गुजरात में एक शख्स लापता था. फिर एक दिन उसके फोन से मैसेज आया. परिवार से कहा कि 50 लाख रुपये का इंतजाम करो, वर्ना उसकी (मिसिंग पर्सन) की लाश मिलेगी. पुलिस को शिकायत करने की कोशिश भी मत करना. बैंक खाता तो बंद बिल्कुल नहीं होना चाहिए. घबराए परिजनों ने धमकी की जानकारी पुलिस को दे दी. मामले में गंभीरता थी. फिरौती मांगने वाले ने जान से मारने की धमकी दी थी. पुलिस ने जांच शुरू की और लग गई 'पीड़ित' की खोज में.
खुद को किडनैप बता परिवार से मांगे 50 लाख, पुलिस पहुंचकर बोली- 'चल खुद को बांध कर दिखा'
Surat Fake Kidnapping: गुजरात में एक शख्स की किडनैपिंग का मामला सामने आया था. पुलिस गंभीरता से पीड़ित की तलाशी में जुटी थी. क्योंकि किडनैपर ने जान से मारने की धमकी दी थी. पुलिस की टीम मध्य प्रदेश से लेकर गुजरात तक में एक्टिव थी.


कुछ ही दिनों में शख्स गोधरा के एक होटल में मिला. वहां कोई किडनैपर नहीं था. वो बंधा हुआ भी नहीं था. इसके बाद पुलिस ने उसे ही गिरफ्तार कर लिया. क्योंकि ये सारा एक खेल था. शख्स का नाम है जिग्नेश तलाविया. वह सूरत के मोटा वराछा इलाके का रहने वाला है. अकाउंटेंट के तौर पर नौकरी करता है. स्टॉक मार्केट में लाखों रुपये गंवा चुका था. पैसे रिकवर करने के चक्कर में पूरी कहानी रची थी. पत्नी और परिजनों को 'सदमा' दिया था.
पहले लापता, फिर किडनैपिंगइंडिया टुडे से जुड़े संजय सिंह राठौड़ की रिपोर्ट के मुताबिक, जिग्नेश की पत्नी मिनाक्षीबेन तलाविया ने 12 जून को सूरत के उत्राण पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी. कहा था कि उनके 36 वर्षीय पति जिग्नेश भाई तलाविया लापता हैं. शिकायत दर्ज होने के बाद जिग्नेश के फोन से ही परिवार को एक मैसेज और वीडियो मिला. हिंदी में भेजे गए मैसेज में लिखा था,
"अगर अकाउंट में 50 लाख रुपये नहीं मिले तो इसकी लाश मिलेगी."
इस मैसेज और वीडियो को देखकर पूरा परिवार डर गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्राण पुलिस स्टेशन के पीआई एच.आर. गोस्वामी और उनकी सर्विलांस स्टाफ की अलग-अलग टीमों ने तुरंत जांच शुरू की. पुलिस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस, सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस की मदद ली और कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस को सटीक लोकेशन मिली.
गोधरा के होटल में मिला 'मिसिंग पर्सन'15 जून की दोपहर 1 बजे पंचमहल जिले के गोधरा स्थित 'शिव होटल' में जिग्नेश तलाविया सही-सलामत मिला. पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपहरण का सारा नाटक बता दिया. ये भी कि मैसेज उसने खुद लिखा था. खुद को बंधक दिखाकर एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था. जिग्नेश ने पुलिस के कहने पर लाइव डेमो भी करके दिखाया कि कैसे उसने खुद को बांधा था. और कैसे ये वीडियो शूट किया.
सूरत पुलिस के डीसीपी लखदीर सिंह झाला ने बताया कि मिसिंग पर्सन (जिग्नेश) की लोकेशन पहले मध्यप्रदेश के उज्जैन में एक जगह होने की बात पता चली. वहां तुरंत उत्राण पुलिस टीम को भेजा. मगर उनकी लोकेशन बार-बार मूव हो रही थी. इस बीच एक वीडियो और आया. जिसमें जिग्नेश बंधा हुआ था. उसकी डेड बॉडी भेजने की बात कही गई थी. लोकेशन इस बार गोधरा में पाई गई. पुलिस की एक टीम वहां पहुंची और उसे सही-सलामत पाया. पूछने पर पता लगा कि शेयर ट्रेडिंग में जो ऑप्शंस ट्रेडिंग है, उसमें वो 50 से 60 लाख रुपये गंवा चुका था. उसकी रिकवरी के लिए ही उसने परिजनों को वीडियो भेजी थी. ताकि कोई उसकी मदद कर दें.
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पुलिस के मुताबिक, जब जिग्नेश की लोकेशन गोधरा में पाई गई, तो शक हुआ कि ये मामला अपहरण का नहीं, बल्कि कुछ और ही है. पत्नी ने पूछताछ में बताया कि उनके पति कुछ समय से गुमसुम थे. अपने ख्यालों में खोए रहते थे.
पुलिस ने अपहरण की झूठी कहानी गढ़कर गुमराह करने, पुलिस का कीमती समय बर्बाद करने और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करने के आरोप में जिग्नेश तलाविया को गिरफ्तार कर लिया. उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS)-2023 की धारा 212, 217 और 233 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
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