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बेटा-बहू नहीं चाहते थे पापा चुनाव लड़ें, दोनों को देर रात SUV से कुचल कर मार डाला

मामला चुरू की तारानगर तहसील के चांगोई गांव का है. आरोप है कि यहां मंगलवार, 13 अक्टूबर की देर रात एक 60 साल के शख्स ने अपने बेटे और बहू को SUV से कुचल दिया. पुलिस का कहना है कि पंचायत चुनाव लड़ने के फैसले को लेकर परिवार में विवाद चल रहा था.

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पिता का विरोध बेटा-बहू ने जान देकर चुकाई. (सांकेतिक तस्वीर/Courtesy: PTI)

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  • राजस्थान के चूरू जिले के चांगोई गांव में रामचंद्र जाट ने पंचायत चुनाव लड़ने के विवाद के चलते अपने बेटे रविंद्र और बहू महिंद्रा को बोलेरो जीप से कुचलकर हत्या कर दी।
  • परिवार में रामचंद्र के पंचायत चुनाव लड़ने के फैसले को लेकर बेटे और बहू का विरोध और कई दिनों से चल रहे विवाद के कारण यह घटना हुई।
  • पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की गाड़ी जब्त कर ली गयी है, इस मामले में कोर्ट में कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

भारत में हर तरह के चुनाव को बहुत गंभीरता से लिया जाता है. लेकिन क्या चुनाव लड़ना किसी की सनक भी बन सकता है? एक उदाहरण राजस्थान से सामने आया है. यहां चूरू जिले में एक शख्स ने कथित तौर पर अपने बेटे और बहू की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी, क्योंकि वे दोनों उनके चुनाव लड़ने के फैसले के खिलाफ थे.

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टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला चुरू की तारानगर तहसील के चांगोई गांव का है. आरोप है कि यहां मंगलवार, 13 अक्टूबर की देर रात एक 60 साल के शख्स ने अपने बेटे और बहू को SUV जीप से कुचल दिया. पुलिस का कहना है कि पंचायत चुनाव लड़ने के फैसले को लेकर परिवार में विवाद चल रहा था. आरोपी की पहचान रामचंद्र जाट के रूप में हुई है. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है.

तारानगर थाने के हेड कॉन्स्टेबल सुरेश कुमार ने मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि रामचंद्र चांगोई गांव में धर्मकांटा चलाता है. वो वहीं से सरपंच का चुनाव लड़ना चाहता था. लेकिन उसका बेटा रविंद्र और बहू महिंद्रा इसके खिलाफ थे. पिछले कुछ दिनों से इसको लेकर परिवार में कई बार झगड़े हुए थे.

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13 अक्टूबर को भी एक बार फिर तीनों के बीच बहस शुरू हुई. लेकिन इस बार बात काफी आगे निकल गई. झगड़ा पहले घर पर शुरू हुआ, इसके बाद रामचंद्र और रविंद्र धर्मकांटा पर चले गए. कुछ देर बाद बहू महिंद्रा भी वहां पहुंच गई. वहां भी चुनाव वाली बात पर बहस छिड़ गई.

आरोप है कि देर रात करीब 12.50 बजे जब रविंद्र और महिंद्रा घर लौट रहे थे, तभी रामचंद्र पीछे से अपनी बोलेरो जीप लेकर आया और दोनों को कुचल दिया.

गांव वालों ने बुलाई पुलिस

बेटा-बहू की चीख-पुकार की आवाज सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे. उन्होंने ही पुलिस को सूचना दी. दोनों घायलों को गंभीर हालत में तारानगर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया. लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी. पहले उनके शवों को मुर्दाघर में रखवाया गया था, उसके बाद परिजनों को सौंप दिया गया.

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आरोपी रामचंद्र पुलिस की हिरासत में है. पुलिस ने उस गाड़ी को भी जब्त कर लिया है जिससे मृतकों को कुचला गया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 14 अक्टूबर को बहू के मायके वाले थाने पहुंच गए थे और गुस्से में आरोपी के साथ मारपीट की थी. 

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