौरान तृषा के भावुक होने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था.

उस समय भी तृषा की मौजूदगी को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठे थे. अगले दिन उन्होंने इंस्टाग्राम पर "The love is always louder" लिखकर तस्वीरें साझा की थीं. हालांकि विजय और तृषा ने अपने रिश्ते को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है. इसलिए सोशल मीडिया की अटकलों को तथ्य मानना ठीक नहीं होगा.

विजय का तलाक केस

मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि इसी साल विजय की पत्नी संगीता सोर्नालिंगम ने तलाक की याचिका दायर की थी. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक याचिका में उन्होंने कथित विवाहेतर संबंध, मानसिक क्रूरता, उपेक्षा और वैवाहिक अलगाव जैसे आरोप लगाए थे. याचिका में कथित दूसरी महिला का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं बताया गया था. इसलिए तृषा को उस मामले में सीधे तौर पर जोड़ना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा.

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इस मामले में सबसे बड़ा अपडेट 7 अगस्त को आया, जब संगीता ने चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में अपनी तलाक याचिका वापस ले ली. अदालत ने याचिका वापस लेने की अनुमति दी और मामला बंद हो गया. इसके बाद विजय और तृषा को लेकर चल रही पुरानी चर्चाओं को फिर हवा मिली, लेकिन तलाक याचिका वापस लेने के कारणों को लेकर सार्वजनिक रूप से किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.

जब उदयनिधि हुए गिफ्तार

इसके ठीक बीच 4 अगस्त को डीएमके नेता और तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की तृषा को लेकर कथित डबल मीनिंग टिप्पणी ने अलग विवाद खड़ा कर दिया था. तंजावुर में कावेरी मुद्दे पर एक सभा के दौरान की गई टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया. बाद में पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया. उदयनिधि ने अपनी टिप्पणी का बचाव करते हुए कहा कि उनके बयान को काटकर और अलग संदर्भ में पेश किया गया.

यानी पिछले कुछ हफ्तों में तृषा का नाम तमिलनाडु की राजनीति में बार बार खिंचता चला गया है. पहले उदयनिधि की टिप्पणी, फिर गिरफ्तारी, उसके बाद विजय की पत्नी की तलाक याचिका की वापसी और अब स्वतंत्रता दिवस समारोह में तृषा की मौजूदगी. इन घटनाओं ने एक निजी और फिल्मी चर्चा को राजनीतिक हथियार में बदल दिया है.

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डीएमके का चारित्रिक अटैक

विवाद का सबसे नया पहलू यही है कि डीएमके अब सीधे विजय की राजनीतिक छवि पर निशाना साध रही है. मुरासोली का हमला बताता है कि तृषा की मौजूदगी को विपक्ष सिर्फ ग्लैमर या सोशल मीडिया की खबर के तौर पर नहीं देख रहा, बल्कि उसे मुख्यमंत्री के सार्वजनिक आचरण और पद की मर्यादा के सवाल से जोड़ रहा है. दूसरी तरफ विजय और तृषा की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई सार्वजनिक सफाई सामने नहीं आई है.

फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि तस्वीरें और वीडियो भले वायरल हों, लेकिन उनसे किसी निजी रिश्ते का निष्कर्ष निकालना अलग बात है. राजनीतिक आरोप और निजी जिंदगी के बीच की रेखा जितनी धुंधली होगी, विवाद उतना ही बड़ा होता जाएगा. और तमिलनाडु की राजनीति में विजय के नए दौर के साथ तृषा का नाम अब इसी विवाद की सबसे चर्चित कड़ी बन चुका है.

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: उदयनिधि ने गिरफ्तारी के बाद CM विजय पर क्या कहा?

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