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मोहन यादव सरकार की 'छाती' पर किसानों से ज्यादा शिवराज चौहान की चिट्ठी ने मूंग दल दी?

मध्य प्रदेश में किसान मूंग खरीद को लेकर भोपाल पहुंच गए हैं. मोहन यादव सरकार उनका आंदोलन खत्म कराने की कोशिशों में जुटी है. इस बीच केंद्र और राज्य सरकार के बीच मूंग खरीद को लेकर ठनती दिख रही है. राज्य सरकार ने केंद्र सरकार पर खरीद का टारगेट कम करने का आरोप लगाया. वहीं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य को सबसे ज्यादा कोटा मिला है.

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मध्य प्रदेश में मूंग खरीद को लेकर मोहन यादव सरकार और शिवराज सिंह चौहान में लेटर वॉर

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  • मध्य प्रदेश में किसानों ने राजधानी भोपाल में डेरा डालकर MSP पर 100% मूंग की खरीद की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है, जिसे लेकर राज्य सरकार व केंद्र की आलोचना हो रही है।
  • किसानों के आंदोलन की वजह केंद्र सरकार द्वारा लागू PM-AASHA योजना में तर्क देते हुए कहा गया कि खरीद का फिक्स टारगेट नहीं है, बल्कि राज्य को कुल उत्पादन का 25% खरीदने की अनुमति मिली है।
  • राज्य सरकार ने आंदोलन खत्म कराने के लिए पात्र किसानों की मूंग की खरीद सीमा 25% से बढ़ाकर 60% करने एवं फर्टिलाइजर के ई-टोकन सिस्टम को अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की है।
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रवीश पाल सिंह

मध्य प्रदेश में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है. उन्होंने राजधानी भोपाल में डेरा डाल रखा है. उनकी मांग MSP पर 100 फीसदी मूंग की खरीद की है. मोहन यादव सरकार उनको मनाने में जुटी है. केंद्र सरकार से खरीद का टारगेट कम मिलने का हवाला दिया जा रहा है. लेकिन इस बीच केंद्र की ओर से आई एक चिट्ठी ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है. चिट्ठी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सूबे के मुखिया मोहन यादव के नाम लिखी है.

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शिवराज चौहान की चिट्ठी ने बढ़ाई परेशानी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चिट्ठी में राज्य सरकार के दावे का खंडन किया है, जिसमें केंद्र से कम टारगेट मिलने का हवाला दिया गया था. उन्होंने केंद्र सरकार की खरीद नीति का बचाव करते हुए लिखा,

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दिक्कत केंद्र की मंजूर की गई मात्रा में नहीं, राज्य की खरीद की गति में है. 29 जुलाई तक के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक राज्य ने केवल 60,000 मीट्रिक टन मूंग की खरीद की है, जबकि केंद्र सरकार ने खरीद की मात्रा पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा दी है. किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार से अनुरोध है कि वह मूंग की खरीद में तेजी लाए.

राज्य के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा था. इसमें उनसे PM-AASHA (मूल्य समर्थन योजना) के तहत खरीद की तय सीमा बढ़ाने की मांग की गई थी. जवाब में केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत सबसे बड़ा आवंटन मध्य प्रदेश को ही मिला है. शिवराज सिंह चौहान ने बताया, 

केंद्र सरकार ने PM-AASHA योजना के तहत देश भर में कुल 5 लाख 23 हजार 243 मीट्रिक टन मूंग खरीद की स्वीकृति दी है. उसमें से 87 फीसदी हिस्सेदारी मध्य प्रदेश की है. यानी 4 लाख 54 हजार 580 मीट्रिक टन का कोटा अकेले मध्य प्रदेश को आवंटित किया गया है.

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केंद्र लक्ष्य नहीं देता, 25% की सीमा तय करता है

राज्य के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाणा ने केंद्र पर खरीद का टारगेट कम करने का आरोप लगाया था. केंद्रीय कृषि मंत्री ने इसका भी जवाब दिया है. उन्होंने बताया, 

केंद्र सरकार किसी राज्य को खरीद का 'फिक्स टारगेट' नहीं देती, बल्कि नियमों के मुताबिक राज्य के कुल उत्पादन की 25 प्रतिशत तक की सीमा को MSP पर खरीदने की मंजूरी देती है.

अतिरिक्त खरीद राज्य का काम

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत सरकार ने मध्य प्रदेश सरकार को मूंग की खरीद में अधिकतम मदद दी है. अब 25 प्रतिशत से अतिरिक्त मूंग की खरीद की जिम्मेदारी नियम के मुताबिक राज्य सरकार की है. राज्य सरकार ने PM-AASHA योजना में दूसरे राज्यों के बचे हुए कोटे को मध्य प्रदेश में ट्रांसफर करते हुए खरीद सीमा को कुल उत्पादन का 40 प्रतिशत तक करने की मांग की थी. ताकि किसानों को खुले बाजार में नुकसान नहीं उठाना पड़े.

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मुख्यमंत्री आंदोलन खत्म कराने में जुटे

मोहन यादव सरकार किसानों का आंदोलन खत्म कराने की कोशिश में जुटी है. सहकारिता राज्य मंत्री विश्वास सारंग और राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने मंत्रालय में संयुक्त किसान मोर्चा के 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की. दोनों पक्षों के बीच पहले दौर की बातचीत लगभग दो घंटे चली.

बैठक के बाद राज्य सरकार ने ऐलान किया कि वह पात्र किसानों की मूंग उपज की खरीद 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर देगी. इससे नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे जिलों में प्रति एकड़ लगभग तीन क्विंटल मूंग की खरीददारी हो सकेगी. 

आंदोलन की दूसरी मांग फर्टिलाइजर के लिए ई-टोकन सिस्टम हटाने की थी. सरकार ने इसमें सुधार होने तक इसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. साथ में सरकार ने मूंग खरीद के लिए स्लॉट बुकिंग की टाइमिंग भी 10 दिनों के लिए बढ़ा दी है. 

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