यूपी में 2027 चुनावी साल है. ऐसे में अगर भारतीय जनता पार्टी 2026 की जुलाई में अपनी नई राष्ट्रीय टीम का गठन करेगी तो उस पर यूपी चुनाव की छाप दिखना लाजिमी है. सोमवार, 17 अगस्त को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने जो अपनी नई टीम घोषित की है, उसमें 8 ऐसे चेहरों को जगह मिली है जो उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं. इसमें दो उपाध्यक्ष बने हैं. दो राष्ट्रीय महासचिव और दो राष्ट्रीय मंत्री बनाए गए हैं. बीजेपी के दो अहम मोर्चों अल्पसंख्यक मोर्चा और ओबीसी मोर्चा में भी यूपी के चेहरे को जगह मिली है.
युवा-महिला से लेकर ओबीसी वोट तक, नितिन नबीन ने नई टीम में यूपी को ऐसे साधा
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश के 8 चेहरों को जगह मिली है. इनमें रेखा वर्मा और स्मृति ईरानी जैसे बड़े नामों के साथ OBC, दलित, मुस्लिम और ब्राह्मण नेताओं को भी जिम्मेदारी दी गई है.

जातीय समीकरण का भी खास ख्याल रखा गया है. इंडिया टुडे से जुड़े कुमार अभिषेक की रिपोर्ट के मुताबिक, नितिन नवीन की टीम में उत्तर प्रदेश से शामिल चेहरों में ओबीसी चेहरों की भरमार है. कुल 8 बड़े पदों में 3 ओबीसी, एक ब्राह्मण, 1 पारसी, 2 मुसलमान और एक दलित को जगह दी गई है. ओबीसी ,जेन-Z यानी युवा और महिला, जिस पर सीएम योगी ने भी अपना फोकस बढ़ा दिया है, वही नितिन नवीन की टीम में यूपी से भी दिखाई दे रहा है. नितिन नवीन के नई टीम के ऐलान के बाद अब इस टीम की पहली परीक्षा उत्तर प्रदेश के चुनाव में होने वाली है, जिसके होने में अब कुछ महीनों का ही समय बाकी है.
तीसरी बार उपाध्यक्ष बनीं रेखा वर्माउत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की धौरहरा सीट से सांसद रह चुकीं रेखा वर्मा बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की लिस्ट में हैं. वह तीसरी बार इस सूची में शामिल हुई हैं. रेखा कुर्मी समाज से आती हैं. यूपी चुनाव को लेकर बीजेपी का कुर्मी बिरादरी पर जोर काफी है. रेखा वर्मा उत्तराखंड में संगठन का काम देख चुकी हैं. पार्टी की पूर्व सांसद हैं और युवा चेहरा भी हैं. बरेली मंडल से संतोष गंगवार के गवर्नर बनने के बाद उसे पूरे इलाके में बीजेपी ने अपने पुराने कुर्मी वोट बैंक को साधने के लिए रेखा वर्मा पर दांव लगाया है.
स्मृति ईरानी का जुड़ा उत्तर प्रदेश के अमेठी से है. यहां से वह राहुल गांधी को हराकर सांसद बनी थीं. हालांकि, 2024 का चुनाव वह हार गईं लेकिन पार्टी की बड़ा चेहरा हैं, इसलिए राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी हुई है. इस बार उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिली है. वह बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव बनाई गई हैं.
ब्राह्मण चेहरा हरीश द्विवेदीपूर्व सांसद हरीश द्विवेदी उत्तर प्रदेश के बस्ती से इस बार चुनाव हार गए लेकिन संगठन के बड़े चेहरे माने जाते हैं. चुनाव में हार के बावजूद संगठन में बड़ा काम करते रहे और अब उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है. वह पार्टी के मजबूत ब्राह्मण चेहरे हैं. उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल से आते हैं.
पूर्वांचल की संगीता यादवसंगीता यादव आजमगढ़ से आती हैं. यादव बिरादरी से हैं और राज्यसभा सदस्य हैं. योगी सरकार में मंत्री रह चुकी हैं. लेकिन पूर्वांचल को साधने के लिए बीजेपी ने महिला यादव चेहरे पर दांव लगाया है. संगीता यादव को ‘नबीन टीम’ में राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है.
ये भी पढ़ेंः BJP की ‘नबीन टीम’ का ऐलान, स्मृति ईरानी की वापसी, राम माधव बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
ये चेहरे भी यूपी सेबीजेपी की राष्ट्रीय टीम में यूपी का एक और चेहरा अमरपाल मौर्य हैं. वह राज्यसभा सांसद हैं. केशव मौर्य के करीबी माने जाते हैं. प्रयागराज मंडल से आते हैं और उस इलाके में कुशवाहा समाज को प्रतिनिधित्व देने और खासकर उत्तर प्रदेश में मौर्य बिरादरी को साधने के लिए बीजेपी ने उन्हें ओबीसी मोर्चे का राष्ट्रीय प्रभारी बनाया है. 2024 के लोकसभा चुनाव में कुशवाहा समाज का बड़ा वोट बीजेपी से खिसक गया था. बीजेपी एक बार फिर कोशिश कर रही है कि कुशवाहा-मौर्य बिरादरी को साधा जा सके.
भोला सिंह यूपी के बुलंदशहर से सांसद हैं. उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है. तीन बार के सांसद भोला सिंह दलित बिरादरी से आते हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी मजबूत पकड़ है. ऐसे में उनका टीम में आना एक बार फिर उत्तर प्रदेश में दलितों को बड़ा संदेश देने की कोशिश है.
कुंवर बासित अली यह भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आते हैं. मेरठ के रहने वाले हैं. उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष रहे हैं. अब उन्हें राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चे की जिम्मेदारी दी गई है.
कुल मिलाकर नितिन नबीन के इस राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव का असर साफ दिख रहा है. ब्राह्मण, दलित, ओबीसी, मुसलमान सबको इसमें समावेशित किया गया है.
वीडियो: आईपीएस आशुतोष मिश्रा की मां की हत्या, अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा










