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'जनेऊ काटकर कूड़े में फेंक दिया', कर्नाटक में CUET एग्जाम देने गए छात्र का आरोप

स्टूडेंट के मुताबिक उसने हाल ही में हुए अपने उपनयन संस्कार के बाद से वो धागा पहन रखा था. हिंदू मान्यताओं के अनुसार उपनयन एक तरह का संस्कार है जिसके बाद पुरुषों को जनेऊ पहनाया जाता है.

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स्टूडेंट ने उच्च शिक्षा विभाग से मामले में दखल देने को कहा है (PHOTO-India Today)

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  • कर्नाटक में एक छात्र ने आरोप लगाया कि CET परीक्षा के दौरान उसे जबरन जनेऊ उतारने को कहा गया और जनेऊ काटकर डस्टबिन में फेंक दिया गया।
  • इस घटना का कारण परीक्षा केंद्र में छात्रों से धार्मिक प्रतीक हटाने के निर्देश और पहले भी समान आरोपों की शिकायतें हैं।
  • अखिल कर्नाटक ब्राह्मण महासभा ने इस घटना की निंदा की है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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सगाय राज

कर्नाटक में एक स्टूडेंट ने आरोप लगाया है कि CET यानी कॉमन एंट्रेंस एग्जाम के दौरान जबरन उसका जनेऊ उतरवा दिया गया. आरोप ये भी है कि न सिर्फ जनेऊ उतरवाया गया, बल्कि उसे काटकर डस्टबिन में फेंक दिया गया. हिंदू धर्म के संस्कारों के मुताबिक, जनेऊ एक पवित्र धागा है, जिसे उपनयन संस्कार के बाद पुरुष पहनते हैं. इससे पहले भी बेंगलुरु में कुछ छात्रों ने आरोप लगाया था कि उन्हें जनेऊ पहनकर एग्जाम देने से रोक दिया गया. सभी छात्र CET (कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) देने के लिए एग्जाम सेंटर पहुंचे थे लेकिन हॉल में एंट्री से पहले उनसे जनेऊ उतारने के लिए कहा गया. 

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हाल ही में हुआ था ‘उपनयन संस्कार’

ताजा घटना पर स्टूडेंट सुप्रीत ने बताया कि एग्जाम सेंटर में प्रवेश करते समय वहां मौजूद स्टाफ ने उसे रोक लिया और धागा (जनेऊ) हटाने को कहा. स्टूडेंट के मुताबिक, उसने हाल ही में हुए अपने उपनयन संस्कार के बाद से उसे पहन रखा था. उपनयन संस्कार हिंदू मान्यता के 16 संस्कारों में से एक है, जिसके बाद पुरुषों को तीन पवित्र धागों वाला ‘जनेऊ’ पहनाया जाता है. स्टूडेंट का आरोप है कि वह खुद ही जनेऊ उतारने को तैयार हो गया था लेकिन कर्मचारियों ने उसे काट दिया और फिर कूड़े में फेंक दिया. 

स्टूडेंट का कहना है कि इस घटना से उसे भावनात्मक रूप से गहरा आघात लगा है. साथ ही CET पेपर में उसके प्रदर्शन पर भी इसका असर पड़ा है. स्टूडेंट ने दोबारा एग्जाम कराने या फिर ग्रेस मार्क्स देने की मांग की है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टूडेंट की मां एक सिंगल पैरेंट हैं. मां ने कहा कि उनका बेटा एक होनहार स्टूडेंट है जिसने PUC एग्जाम में 90 परसेंट नंबर हासिल किए हैं. उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग से इस मामले में दखल देने की मांग की है. 

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अखिल कर्नाटक ब्राह्मण महासभा ने घटना की निंदा की और कहा कि वह कॉलेज के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए उच्च अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराएंगे. कुछ दिन पहले भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जिसमें, एक कॉलेज के 5 स्टूडेंट्स को कथित तौर पर परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से पहले दिन अपने पवित्र धागे (जनेऊ) उतारने के लिए कहा गया था.

वीडियो: तारीख: कहानी बिहार के जनेऊ आंदोलन की जिसने वहां की पॉलिटिक्स को पूरी तरह बदल दिया

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