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राम मंदिर चढ़ावा केस: सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर की याचिका, CJI समेत 3 जजों की बेंच करेगी सुनवाई

राम मंदिर चढ़ावा मामले की सुनवाई खुद CJI Suryakant करेंगे. उनके साथ इस बेंच में Justice Joymalya Bagchi और Justice VS Mohan भी होंगे. कोर्ट ये सुनवाई दो वकीलों अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव की ओर से दायर याचिका पर होगी.

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राम मंदिर के चढ़ावे मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी (PHOTO-India Today)

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  • सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के मामले की सुनवाई करेगी, जिसके अध्यक्ष चीफ जस्टिस सूर्यकांत होंगे और इसपर जनहित याचिका दायर की गई है।
  • राम मंदिर दान चढ़ावे में कथित हेराफेरी और वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों के आधार पर नागरिकों ने जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है।
  • सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट जांच की निगरानी, फाइनेंस रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और मजबूत ऑडिट व्यवस्था बनाने के निर्देश दे सकता है।

राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी, जिसकी अध्यक्षता खुद चीफ जस्टिस सूर्यकांत करेंगे. इस मामले में एक जनहित याचिका दाखिल की गई थी. याचिका में मांग की गई थी कि राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चोरी के मामले में जांच करवाई जाए. इस मामले की सुनवाई में CJI सूर्यकांत के अलावा जस्टिस जॉयमला बागची और जस्टिस वीएस मोहन भी शामिल होंगे. तीन जजों की बेंच वकील अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करेगी. इसी मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह की ओर से दायर एक अलग याचिका भी सुनवाई के लिए लिस्ट की गई है.

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याचिका में क्या मांग की गई है?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक याचिका में राम मंदिर के लिए दिए गए दान और चढ़ावे में गड़बड़ी और कथित हेराफेरी के आरोपों की पूरी जांच की मांग की गई है. इसमें कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ट्रस्ट को मिले फंड के इस्तेमाल में कोई वित्तीय गड़बड़ी या भ्रष्टाचार हुआ है या नहीं.

याचिका के अनुसार, इस मामले में पहले ही FIR दर्ज की जा चुकी है और उत्तर प्रदेश पुलिस की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अंतरिम रिपोर्ट भी सौंप दी है. हालांकि, याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि निष्पक्ष और तय समय-सीमा में जांच सुनिश्चित करने के लिए सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की अगुवाई में SIT से स्वतंत्र जांच जरूरी है. याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार और श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट को यह निर्देश देने की भी मांग की गई है कि वे भविष्य में ऐसे आरोपों को रोकने के लिए ट्रस्ट के फाइनेंस और संपत्ति के लिए एक मजबूत ऑडिट और निगरानी सिस्टम बनाएं.

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रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग

याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से यूपी सरकार और ट्रस्ट को यह निर्देश देने का अनुरोध किया है कि जांच पूरी होने तक दान से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं. इनमें बैंक अकाउंट की जानकारी, दान रजिस्टर, ऑडिट रिपोर्ट, CCTV फुटेज, कंप्यूटर रिकॉर्ड और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट्स शामिल हैं. याचिका में जांच के दौरान सबूतों को नष्ट करने, बदलने या उनसे छेड़छाड़ करने पर रोक लगाने का आदेश देने की भी मांग की गई है.

पहले SC ने ‘जल्द सुनवाई’ से इनकार किया था

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में CBI जांच वाली जनहित याचिकाओं (PILs) को खारिज कर दिया था. मामले को जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की वेकेशन बेंच के सामने इमरजेंसी लिस्टिंग के लिए रखा गया था. जल्द सुनवाई की मांग को खारिज करते हुए बेंच ने कहा था,

जब सुप्रीम कोर्ट का कामकाज पूरी तरह से सामान्य हो जाएगा, तब इन याचिकाओं को उचित समय पर लिस्ट किया जाएगा.

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सभी बातों को सुनते हुए बेंच ने मामले की तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया था. कहा कि कोर्ट के दोबारा खुलने के बाद पहले हफ्ते में इसे लिस्ट किया जाएगा. कोर्ट ने तब ये भी कहा था कि इससे कोई आसमान नहीं टूट पड़ेगा. सुप्रीम कोर्ट अभी सीमित कामकाज के दिनों में कम संख्या में जजों के साथ काम कर रहा है. 13 जुलाई से पूरी क्षमता के साथ काम शुरू करने वाला है.

(यह भी पढ़ें: SC का राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर तत्काल सुनवाई से इनकार, कहा- ‘आसमान नहीं टूट पड़ेगा’)

वीडियो: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मिले अखिलेश यादव, राम मंदिर चंदा चोरी पर क्या बात हुई?

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