सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर को छात्राओं को कथित तौर पर धार्मिक रूप से प्रभावित करने के आरोप के बाद छुट्टी पर भेज दिया गया है. प्रोफेसर पर आरोप है कि वे छात्राओं को इस्लाम कबूल करने और कुरान पढ़ने के लिए कहते थे. मामला सिम्बायोसिस लॉ स्कूल के नागपुर कैंपस से जुड़ा है. यूनिवर्सिटी ने प्रोफेसर पर लगे आरोपों की जांच के लिए हाईलेवल कमेटी बनाई है.
इस्लाम और कुरान को लेकर सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी में क्यों बवाल मचा? प्रोफेसर छुट्टी पर भेजे गए
नागपुर के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल के एक प्रोफेसर पर छात्राओं को कथित तौर पर इस्लाम कबूल करने और कुरान पढ़ने के लिए कहने का आरोप लगा है.

इससे पहले प्रोफेसर हैदराबाद के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल में काम करते थे. दावा है कि वहां भी उन पर गलत व्यवहार से जुड़े आरोप लगे थे. जांच समिति ने इन पुराने आरोपों को भी जांच में शामिल कर लिया है. हालांकि, पुलिस ने बताया कि प्रोफेसर पर अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है.
क्या है मामला?ये मामला तब सामने आया, जब यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली एक छात्रा के फोन में आया प्रोफेसर का मैसेज उसके पिता ने देख लिया. इसके बाद उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं से संपर्क साधा. इंडियन एक्सप्रेस से बात करते विहिप के लोगों ने बताया कि लड़की के पिता के संपर्क करने के बाद उन्होंने कॉलेज प्रशासन के सामने इस मामले को उठाया. इसके अलावा नागपुर के पुलिस कमिश्नर से भी इस संबंध में मुलाकात की गई.
यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने शिकायत को संज्ञान लिया है. प्रोफेसर पर लगे आरोपों की जांच करने के लिए कमेटी बनाई गई है. आरोपी प्रोफेसर को छुट्टी पर भेज दिया गया है. जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और उसकी रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक वो कैंपस नहीं आएंगे. हैदराबाद कैंपस में उन पर लगे आरोपों की जांच भी यही कमेटी करेगी.
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (जोन-5) नित्यानंद झा के मुताबिक, शनिवार 18 अक्टूबर की सुबह करीब 11:30 बजे अलग-अलग संगठनों के 15 से 17 लोग यूनिवर्सिटी पहुंचे. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों और कॉलेज प्रशासन के बीच बातचीत कराई, जिसके बाद प्रोफेसर को छुट्टी पर भेज दिया गया.
ये भी पढ़ेंः गुस्साए लोगों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर लाश रख दी, मणिपुर में अब क्या हुआ?
पुलिस ने कहा कि शिकायत करने वाली छात्रा के साथ 6 से 7 लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी यूनिवर्सिटी प्रशासन से मीटिंग की. इस दौरान जांच के लिए बनी कमेटी ने भरोसा दिलाया कि तय समय के भीतर प्रोफेसर पर लगे आरोपों की जांच पूरी की जाएगी और कार्रवाई भी होगी.
वीडियो: जंतर-मंतर वापस लेने पहुंचे प्रदर्शनकारी, दिल्ली पुलिस उठा ले गई













