The Lallantop

गलवान में सेना को अकेला छोड़ा गया था? विवाद पर जनरल नरवणे ने तोड़ी चुप्पी, क्या कहा?

जनरल नरवणे की किताब में कथित तौर पर लिखे एक वाक्य की वजह से खूब बवाल हुआ था. राहुल गांधी ने एक लाइन कोट करते हुए कहा था कि सरकार ने सेना को उनके हाल पर छोड़ दिया था. उन्होंने कहा था कि सरकार ने तत्कालीन चीफ जनरल नरवणे से कहा कि 'जो उचित समझ में आए वो करो.'

Advertisement
post-main-image
जनरल नरवणे ने अपनी 'अनपब्लिश्ड' किताब को लेकर खूब विवाद हुआ था (PHOTO-India Today)

पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज नरवणे ने अपनी अप्रकाशित किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' और उससे जुड़े विवादों पर जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि इस किताब के लिए उन्हें कोट करना और सुर्खियों में घसीटना उचित नहीं था. जनरल नरवणे की पब्लिश न हुई किताब पर संसद से लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस हुई थी. सीनियर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भी उनकी किताब को लेकर कई दावे किए थे. इसके अलावा एक मैगजीन ने भी इस पर रिपोर्ट छापी थी. इसमें सबसे अधिक विवाद चीन के फ्रंट से जुड़ी कुछ बातों को लेकर हुआ था.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

जनरल नरवणे ने हाल ही में अपनी एक और किताब ‘The Curious and the Classified: Unearthing Military Myths and Mysteries’ रिलीज की है. उन्होंने कहा कि वे पहले ही दो किताबें लिख चुके हैं और तीसरी किताब भी जल्द ही रिलीज होगी. द हिंदू के मुताबिक मीडिया से बात करते हुए जनरल नरवणे ने कहा,

डिफेंस मिनिस्ट्री ने पब्लिशर से कहा था कि जब तक किताब की जांच पूरी न हो जाए, तब तक इसे रोक कर रखा जाए. जहां तक मेरी बात है, मामला वहीं खत्म हो गया था, और मैं आगे बढ़ चुका हूं. इसलिए वह अब एक बंद अध्याय है और बेवजह मेरा जिक्र करना, उस किताब को सुर्खियों में लाना जो पब्लिश ही नहीं हुई है, और मुझे भी सुर्खियों में घसीटना, मुझे लगता है कि यह कहीं से उचित नहीं था.

Advertisement
Has Naravane's memoir been published? Online buying links vanish amid row
राहुल गांधी ने जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब संसद के बाहर दिखाई थी (PHOTO-X)
जो उचित समझो, वो करो का क्या मतलब था

जनरल नरवणे की किताब में कथित तौर पर लिखे एक वाक्य की वजह से खूब बवाल हुआ था. राहुल गांधी ने एक लाइन कोट करते हुए कहा था कि सरकार ने सेना को उनके हाल पर छोड़ दिया था. उन्होंने कहा था कि सरकार ने तत्कालीन चीफ जनरल नरवणे से कहा कि 'जो उचित समझ में आए वो करो.' अब जनरल नरवणे ने इसका भी जवाब दिया है. इंडिया टुडे से बात करते हुए जनरल नरवणे ने कहा कि इस टिप्पणी से सेनाओं पर सरकार का ‘पूर्ण विश्वास’ जाहिर होता है, और इस पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा,

यह मूल रूप से सरकार के सेना, उसकी हायरार्की और सर्विस चीफ्स पर रखे गए गहरे भरोसे को दर्शाता है. उन्हें पता था कि जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए ही लिया जाएगा. सेनाएं पूरी तरह से राजनीति से दूर रहती हैं. जैसा कि हमारे पड़ोसी देश (पाकिस्तान) में नहीं होता.

उन्होंने कहा कि यह कोई छिपी बात नहीं है कि पाकिस्तान में सेना का ही बोलबाला रहता है और अक्सर वह सिविलियन लीडरशिप पर हावी हो जाती है.

Advertisement

वीडियो: राजधानी: चीन-अग्निवीर पर जनरल नरवणे ने किताब में क्या लिखा, जिससे सियासी बवाल मचा है?

इस पोस्ट से जुड़े हुए हैशटैग्स
Advertisement