अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच तेजी से हो रही है. रोजाना जांच में नए-नए अपडेट्स सामने आ रहे हैं. अब जांच टीम ने एक SUV गाड़ी का पता लगाया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर मंदिर से गबन किए गए कैश को ले जाने के लिए किया जाता था. आरोप ये भी है कि यह गाड़ी मामले के एक आरोपी अविनाश शुक्ला की है. पुलिस अब इस गाड़ी की ट्रैवल हिस्ट्री, मालिकाना हक, GPS रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और अन्य फॉरेंसिक सबूतों की भी जांच कर रही है.
राम मंदिर में दान चोरी का कैश जाने वाली SUV गाड़ी पुलिस के हाथ लगी, पता है किसकी है?
Ram Mandir Donation केस की जांच में एक SUV गाड़ी पकड़ी गई है. पुलिस अब इस गाड़ी के जांच-पड़ताल में जुट गई है. जांच टीम को शक है कि इस गाड़ी का इस्तेमाल कथित गबन में इस्तेमाल किया गया हो सकता है.


टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला उस वक्त सामने आया, जब पुलिस 8 में से 1 आरोपी और दान के पैसों की गिनती करने वाले एक कर्मचारी अविनाश शुक्ला से पूछताछ कर रही है. शुक्रवार, 3 जुलाई को कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई. जांच टीम ने 48 घंटे यानी 2 दिन के लिए अविनाश के कस्टडी की मांग की. जबकि, कोर्ट ने उसे सिर्फ 24 घंटे की पुलिस कस्टडी पर भेजा. पूछताछ के दौरान ही जांच टीम को लीड कर रहे आशुतोष त्रिपाठी की अगुवाई वाली टीम अविनाश को कौशलपुरी में श्याम साधनालय योग केंद्र के पास स्थित एक किराए के मकान पर भी ले गई, जहां अविनाश रुका था.
पैतृक गांव ले जाने का प्लानरिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने करीब 10 मिनट तक उस कमरे की तलाशी ली. जांच टीम ने डॉक्यूमेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य दूसरी चीजों का जांच की, जिनमें मंदिर के दान में कथित गबन के बारे में सबूत मिलने की उम्मीद थी. जांच टीम अविनाश को प्रतापगढ़ में स्थित उसके पैतृक गांव में भी ले जाने वाली थी, लेकिन ले नहीं गई. जांच टीम को शक है कि अविनाश के पास से बरामद 20 लाख कैश और 1 हजार अमेरिकी डॉलर के अलावा और भी कैश और सोने-चांदी के गहने हो सकते हैं, जिसे उसने कहीं छिपाकर रखा हो. पुलिस ने यह भी बताया कि पूछताछ के दौरान अविनाश ने एक और आरोपी के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद उसे भी रिमांड पर लिया जाएगा.
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