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SIR के 3400 फॉर्म की फोटोकॉपी हो रही थी, शिवसेना का दावा- 'कराने वाला BJP का आदमी'

नवी मुंबई में SIR के 3,400 से ज्यादा फॉर्म की कथित तौर पर अवैध फोटोकॉपी कराते एक BJP नेता को पकड़ा गया. फॉर्म में वोटरों की फोटो और निजी जानकारी थी; दस्तावेजों की सुरक्षा के जिम्मेदार 5 BLO भी सस्पेंड कर दिए गए.

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फोटो कॉपी की दुकान पर एसआईआर के 3400 फॉर्म मिले. (फोटो- X)

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) लगातार विवादों में है. इसी बीच नवी मुंबई में कथित बीजेपी नेता को एसआईआर से जुड़े 3400 से ज्यादा चुनावी फॉर्म की फोटोकॉपी कराते पकड़ा गया. इन चुनावी फॉर्म्स में वोटरों की निजी जानकारियां दर्ज थीं. जिन पांच बूथ-लेवल अफसरों (BLO) को इस फॉर्म की सुरक्षा जिम्मेदारी दी गई थी, उन्हें भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया.  28 अगस्त, शुक्रवार की सुबह इस संबंध में केस भी दर्ज कर लिया गया.

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रायगढ़ के जिला कलेक्टर किशन जावले ने बताया कि चुनावी पंजीकरण दफ्तर को शिकायत मिली थी कि आरोपी सूरज पाटिल SIR फॉर्म्स की फोटोकॉपी करा रहा है. शिकायत की जांच के लिए चुनावी पंजीकरण अधिकारियों (EROs) को भेजा गया. उन्होंने खारघर के सेक्टर-19 में एक फोटोकॉपी दुकान पर सूरज पाटिल को 3,400 एन्यूमरेशन फॉर्म्स की अवैध फोटोकॉपी कराते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया. घटना की सूचना मिलते ही खारघर पुलिस मौके पर पहुंची. आरोपी सूरज पाटिल को हिरासत में ले लिया.

बीजेपी का पदाधिकारी है आरोपी

साथ ही दुकान से सभी छपे हुए फॉर्म जब्त कर पुलिस थाने ले जाए गए. पुलिस ने बताया कि शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ताओं का दावा है कि आरोपी सूरज बीजेपी की युवा इकाई का पदाधिकारी है. जो कागज जब्त किए गए, उनमें 188-पनवेल विधानसभा क्षेत्र के असली SIR फॉर्म थे. इनमें वोटरों की फोटो, उनका निजी डेटा और बीएलओ (BLO) के आधिकारिक हस्ताक्षर मौजूद थे.

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खारघर पुलिस ने सूरज पाटिल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है. पुलिस ने बताया कि पाटिल को हिरासत में लेकर नोटिस थमाया गया और बाद में छोड़ दिया गया.

शिवसेना का आरोप

लेकिन शिवसेना का कहना अलग है. पार्टी के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पूछताछ के लिए थाने लाए जाने के कुछ ही देर बाद सूरज पाटिल खारघर पुलिस स्टेशन से भाग गया. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, शिवसेना (यूबीटी) के नेता बालेश भोजने ने सवाल उठाया कि जनता के SIR फॉर्म किसी आम शख्स के हाथों में कैसे पहुंच गए? उन्होंने इस घटना में बीजेपी युवा मोर्चा के पदाधिकारियों के लिप्त होने का आरोप लगाया.

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बीजेपी नेता क्या कह रहे?

इस मसले पर बीजेपी के किसी बड़े नेता का काउंटर सामने नहीं आया है. लेकिन, पनवेल नगर निगम के पूर्व महापौर और बीजेपी नेता नितिन पाटिल ने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ताओं का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है.

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5 बीएलओ सस्पेंड

पुलिस ने बताया कि जिन 5 बीएलओ को दस्तावेज संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी और जिन्होंने कथित तौर पर ये फॉर्म आरोपी सूरज पाटिल को सौंपे थे, उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है.

शरद पवार के धड़े वाली एनसीपी के विधायक रोहित पवार इतनी भर कार्रवाई होने से खुश नहीं हैं. उन्होंने कहा कि सिर्फ BLOs को सस्पेंड करना काफी नहीं है. इस घटना ने SIR के तरीके की पोल खोल दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनावी जीत के लिए एसआईआर प्रक्रिया का गलत प्रयोग कर रही है. इस घटना ने उनकी बात को सही साबित कर दिया है. 

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