सौरव दास. प्रवक्ता कॉकरोच जनता पार्टी (CJP). उनका आरोप है कि कुछ ‘यूट्यूबर्स और मीडिया चैनल्स उनके घर में घुस’ गए. घर में घुसकर उन्होंने अंदर की तस्वीरें और विजुअल्स दिखाए, जिससे उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा खतरे में आ सकती है. सौरव दास ने कहा कि अगर उनके घर पर कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके जिम्मेदार ये यूट्यूबर्स और उनसे जुड़े ट्रोल्स होंगे. सौरव दास ने इस मामले में दिल्ली पुलिस से कार्रवाई की मांग की है.
'कुछ यूट्यूबर्स, चैनल मेरे घर में घुसे और...', CJP प्रवक्ता सौरव दास के गंभीर आरोप
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कुछ यूट्यूबर्स और मीडिया चैनल्स पर उनकी इजाजत के बिना घर में घुसने का आरोप लगाया है. सौरव ने कहा कि ये लोग उनके घर में घुसकर अंदर के विजुअल्स दिखा रहे हैं. CJP प्रवक्ता ने इसे अपनी सिक्योरिटी और प्राइवेसी का उल्लंघन बताते हुए दिल्ली पुलिस से कार्रवाई की मांग की है.

सौरव दास ने 5 अगस्त को एक्स पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी है. उन्होंने लिखा,
कुछ यूट्यूबर्स और मीडिया चैनल्स मेरे घर में घुस आए हैं और भीतर के विजुअल्स दिखा रहे हैं. यह न केवल मेरी प्राइवेसी का उल्लंघन है, बल्कि मेरे और मेरे परिवार की सिक्योरिटी के लिए भी गंभीर खतरा है. अगर इसके चलते असामाजिक तत्व मेरे घर पर या मुझ पर हमला करते हैं, तो इसके लिए सीधे तौर पर ये यूट्यूबर्स और उनसे कोऑर्डिनेट करने वाले ट्रोल जिम्मेदार होंगे.
सौरव दास के इस पोस्ट पर तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने लिखा,
हम इस मसले को जल्दी से जल्दी संसद में उठाने जा रहे हैं.

पिछले कुछ दिनों से कुछ मीडिया चैनल्स और यूट्यूबर्स सौरव दास के घर की लोकेशन और उसके विजुअल्स दिखा रहे है. ये लोग कथित तौर पर सौरव दास के आलीशन घर के बहाने उनको निशाना बना रहे हैं.
कौन हैं सौरव दास?
सौरव दास कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता बनने के बाद चर्चा में आए. जंतर मंतर प्रोटेस्ट के दौरान वो पार्टी के अगुआओं में से एक रहे. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग को लेकर सरकार से बात करने के लिए CJP के पक्षकारों में सौरव भी शामिल थे.
उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, वो दिल्ली के रहने वाले एक स्वतंत्र इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट और सोशल एक्टिविस्ट हैं. उन्होंने जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. साल 2020 में उन्होंने अपना प्रोफेशनल करियर शुरू किया. तब से वे कई अहम मुद्दों पर रिपोर्टिंग कर चुके हैं, जिसमें कानून (Law), सरकारी नीतियों (Governance), न्यायपालिका (Judiciary) और पारदर्शिता (Transparancy) जैसे मुद्दे शामिल हैं. सौरव के आर्टिकल द कारवां, अल जजीरा और द हिंदू जैसे कई बड़े संस्थानों में पब्लिश हुए हैं.
RTI और PIL से मिली पहचान
सौरव दास का प्रोफेशनल करियर 2020 से शुरू हुआ. लेकिन साल 2017 में 18 साल की उम्र से ही उन्होंने सूचना का अधिकार (RTI Act) का इस्तेमाल शुरू कर दिया था. कोविड 19 के दौरान जब जरूरी जानकारियां मिलने में दिक्कत आ रही थी, तब सौरव ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की. इसके बाद केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) को लंबित मामलों पर तेजी से फैसले लेने के निर्देश जारी करने पड़े थे.
वीडियो: पार्टी में डांस वाले वायरल वीडियो पर CJP की सफाई, सौरव दास और आशुतोष रांका ने क्या कहा?










