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2026 में छंटनी का तूफान, नौकरियां छीनने में अमेरिका टॉपर, भारत की रैंकिंग क्या है?

दुनिया भर में AI और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल के चलते 2026 के पहले छह महीनों में ही 1.28 लाख टेक कर्मचारियों की छंटनी हो चुकी है, जो पूरे 2025 के आंकड़े से अधिक है. सबसे ज्यादा असर अमेरिका पर पड़ा है.

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टेक कंपनियों से 1 लाख से अधिक लोगों से निकाल दिया है (PHOTO- KRDO)

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  • 2026 के पहले 6 महीनों में AI के कारण टेक सेक्टर में 1.28 लाख कर्मचारियों की छंटनी हुई, जो 2025 के पूरे साल की छंटनी से अधिक है।
  • AI और ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाने के कारण कंपनियां अपने वर्कफोर्स को पुनर्गठित कर रही हैं, जिससे नौकरियों की संख्या कम हो रही है।
  • AI से हुई छंटनियों का प्रभाव मुख्य रूप से अमेरिका में रहा है, जहां कुल छंटनियों का 71.33 प्रतिशत हिस्सा है, जबकि भारत 7.16 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI पूरी दुनिया में ‘नई क्रांति’ ला रहा है. सही से कमांड दिया जाए तो ये घंटों का काम मिनटों में निपटा देता है. ऐसे में यह ढेर सारी कम्पनियों का चहेता बनता जा रहा है लेकिन इसकी वजह से लोगों की नौकरियां खतरे में आ रही हैं. अब ये AI का असर है या कंपनियों की अपना खर्च घटाने की मजबूरी, लेकिन 2025 के पूरे साल भर के मुकाबले 2026 के 6 महीनों में ही छंटनियों का अंबार लग गया है. यानी 2025 के 12 महीनों में जितनी संख्या में नौकरी गई थी, उससे ज्यादा लोग 2026 के सिर्फ 6 महीनों में नौकरी गंवा चुके हैं.

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साल 2025 का आंकड़ा 6 महीने में पार 

कर्मचारियों की छंटनी को ट्रैक करने वाली वेबसाइट Layoffs.fyi की डेटा के मुताबिक, पूरी दुनिया के टेक सेक्टर में AI की वजह से होने वाली छंटनी लगातार बढ़ रही है. 2026 में साल के बस 6 महीने बीते हैं, लेकिन अब तक हुई छंटनी का आंकड़ा 2025 की कुल छंटनी को पार कर चुका है. डेटा के मुताबिक, 1 जुलाई 2026 तक दुनिया भर में AI से जुड़ी टेक छंटनी का आंकड़ा 1.28 लाख कर्मचारियों तक पहुंच गया है. ये 2025 में हुई कुल 1.25 लाख कर्मचारियों की छंटनी से ज्यादा है. टेक कंपनियां इस समय AI टूल्स और ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी को तेजी से अपना रही हैं. इसका असर ये हो रहा है कि कंपनियों में वर्कफोर्स को फिर से रीस्ट्रक्चर किया जा रहा है.

कई सालों से असर डाल रहा AI

ऐसा नहीं है कि ये ट्रेंड साल 2025 या 2026 में दिख रहा हो. यह ट्रेंड बीते कई सालों से न सिर्फ चल रहा है, बल्कि बढ़ता जा रहा है. 2020 में AI की वजह से टेक सेक्टर में दुनिया भर में लगभग 81,000 लोगों की नौकरी गई थी. ये वही साल था जब पूरी दुनिया कोविड की चपेट में थी. डेटा के मुताबिक, साल 2021 में इसमें भारी कमी आई. लेकिन अगले साल 2022 में नौकरी जाने वालों की संख्या बढ़कर 1.65 लाख से ज्यादा हो गई. फिर 2023 में यह लगभग 2.66 लाख पहुंच गई. साल 2024 और 2025 में इन आंकड़ों में कुछ कमी आई, लेकिन 2026 के शुरुआती 6 महीनों का आंकड़ा ही पिछले साल के कुल आंकड़े को पार कर चुका है. इससे पता चलता है कि नौकरियों पर AI का असर अभी खत्म नहीं हुआ है.

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अमेरिका की हालत सबसे खराब

छंटनियों के मामले में सबसे अधिक असर अमेरिका पर हुआ है. जनवरी 2020 से जुलाई 2026 के बीच दुनिया भर में AI की वजह से टेक सेक्टर में जितनी भी नौकरियां गईं, उनमें से 71.33 प्रतिशत अकेले अमेरिका में गई हैं. हालांकि भारत भी पीछे नहीं है. उभरता हुआ टेक हब होने की वजह से छंटनियों का असर भी भारत पर हुआ है. 7.16 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ भारत इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर है. भारत के बाद जर्मनी (3.43 प्रतिशत) और यूनाइटेड किंगडम (2.64 प्रतिशत) जैसे देश रहे. हालांकि AI मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और AI डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर रहा है, लेकिन साथ ही यह कई पुराने स्टाइल के जॉब रोल्स की मांग को भी कम कर रहा है.

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