महाराष्ट्र के ठाणे में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की मौजूदगी वाले एक कार्यक्रम में ‘गलत’ वंदे मातरम् बज गया. कार्यक्रम के आयोजकों ने राष्ट्रगीत की जगह लता मंगेशकर के प्राइवेट एल्बम वाला ‘वंदे मातरम्’ गाना बजा दिया. दिलचस्प बात ये है कि वहां मौजूद लोगों ने इसे रोकने की भी कोशिश नहीं की और इसे ही राष्ट्रगीत मानकर सावधान की मुद्रा में खड़े रहे. एकनाथ शिंदे को जरूर कुछ देर के लिए लगा कि ये ‘गलत कैसेट लग गया है’. लेकिन वह भी कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखने के लिए सावधान की मुद्रा में खड़े ही रहे. इस दौरान लता मंगेशकर का गाना 4 मिनट तक पूरा बजा. इस चूक के लिए एकनाथ शिंदे ने माफी मांगी है.
एकनाथ शिंदे वंदे मातरम् के लिए खड़े हुए, कार्यक्रम में बजा लता मंगेशकर का एल्बम सॉन्ग
ठाणे के सरकारी कार्यक्रम में राष्ट्रगीत की जगह लता मंगेशकर का ‘वंदे मातरम’ गाना बज गया, जबकि मंच पर एकनाथ शिंदे समेत सभी लोग सावधान की मुद्रा में खड़े थे. करीब चार मिनट बाद गाना खत्म हुआ तो कार्यक्रम आगे बढ़ा और शिंदे ने इस चूक के लिए माफी मांगते हुए दोबारा ऐसी गलती न होने की हिदायत दी.

महाराष्ट्र का ठाणे शहर. यहां एक सरकारी कार्यक्रम था. मंच पर बैठे गणमान्य जन के केंद्र में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे थे. कार्यक्रम शुरू हुआ. जैसा केंद्र सरकार का आदेश है. हर सरकारी कार्यक्रम की शुरुआत में और आखिर में राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के साथ वंदे मातरम् गाना अनिवार्य है. लिहाजा, संचालक ने अनाउंस किया. सब लोग राष्ट्रगीत गाने के लिए खड़े हो जाएं. शिंदे समेत सभी लोग खड़े हो गए. फिर अनाउंसमेंट हुआ कि वंदे मातरम् शुरू किया जा रहा है. सब सावधान हो जाएं. सब सावधान भी हो गए.
इसके बाद तेज ध्वनि वाले स्पीकर पर ‘वंदे मातरम्’ बजा दिया गया. वंदे मातरम् बजा तो एकनाथ शिंदे समेत कई लोगों की भाव-भंगिमा बदल गई. कुछ पल के लिए पूरे मंडप में माहौल असहज हो गया. ये तो कुछ अलग है. इसमें ‘सुजलां-सुफलां’ तो है लेकिन ये वो राष्ट्रगीत वाला वंदे मातरम् तो नहीं है. गीत आगे बढ़ा तो पता चला कि ये तो लता मंगेशकर का गाना है. वंदे मातरम् के नाम पर कार्यक्रम के आयोजकों ने लता मंगेशकर का गाना ‘जाना है तारों से भी आगे, अब ना रुकेंगे हम' वाला 'वंदे मातरम्’ लगा दिया था.
3 मिनट 10 सेकेंड वंदे मातरम् को गाने में समय लगता है, लेकिन ये वंदे मातरम् 4-5 मिनट तक बजता रहा. किसी ने बीच में हस्तक्षेप नहीं किया और मंच से लेकर सभा में मौजूद लोगों तक सभी अपनी जगह खड़े रहे. लोग गाना खत्म होने का इंतजार करते रहे. इस दौरान एकनाथ शिंदे के चेहरे के भाव देखकर भी लगा कि उन्हें कार्यक्रम में हुई गड़बड़ी का एहसास हो गया था. इसके बावजूद उन्होंने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखते हुए बाकी लोगों के साथ खड़े रहे.
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इंडिया टुडे से जुड़े दीपेश त्रिपाठी की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम में वंदे मातरम् के लिए पहले से तैयारी की गई थी, लेकिन तकनीकी या संचालन संबंधी गलती के कारण उसकी जगह दूसरा गीत चला गया. करीब चार मिनट बाद जब गाना खत्म हुआ, तब कार्यक्रम को तय तरीके से आगे बढ़ाया गया.
घटना के बाद एकनाथ शिंदे ने मंच से इस चूक के लिए माफी मांगी. उन्होंने संबंधित अधिकारियों और आयोजकों को आगे ऐसी गलती दोबारा न होने देने की हिदायत भी दी.
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