पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के एक महीने बाद इस्तीफा देने वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन पूर्व राज्यसभा सांसदों- सुखेंदु शेखर, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक ने 9 जुलाई को BJP जॉइन कर ली. अभी उन्हें पार्टी जॉइन किए कुछ ही घंटे ही बीते थे, तब तक BJP ने उन्हें राज्यसभा उपचुनाव का कैंडिडेट घोषित कर दिया.
TMC छोड़कर BJP जॉइन करने वाले 3 पूर्व सांसदों को इनाम, घंटों में भाजपा ने दिया राज्यसभा टिकट
Rajya Sabha Bypoll: इन तीनों पूर्व सांसदों के इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा सीट के लिए 24 जुलाई को उपचुनाव होंगे. इसी दिन काउंटिंग भी होगी. इस उपचुनाव के लिए नॉमिनेशन की आखिरी तारीख 14 जुलाई है. BJP इन तीनों नेताओं को अपने टिकट पर राज्यसभा भेज रही है.


TMC से नाता तोड़ने वाले सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बारिक अब BJP के राज्यसभा कैंडिडेट हैं. सुखेंदु शेखर ने 8 जून, सुष्मिता देव ने 10 जून और प्रकाश चिक ने 11 जून को रिजाइन किया था.
इन तीनों पूर्व सांसदों के इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा सीट के लिए 24 जुलाई को उपचुनाव होंगे. इसी दिन काउंटिंग भी होगी. इस उपचुनाव के लिए नॉमिनेशन की आखिरी तारीख 14 जुलाई है. बीजेपी इन तीनों नेताओं को अपने टिकट पर राज्यसभा भेज रही है. नंबर गेम के हिसाब से तीनों सीटें बीजेपी के खाते में जानी तय हैं.
सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बारिक ने कोलकाता में पार्टी ऑफिस में राज्य पार्टी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की मौजूदगी में BJP जॉइन कर ली. इस मौके पर समिक भट्टाचार्य ने कहा,
हमारे सभी नेता, जिनमें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और मैं भी शामिल हैं, इनके पार्टी में शामिल होने से खुश हैं. यह हमारे लिए वाकई खुशी का दिन है. ये असम और त्रिपुरा की तरह है, जो डबल-इंजन सरकार के तहत आगे बढ़ रहे हैं, बंगाल भी आगे बढ़ेगा.
TMC में लगातार बगावत4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही TMC के कई नेता पार्टी छोड़कर जा चुके हैं. इस बीच, 8 जून को सुखेंदु शेखर रॉय ने राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद 10 जून को सुष्मिता देव और 11 जून को बारिक ने भी इस्तीफा दे दिया.
9 जुलाई को बीजेपी में शामिल होने के बाद, रॉय ने कहा कि 2024 के आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और मर्डर केस के बाद हुए विरोध-प्रदर्शनों से ही यह संकेत मिल गया था कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी विधानसभा चुनाव में सत्ता बरकरार नहीं रख पाएगी.
कांग्रेस छोड़ TMC आई थीं सुष्मिताबीते महीने TMC राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा देने के बाद सुष्मिता देव ने नई दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा से मुलाकात की थी. हालांकि उन्होंने इसे एक शिष्टाचार मुलाकात बताया था. सुष्मिता देव, पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष मोहन देव की बेटी हैं. उन्होंने कांग्रेस पार्टी से अपना करियर शुरू किया और 2014 में असम की सिलचर लोकसभा सीट जीतीं.
इसके बाद वो ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं और इसी से उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. इसके बाद 2021 में वह TMC में शामिल हो गईं. TMC में उन्होंने राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर काम किया और बाद में राज्यसभा के लिए चुनी गईं.
सुखेंदु भी कांग्रेस से आए थेवहीं सुखेंदु शेखर रॉय का राजनीतिक सफर भी कांग्रेस पार्टी से शुरू हुआ था. बाद में वह TMC में शामिल हो गए थे. वह 2009 से 2011 के बीच कलकत्ता हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रहे. 2011 में ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद वह पहली बार राज्यसभा सदस्य बने थे.
इसके बाद, उन्होंने संसद में लगातार तीन कार्यकाल पूरे किए. वह सदन में पार्टी के चीफ व्हिप भी थे. हालांकि, RG कर मामले के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और एक नाइट मार्च में भी शामिल हुए थे.
अभिषेक के करीबी रहे प्रकाशप्रकाश चिक बाराइक को देेखें तो वो पार्टी से इस्तीफा देने से पहले उन्हें अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता था. 2018 में उन्होंने अलीपुरद्वार जिले की कुमारग्राम पंचायत से अपना पहला चुनाव लड़ा, जिसके बाद पार्टी में उनका कद तेजी से बढ़ा. पांच साल के भीतर, 2023 में वह राज्यसभा के लिए चुने गए.
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