सुप्रीम कोर्ट की सीनियर वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा है कि यौन उत्पीड़न भारतीय न्यायपालिका का एक ‘डर्टी सीक्रेट’ है. उन्होंने कहा कि कई महिला जज इससे पीड़ित हैं, लेकिन कोई बोलना नहीं चाहता. उन्होंने यह भी बताया कि एक महिला जज की तो नौकरी तक चली गई, क्योंकि उसने पुरुष जज की 'मांग' पूरी करने से इनकार कर दिया था.
'पुरुष जज महिला जजों का सेक्शुअल हरासमेंट करते हैं', इंदिरा जयसिंह के दावे से खलबली
सीनियर वकील इंदिरा जयसिंह के मुताबिक, यौन उत्पीड़न भारतीय न्यायपालिका का एक 'डर्टी सीक्रेट' है. कई महिला जज इसकी शिकार हैं. उन्होंने बताया कि पुरुष जज की मांग पूरी न करने पर एक महिला जज को नौकरी गंवानी पड़ी. जानें और क्या बताया उन्होंने.

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, 29वें 'डी.एस. बोरकर मेमोरियल लेक्चर' में ‘माई विजन ऑफ इंडिया: 2047 एडी’ विषय पर बोलते हुए इंदिरा जयसिंह ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए. उन्होंने बताया,
"अपने अनुभव के दौरान, मेरा वास्ता महिला जजों से पड़ा है. मैंने कई महिला जजों का पक्ष रखा है. ये महिला जज पुरुष जजों द्वारा किए गए यौन उत्पीड़न की शिकायतें लेकर मेरे पास आई हैं, इसीलिए मैंने अपनी किताब में लिखा है कि यौन उत्पीड़न भारत की न्यायपालिका का एक गंदा राज है. कोई भी इस बारे में बात नहीं करना चाहता."
इंदिरा जयसिंह ने एक घटना का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने यौन उत्पीड़न का शिकार हुई एक महिला जज का पक्ष रखा था. रिपोर्ट के मुताबिक, सीनियर वकील ने बताया,
"जिस महिला जज का मैं पक्ष रख रही थी, उन्होंने मुझे बताया कि जब कोई हाईकोर्ट जज रिटायर होता है तो जिला कोर्ट की महिला जजों को लाइन में खड़ा होने, एक ही रंग की साड़ी पहनने और डाइनिंग रूम में जाते हुए सभी पुरुष जजों पर फूल बरसाने के लिए कहा जाता है. यह हायर ज्यूडिशियरी का चलन है."
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आगे उन्होंने बताया कि जिस महिला जज ने उन्हें यह बात बताई, उसका एक पुरुष जज ने यौन उत्पीड़न किया. इंदिरा जयसिंह के मुताबिक, उस जज ने महिला जज से कहा, “मेरी शादी की 25वीं सालगिरह की पार्टी में आओ और एक आइटम नंबर पर डांस करो.”
सीनियर वकील का दावा है कि महिला जज ने इसका विरोध किया, जिसकी वजह से उसे अपनी नौकरी गंवानी पड़ी.
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