कर्नाटक में एक स्टूडेंट ने आरोप लगाया है कि CET यानी कॉमन एंट्रेंस एग्जाम के दौरान जबरन उसका जनेऊ उतरवा दिया गया. आरोप ये भी है कि न सिर्फ जनेऊ उतरवाया गया, बल्कि उसे काटकर डस्टबिन में फेंक दिया गया. इससे पहले भी बेंगलुरु में कुछ छात्रों ने आरोप लगाया था कि उन्हें जनेऊ पहनकर एग्जाम देने से रोक दिया गया. सभी छात्र CET (कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) देने के लिए एग्जाम सेंटर पहुंचे थे लेकिन हॉल में एंट्री से पहले उनसे जनेऊ उतारने के लिए कहा गया.
'जनेऊ काटकर कूड़े में फेंक दिया', कर्नाटक में CUET एग्जाम देने गए छात्र का आरोप
स्टूडेंट के मुताबिक उसने हाल ही में हुए अपने उपनयन संस्कार के बाद से वो धागा पहन रखा था. हिंदू मान्यताओं के अनुसार उपनयन एक तरह का संस्कार है जिसके बाद पुरुषों को जनेऊ पहनाया जाता है.


ताजा घटना पर स्टूडेंट सुप्रीत ने बताया कि एग्जाम सेंटर में प्रवेश करते समय वहां मौजूद स्टाफ ने उसे रोक लिया और धागा (जनेऊ) हटाने को कहा. स्टूडेंट के मुताबिक, उसने हाल ही में हुए अपने उपनयन संस्कार के बाद से उसे पहन रखा था. हिंदू मान्यताओं में उपनयन एक तरह का संस्कार है. इसके बाद पुरुषों को ‘जनेऊ’ पहनाया जाता है. स्टूडेंट का आरोप है कि वह खुद ही जनेऊ उतारने को तैयार हो गया था लेकिन कर्मचारियों ने उसे काट दिया और फिर कूड़े में फेंक दिया.
स्टूडेंट का कहना है कि इस घटना से उसे भावनात्मक रूप से गहरा आघात लगा है. साथ ही CET पेपर में उसके प्रदर्शन पर भी इसका असर पड़ा है. स्टूडेंट ने दोबारा एग्जाम कराने या फिर ग्रेस मार्क्स देने की मांग की है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टूडेंट की मां एक सिंगल पैरेंट हैं. मां ने कहा कि उनका बेटा एक होनहार स्टूडेंट है जिसने PUC एग्जाम में 90 परसेंट नंबर हासिल किए हैं. उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग से इस मामले में दखल देने की मांग की है.
अखिल कर्नाटक ब्राह्मण महासभा ने घटना की निंदा की और कहा कि वह कॉलेज के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए उच्च अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराएंगे. कुछ दिन पहले भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जिसमें, एक कॉलेज के 5 स्टूडेंट्स को कथित तौर पर परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से पहले दिन अपने पवित्र धागे (जनेऊ) उतारने के लिए कहा गया था.
वीडियो: तारीख: कहानी बिहार के जनेऊ आंदोलन की जिसने वहां की पॉलिटिक्स को पूरी तरह बदल दिया



















