सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के कैदियों की बड़ी संख्या में भागने की खबर ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं. कुर्दिश वेबसाइट रुदाव ने दावा किया है कि सीरिया के शद्दादी जेल से लगभग 1500 इस्लामिक स्टेट के कैदी भाग निकले हैं.
ISIS के 1500 कैद जेल से भागे, सीरिया सरकार ने 120 की बात ही स्वीकारी
सीरिया के आंतरिक मंत्रालय ने इस आंकड़े को खारिज करते हुए कहा है कि शद्दादी जेल से केवल 120 ISIS के कैदी भागे हैं. मंत्रालय के अनुसार, अब तक 81 भागे हुए कैदियों को फिर से पकड़ लिया गया है. जबकि बाकी की तलाश जारी है.


ये जानकारी कुर्दिश-नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस (SDF) के प्रवक्ता फरहाद शामी के हवाले से दी गई है. हालांकि, सीरिया के आंतरिक मंत्रालय ने इस आंकड़े को खारिज करते हुए कहा है कि शद्दादी जेल से केवल 120 ISIS के कैदी भागे हैं. मंत्रालय के अनुसार, भागने के बाद सीरियाई सेना की यूनिट्स और विशेष बलों ने शहर में तलाशी अभियान चलाए. इन अभियानों में अब तक 81 भागे हुए कैदियों को फिर से पकड़ लिया गया है, जबकि बाकी की तलाश जारी है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कुर्दिश वेबसाइट रुदाव ने दावा किया है कि सीरिया के शद्दादी जेल से लगभग 1500 इस्लामिक स्टेट के सदस्य भाग निकले हैं. ये घटना पूर्वी सीरिया के शहर शद्दादी में हुई, जहां ये जेल SDF के नियंत्रण में थी. इससे पहले सीरियाई सेना ने आरोप लगाया था कि SDF ने जानबूझकर इन ISIS लड़ाकों को रिहा किया है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि SDF और सीरियाई सरकार के बीच हाल के दिनों में संघर्ष हुआ था. जिसके बाद SDF ने रक्का और देइर अल-जोर प्रांतों से पीछे हटने पर सहमति जताई थी. ये क्षेत्र अरब-बहुल हैं और यहां सीरिया के प्रमुख तेल क्षेत्र स्थित हैं.
ये घटना उस समय हुई है जब सीरिया में राजनीतिक और सैन्य स्थिति तेजी से बदल रही है. SDF, ISIS के खिलाफ लड़ाई में पश्चिमी गठबंधन का प्रमुख सहयोगी रहा है. लेकिन ये अब सीरियाई सेना के साथ तनाव में है. ISIS के हजारों सदस्य और उनके परिवार पहले से ही विभिन्न शिविरों और जेलों में बंद हैं, और उनके भागने की घटनाएं क्षेत्र में आतंकवाद का खतरा बढ़ा सकती हैं.
इधर, इराक ने भी अपनी सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी है और पेशमर्गा तथा संघीय बलों को हाई अलर्ट पर रखा है. ताकि कोई ISIS सदस्य सीमा पार न कर सके. ये घटना पूरे मध्य पूर्व में ISIS की गतिविधियों को फिर से भड़का सकती है. दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों से सच्चाई का पता लगाना चुनौतीपूर्ण है. मामले में आगे की जांच तथा घटनाक्रम पर सबकी नजर टिकी हुई हैं.
सीरियाई सेना और SDF ने एक-दूसरे पर ISIS के कैदियों की जेल से भागने के लिए जिम्मेदार ठहराया है. अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार सीरियाई सेना का दावा है कि SDF ने जानबूझकर ISIL के सदस्यों को रिहा कर दिया. वहीं, एसडीएफ ने कहा कि सेना के हमले के बाद उसने जेल पर नियंत्रण खो दिया था. जिस दावे को सीरियाई सेना ने खारिज कर दिया है.
कुर्द-नेतृत्व वाली इस फोर्स ने एक बयान में कहा कि अल-अक्तन (al-Aqtan) के आसपास हुई लड़ाई में उसके 9 सदस्य मारे गए और 20 अन्य घायल हुए. SDF के बयान में ये भी जोड़ा गया कि ISIL से लड़ने के लिए बनी अमेरिका-नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने पास के एक बेस में मौजूद होने के बावजूद, बार-बार कॉल करने पर भी कोई हस्तक्षेप नहीं किया.
बता दें कि ISIL को इराक में 2017 और सीरिया में 2019 में खत्म कर दिया गया था. लेकिन इस समूह के स्लीपर सेल्स आज भी दोनों देशों में घातक हमले करते रहते हैं.
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