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'शॉर्ट्स पहनी लड़कियां ध्यान भटकाती हैं', लॉ यूनिवर्सिटी के वीसी के बयान पर बवाल

प्रोग्राम में नागराज को छात्रों की भलाई और कैंपस की लाइफस्टाइल और शिक्षा पर बात करना था. लेकिन VC ने कथित तौर पर बातचीत का रुख मोड़ दिया और छात्राओं के पहनावे को निशाना बना लिया.

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नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने छात्राओं के शॉर्ट्स पर की भद्दी टिप्पणी. (फोटो- इंडिया टुडे)
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अपूर्वा जयचंद्रन

‘शॉर्ट्स पहनने वाली लड़कियां यौन उत्पीड़न को न्योता देती हैं. बाकी छात्रों और फैकल्टी का भी ध्यान भटकाती हैं.’ यह बयान है तमिलनाडु के त्रिची नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर वी.नागराज का. उन्होंने एक प्रोग्राम में कथित तौर पर लड़कियों के शॉर्ट्स पहनने पर यह ‘ओछी’ टिप्पणी की. नागराज की इस टिप्पणी से नाराज यूनिवर्सिटी के छात्रा-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया और कहा कि वीसी को माफी की मांगनी चाहिए. इधर वीसी के एक करीबी ने इस टिप्पणी को ‘पिता की तरह दी जाने वाली सलाह’ बता दिया. 

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मामला बुधवार, 15 अप्रैल का बताया जा रहा है, जब वी नागराज यूनिवर्सिटी में सभी क्लास के रिप्रेजेंटेटिव को संबोधित कर रहे थे. इंडिया टुडे से जुड़े अपूर्वा जयचंद्रन की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोग्राम में नागराज को छात्रों की भलाई और कैंपस की लाइफस्टाइल और शिक्षा पर बात करनी थी लेकिन उन्होंने कथित तौर पर बातचीत का रुख मोड़ दिया और छात्राओं के पहनावे को निशाना बना लिया. रिप्रेजेंटेटिव को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ‘शॉर्ट्स पहनने वाली लड़कियां यौन उत्पीड़न को न्योता देती हैं. साथ ही अन्य छात्रों तथा फैकल्टी मेंबर्स का ध्यान भटकाती हैं.’ 

उनकी इस टिप्पणी पर यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं ने विरोध शुरू कर दिया. इस दौरान छात्रों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था, "सोच को बदलो, कपड़ों को नहीं."  वहीं, छात्रों के इस प्रदर्शन को शांत करने के लिए यूनिवर्सिटी के एक सीनियर ऑफिसर ने VC की टिप्पणी का बचाव करते हुए उसे ‘पिता तुल्य सलाह’ बता दिया.

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हालांकि, बाद में नागराज ने एक बयान जारी कर अपनी सफाई दी. बयान में कहा कि उनके स्टेटमेंट को गलत संदर्भ में समझा जा रहा है. नागराज ने कहा,

‘कल का बयान कॉन्टेक्स्ट से हटकर लिया गया था. मैं एडमिशन और हमारी यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा के बारे में बात कर रहा था और छात्रों से इसे बढ़ावा देने के लिए कह रहा था. उसी संदर्भ में मैंने ड्रेस कोड के बारे में एक बयान दिया था. देश में किसी भी VC में ड्रेस कोड के बारे में बोलने की हिम्मत नहीं है. मेरी निजी राय में अगर आप संस्थान की प्रतिष्ठा सुधारना चाहते हैं, तो एक अच्छा पहनावा (Presentable Dress) एक कारक हो सकता है. मैं यहां सवालों के जवाब देने के लिए नहीं हूं. मैं यहां वह कहने के लिए हूं जो मैं कहना चाहता हूं. मैं केवल अपने उच्च अधिकारियों के प्रति जवाबदेह हूं.’

नागराज ने अपने बयान में उस टिप्पणी के बारे में किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया, जिसकी वजह से यह विवाद खड़ा हुआ और छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया. यह पहली दफा नहीं है, जब वी.नागराज ने छात्राओं पर ऐसी भद्दी टिप्पणी की हो.

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साल 2016 में National Law School of India University (बेंगलुरु) में नागराज क्लास में पढ़ाते हुए महिला छात्रों के शॉर्ट्स पहनने पर टिप्पणी की थी. साथ ही एक महिला छात्र को शॉर्ट्स पहनने पर पूरे क्लास में शर्मिंदा कर दिया था. जब उनके इस बर्ताव का विरोध किया गया तो उन्होंने कथित तौर पर छात्रा के कैरेक्टर पर टिप्पणी की और कहा,

तुम बिना कपड़ों के भी क्लास में आ सकती हो. तुम्हारा कैरेक्टर ही ऐसा है.

यही नहीं वी. नागराज कथित तौर पर माता-पिता और शादी पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी कर चुके हैं. नागराज पर आरोप है कि उन्होंने अपने बयान में कहा,

हम सब जानते हैं कि माता-पिता अपने बच्चों की शादी क्यों करते हैं. ताकि, वे सेक्स कर सकें. सिर्फ इसलिए कि माता-पिता इस वजह से अपने बच्चों की शादी करते हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि बच्चे अपने माता-पिता के सामने सेक्स करें.

हालांकि, छात्रों ने जब उनके इस घिनौने बयान के लिए माफी की मांग की, तो उन्होंने न केवल मना कर दिया. बल्कि, आज भी इस बात से इनकार करते हैं कि उन्होंने ऐसे बयान दिए था.

खबर लिखे जाने तक VC नागराज के ऐसे बयानों पर किसी तरह की कोई कार्रवाई की सूचना नहीं मिली है.

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