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कौन है सलीम डोला जिसे तुर्किए से भारत लाया गया? दाऊद के करीबी की पूरी क्राइम कुंडली जानें यहां

Salim Dola पहले मुंबई और फिर दुबई से अपने पूरे ड्रग सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहा था. अक्टूबर 2025 में मुंबई क्राइम ब्रांच सलीम डोला के मेन सहयोगी मोहम्मद सलीम सोहेल शेख को दुबई से डिपोर्ट कराकर भारत लाई थी. सलीम को Dawood Ibrahim का करीबी माना जाता है.

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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने सलीम डोला पर 1 लाख रुपये का इनाम रखा था. (ITG)

ड्रग तस्करी पर नकेल कसने में भारतीय एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है. इंटरनेशनल ड्रग स्मगलिंग के आरोपी ताहिर सलीम डोला को तुर्किए से भारत लाया गया. उसे डॉन दाऊद इब्राहिम का करीबी माना जाता है. रविवार, 26 अप्रैल को उसे इस्तांबुल में हिरासत में लिया था और 28 अप्रैल को दिल्ली एयरपोर्ट पर डिपोर्ट कर दिया गया. दिल्ली नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने उसे हिरासत में ले लिया है.

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इंडिया टुडे से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों के एक ऑपरेशन के बाद इंटरनेशनल एजेंसियों के साथ मिलकर सलीम डोला को भारत डिपोर्ट कराया गया है. मंगलवार की सुबह एक स्पेशल प्लेन से सलीम डोला को दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया. इस वक्त भारत की खुफिया एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं.

मुंबई के डोंगरी का रहने वाला ताहिर सलीम डोला, दाऊद इब्राहिम के ड्रग सिंडिकेट का किंगपिन बताया जाता है. नेशनल नारकोटिक्स ब्यूरो (NIA) ने उस पर 1 लाख रुपये का इनाम रखा था. मुंबई पुलिस ने भी सलीम को मोस्ट वांटेड घोषित कर रखा है. उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) भी जारी किया गया था.

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सलीम डोला को भारत लाए जाने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बयान दिया. उन्होंने X पर लिखा,

"नार्को सिंडिकेट के खिलाफ जीरो टॉलरेंस. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने आज तुर्किए से कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को वापस लाने में बड़ी कामयाबी हासिल की है. मोदी सरकार के ड्रग कार्टेल को पूरी तरह से खत्म करने के मिशन के तहत, हमारी एंटी-नार्कोटिक्स एजेंसियों ने ग्लोबल एजेंसियों के एक मजबूत नेटवर्क के जरिए सीमाओं के पार भी अपनी पकड़ बना ली है. अब वे कहीं भी छिप जाएं, ड्रग सरगनाओं के लिए कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है."

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अमित शाह का पोस्ट. (X)
इस्तांबुल से पकड़ा गया

सलीम डोला को इस्तांबुल के बेयलिकीजु इलाके में एक फ्लैट में रेड करके हिरासत में लिया गया था. तुर्किए की नेशनल इंटेलिजेंस ऑर्गनाइजेशन (MIT) और इस्तांबुल पुलिस डिपार्टमेंट ऑफ नारकोटिक्स डिविजन के ज्वाइंट ऑपरेशन में पकड़ा गया था. उसके पास से UAE का पासपोर्ट मिला था.

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सूत्रों के मुताबिक, सलीम डोला का कनेक्शन ग्लोबल सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क से जुड़ा रहा है. उसका नेटवर्क कई देशों तक फैला है. इस ड्रग रैकेट के तार भारत के मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम से भी जुड़े बताए जा रहे हैं.

दुबई से चल रहा सलीम डोला का नेटवर्क

सलीम डोला पहले मुंबई और फिर दुबई से अपने पूरे ड्रग सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहा था. अक्टूबर 2025 में मुंबई क्राइम ब्रांच सलीम डोला के मेन सहयोगी मोहम्मद सलीम सोहेल शेख को दुबई से डिपोर्ट कराकर भारत लाई थी. नवंबर 2025 में मुंबई पुलिस ने सलीम डोला के बेटे ताहिर डोला समेत उसके परिवार के चार सदस्यों को दुबई से भारत लाकर गिरफ्तार किया था.

जून 2025 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के एक बयान में बताया था,

"मुंबई पुलिस को कुर्ला पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 67/2024 के तहत ताहिर सलीम डोला की तलाश है. उस पर महाराष्ट्र के सांगली में सिंथेटिक ड्रग बनाने की फैक्ट्री चलाने का आरोप है. ताहिर सलीम डोला और अन्य से जुड़ी इस फैक्ट्री से कुल 126.141 किलोग्राम मेफेड्रोन (MD) ड्रग जब्त की गईं, जिनकी कीमत 25.22 लाख रुपये है. मामले की जांच के दौरान, पता चला कि आरोपी ताहिर सलीम डोला विदेश में कहीं बैठकर सिंथेटिक ड्रग बनाने की फैक्ट्री चला रहा था."

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली NCB के एक अधिकारी ने कहा कि वे पहले 59 साल के डोला से पूछताछ करेंगे और फिर उसे महाराष्ट्र और गुजरात समेत कई राज्यों को सौंप देंगे, जहां उसके खिलाफ केस दर्ज हैं.

सलीम डोला 1998 में पहली बार पकड़ा गया

लगभग एक दशक पहले भारत से भागने के बाद सलीम डोला विदेश से काम कर रहा था. उसने एक इंटरनेशनल नारकोटिक्स नेटवर्क बना लिया था. सलीम डोला को पहली बार 1998 में मुंबई एयरपोर्ट पर 40 किलोग्राम मैंड्रैक्स के साथ गिरफ्तार किया गया था. जांच अधिकारियों का मानना है कि सलीम मिर्ची के बाद उसने D-कंपनी के लिए ड्रग तस्करी का काम संभाला था.

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हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने सलीम डोला को गिरफ्तार किया था. एजेंसी ने समुद्र के रास्ते कुवैत ले जाए जाने से पहले 5 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के गुटखा के लगभग 1 लाख पाउच जब्त किए थे. यह माल गुजरात के पिपावाव पोर्ट और दिल्ली के एक गोदाम से जब्त किया गया था.

1,000 करोड़ रुपये के फेंटानिल तस्करी में भी उसका नाम सामने आया था. एजेंसियों का भी कहना है कि उसका सिंडिकेट मेफेड्रोन (MD) बनाने में पैसा लगाता है. प्रीकर्सर केमिकल सप्लाई करता है और महाराष्ट्र और गुजरात में सीक्रेट लैब चलाता है.

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