बिहार में लखीसराय जिले के अशोक धाम मंदिर में भगदड़ मचने से सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बिजली का तार टूटने से भीड़ में अफरा-तफरी मच गई थी. यह घटना 17 अगस्त की सुबह करीब 6:45 बजे की है. सावन महीने के तीसरे सोमवार को पूजा-अर्चना करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिव मंदिर में जमा हुए थे.
बिहार के मंदिर में मची भगदड़, 7 लोगों की मौत, कई घायल
Bihar में लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में अचानक भगदड़ मच गई. इस हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई और एक दर्जन से ज्यादा घायल हुए हैं. भगदड़ की पीछे की वजह अभी साफ नहीं है.

इंडिया टुडे से जुड़े विनोद कुमार गुप्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, घायलों को इलाज के लिए लखीसराय के सदर अस्पताल ले जाया गया है. जिला मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार ने कहा कि लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए इंतजाम किए गए थे, लेकिन भीड़ उम्मीद से कहीं ज्यादा हो गई. उन्होंने बताया,
"हमें पता चला कि भीड़ की वजह से एक तरफ की बैरिकेडिंग टूट गई और लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े. हमने तुरंत 10-15 लोगों को यहां भेजा."
वहीं, SDPO शिवम कुमार ने न्यूज एजेंसी को बताया,
“सात लोगों की मौत की खबर है. कहा जा रहा है कि वहां बिजली का एक खंभा गिर गया और लोग बिजली की चपेट में आ गए, जिससे भगदड़ जैसे हालात बन गए. हम पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही सही वजह बता पाएंगे.”
'मैनेजमेंट ठीक नहीं था'मौके पर मौजूद एक चश्मदीद ने 'आज तक' को बताया कि मंदिर के गेट के पास करीब 100 लोगों ने कथित तौर पर बैरिकेड्स को धक्का दिया, जिससे भगदड़ मच गई और श्रद्धालु एक-दूसरे पर गिर पड़े. उन्होंने दावा किया कि जहां पर हादसा हुआ, वह एक ढलान वाला रास्ता था और यहां पर सिक्योरिटी और क्राउड मैनेजमेंट ठीक नहीं था.
उन्होंने कहा कि श्रद्धालु बांस के बैरिकेड से अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, तभी पीछे से आए लोगों ने धक्का देना शुरू कर दिया, जिससे बैरिकेड टूट गया और कई लोग गिर गए. चश्मदीद ने कहा,
"वहां भीड़ को संभालने के लिए कोई प्रशासन या सुरक्षाकर्मी नहीं था. लोग अंदर जाने के लिए एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे और जो भी गिर रहा था, उसे कुचला जा रहा था."
उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पत्नी भी भीड़ में दब गई थी और उनकी एक बेटी नहीं मिल रही है.
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अशोक धाम मंदिर परिसर में पहले भी भगदड़ मच चुकी है. 12 अगस्त 2019 को, सावन के महीने में ही भगदड़ में एक श्रद्धालु की मौत हो गई थी और करीब 15 लोग घायल हो गए थे.
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