अरब सागर में भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS Kolkata और पाकिस्तान के PNS Hunain की टक्कर के बाद दोनों जहाजों की क्षमता और आकार को लेकर चर्चा तेज हो गई है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 15 सितंबर की शाम उत्तरी अरब सागर में दोनों नौसैनिक पोत आमने-सामने आए. भारतीय पक्ष के मुताबिक INS Kolkata अपनी नियमित तैनाती पर था, जबकि PNS Hunain की गतिविधियों और उसके बाद हुई टक्कर को लेकर दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर पर भी मामला उठा है. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार भारतीय युद्धपोत अपनी तैनाती जारी रख सका, जबकि पाकिस्तानी पोत को नुकसान के बाद वापस लौटना पड़ा.
पाकिस्तान ने गलत पंगा ले लिया! 'PNS हुनैन' से तीन गुना ताकतवर है 'INS कोलकाता'
अरब सागर में INS Kolkata और PNS Hunain की टक्कर के बाद दोनों युद्धपोतों की क्षमता, आकार, वजन, हथियार, भूमिका और तकनीकी अंतर चर्चा में हैं. जानिए 7,400 टन के भारतीय guided missile destroyer और करीब 2,600 टन के पाकिस्तानी OPV 2600 में कितना फर्क है.

2,600 टन बनाम 7,400 टन, फर्क सिर्फ वजन का नहीं
India Today की रिपोर्ट के मुताबिक PNS Hunain करीब 2,600 टन डिस्प्लेसमेंट वाला पोत है, जबकि INS Kolkata का फुल-लोड डिस्प्लेसमेंट करीब 7,400 टन है. यानी वजन के लिहाज से INS Kolkata, PNS Hunain से करीब 2.8 गुना भारी है. इसी वजह से दोनों जहाजों को एक ही श्रेणी का युद्धपोत समझना सही नहीं होगा.
PNS Hunain को लेकर एक तकनीकी बारीकी भी समझना जरूरी है. इसे Damen ने पाकिस्तान नौसेना के लिए OPV 2600 यानी Offshore Patrol Vessel के तौर पर तैयार किया है. Damen के मुताबिक इस डिजाइन की लंबाई 98 मीटर, चौड़ाई 14.6 मीटर और डिस्प्लेसमेंट करीब 2,600 टन है. इसकी अधिकतम गति 22 से 25 नॉट तक बताई गई है. PNS Hunain को 2024 में पाकिस्तान नौसेना में शामिल किया गया था.
PNS Hunain की अपनी खासियतें भी हैं
PNS Hunain को सिर्फ छोटा जहाज समझना भी ठीक नहीं होगा. OPV 2600 डिजाइन को लंबे समय तक समुद्र में निगरानी, समुद्री सुरक्षा और अलग-अलग मिशन के लिए तैयार किया गया है. Damen के अनुसार इसमें 76 मिमी तक की मुख्य गन लगाई जा सकती है और मिशन के हिसाब से एंटी-सबमरीन वारफेयर, UAV और दूसरे उपकरणों के लिए मॉड्यूल जोड़े जा सकते हैं. इसमें हेलिकॉप्टर ऑपरेशन की सुविधा भी है.
PNS Hunain पाकिस्तान नौसेना के Yarmook-class के दूसरे बैच से जुड़ा पोत है. इस बैच के जहाज पहले बैच की तुलना में बड़े हैं. Damen ने सितंबर 2023 में Hunain के लॉन्च की जानकारी देते हुए बताया था कि इसे पाकिस्तान नौसेना के लिए OPV 2600 सीरीज के तहत बनाया गया है.
INS Kolkata क्यों अलग श्रेणी का जहाज है
दूसरी तरफ INS Kolkata भारतीय नौसेना का Kolkata-class guided missile destroyer है. ये Project 15A के तहत तैयार किए गए युद्धपोतों की पहली कड़ी है. इसकी लंबाई करीब 164 मीटर है और फुल-लोड डिस्प्लेसमेंट करीब 7,400 टन है. जहाज की अधिकतम गति 30 नॉट से ज्यादा बताई गई है. इसे अगस्त 2014 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था.
INS Kolkata की खासियत सिर्फ उसका आकार नहीं है. ये एक guided missile destroyer है, जिसे एयर, सरफेस और अंडरवाटर खतरों से निपटने के लिए अलग-अलग हथियारों और सेंसर से लैस किया गया है. इसमें लंबी दूरी की निगरानी के लिए रडार, एयर डिफेंस और एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम, गन सिस्टम और एंटी-सबमरीन वारफेयर के लिए सेंसर और हथियार शामिल हैं. जहाज दो हेलिकॉप्टरों को भी ऑपरेट कर सकता है.
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टक्कर के बाद मामला सिर्फ दो जहाजों का नहीं
भारतीय और पाकिस्तानी युद्धपोतों के बीच हुई ये घटना ऐसे समय सामने आई है जब अरब सागर और उत्तरी हिंद महासागर में नौसैनिक गतिविधियां रणनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण हैं. Indian Express के मुताबिक घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान के Charge d'Affaires को तलब कर समुद्री सुरक्षा प्रोटोकॉल का मुद्दा उठाया. रिपोर्ट में 1991 के भारत-पाकिस्तान समुद्री समझौते के प्रावधानों का भी उल्लेख है.
फिलहाल सबसे अहम बात ये है कि टक्कर के कारण और दोनों जहाजों की गतिविधियों को लेकर उपलब्ध आधिकारिक तथा मीडिया जानकारी को अलग-अलग समझा जाए. जहाजों की तकनीकी क्षमता के आंकड़े स्पष्ट हैं, लेकिन घटना के पूरे क्रम और जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और आधिकारिक बयानों के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए.
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