The Lallantop

सरकारी अस्पताल में कर रहे थे मरीजों का इलाज, राजस्थान SOG ने दबोचे 3 'फर्जी डॉक्टर'

राजस्थान में Special Operation Group ने 3 फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है. तीनों फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर सरकारी अस्पताल में इंटर्नशिप कर रहे थे. अब तक की जांच में सामने आया है कि तीनों ने विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी.

Advertisement
post-main-image
राजस्थान SOG ने 3 फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया. (फोटो- इंडिया टुडे)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • राजस्थान में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने तीन फर्जी डॉक्टरों नवदीप तम्बोलिया, चिराग साहू और आफरीदी खान को गिरफ्तार किया जो बिना FMGE परीक्षा पास किए फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर इंटर्नशिप कर रहे थे।
  • इन डॉक्टरों ने विदेश से MBBS की पढ़ाई की थी लेकिन FMGE स्क्रीनिंग परीक्षा पास नहीं की, जिसके बाद उन्होंने 23.5 से 25 लाख रुपये की रिश्वत देकर फर्जी FMGE सर्टिफिकेट बनवाया और मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराया।
  • गिरफ्तारी के बाद 28 आरोपियों की संख्या हो गई है और SOG मामले की गहराई से जांच कर रहा है ताकि फर्जी सर्टिफिकेट नेटवर्क के अन्य सदस्यों और लाभार्थियों का पता लगाया जा सके।
author-image
शरत कुमार

राजस्थान में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने 3 फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है. तीनों विदेशों से MBBS की पढ़ाई करने के बाद भारत लौटे थे. आरोप है कि यहां उन्होंने फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE) परीक्षा पास नहीं की थी. बावजूद इसके उन्होंने फर्जी सर्टिफिकेट बनवाए और सरकारी हॉस्पिटल में इंटर्नशिप करने लगे. गिरफ्तारी के बाद तीनों को कोर्ट ने पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. 

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

आरोपियों की पहचान नवदीप तम्बोलिया, चिराग साहू और आफरीदी खान के तौर पर हुई है. इंडिया टुडे से जुड़े शरत कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक,  FMGE की परीक्षा पास किए बिना फर्जी सर्टिफिकेट बनाया था. इसके लिए आरोपियों ने 20 से 25 लाख रुपये की रिश्वत दी थी. बाद में राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराया और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप भी की.

कई प्रयास के बाद भी आरोपी नहीं कर पाए FMGE परीक्षा पास

ADG (SOG) विशाल बंसल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि विदेश से MBBS करने वाले डॉक्टरों के लिए FMGE स्क्रीनिंग परीक्षा पास करना अनिवार्य है. उन्होंने बताया, ‘आरोपियों ने फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराया. फिलहाल मामले की गहराई से जांच की जा रही है.’ अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, तीनों विदेशों से MBBS करके भारत लौटे थे, लेकिन कई प्रयासों के बावजूद भी FMGE एग्जाम पास नहीं कर पाए. इसके बाद तीनों ने कुछ दलालों से संपर्क किया 23.5 से 25 लाख रुपये देकर फर्जी FMGE सर्टिफिकेट बनवाए. SOG के अनुसार,  फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राजकीय मेडिकल कॉलेज दौसा, पैसिफिक मेडिकल कॉलेज उदयपुर और राजकीय मेडिकल कॉलेज अलवर में तीनों ने इंटर्नशिप भी पूरी कर ली थी.

Advertisement

यह भी पढ़ें: यूपी में 31 साल तक फर्जी सर्टिफिकेट से करता रहा सरकारी नौकरी, रिटायरमेंट के बाद केस दर्ज!

इससे पूरे मेडिकल सिस्टम की जांच और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर 4 जुलाई 2026 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है. SOG अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था. कितने फर्जी सर्टिफिकेट जारी हुए और किन-किन लोगों ने इस पूरे खेल से फायदा उठाया.

FMGE सर्टिफिकेट दिलाने वाले दलालों की भी हुई गिरफ्तारी

इस मामले में फर्जी सर्टिफिकेट बनाने वाले कुछ आरोपियों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है. मुख्य आरोपी भानाराम माली, शुभम गुर्जर और इन्द्रराज गुर्जर विदेश से लौटे मेडिकल ग्रेजुएट्स को फर्जी FMGE सर्टिफिकेट दिलाने का आरोप है. जांच रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों गिरफ्तार आरोपी पहले सर्टिफिकेट दिलाते थे और इसके बाद राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराने का भी काम किया जाता था.

Advertisement

SOG की कार्रवाई के साथ ही इस फर्जीवाड़े में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या अब 28 तक पहुंच गई है. इससे पहले 17 विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट डॉक्टर, राजस्थान मेडिकल काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा, यूडीसी अखिलेश माथुर, एलडीसी फरहान हसन, मुख्य आरोपी भानाराम माली और एक दलाल को गिरफ्तार किया जा चुका है.

वीडियो: जयपुर में रिसॉर्ट गिरने से 3 की मौत, 10 से ज्यादा घायल

Advertisement