कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी मामले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को चिट्ठी लिखी है. पत्र में उन्होंने BJP के वरिष्ठ नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने पर आपत्ति जताई है. कांग्रेस नेता ने मांग की है कि दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर फिर से विचार किया जाए. क्योंकि उस पद पर उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई नहीं हो सकती. और अंकिता मामले में अब तक ‘VIP शख्स’ का जवाब नहीं मिला है.
'अंकिता भंडारी केस से जुड़े हैं', राहुल गांधी ने दुष्यंत गौतम से राज्यपाल पद वापस लेने की मांग की
Ankita Bhandari murder case: अंकिता भंडारी के माता-पिता 14 अक्टूबर को इंडिया गेट पर धरना दे रहे थे. बाद में राहुल गांधी-प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस के कई नेता और अन्य प्रदर्शनकारी भी मौके पर पहुंच गए. अब राहुल गांधी ने मामले में दुष्यंत कुमार की नियुक्ति पर ही सरकार को फिर से विचार करने के लिए कहा है.

हाल ही में दुष्यंत कुमार को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया था. इस फैसले का विरोध करते हुए अंकिता के माता-पिता इंडिया गेट पर धरने पर बैठे. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के कई नेता और अन्य प्रदर्शनकारी भी मौके पर पहुंचे. कुछ देर बाद मृतक के माता-पिता आदि को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और कुछ घंटों बाद छोड़ भी दिया.
महिलाओं की सुरक्षा, नियुक्ति पर पुनर्विचारइस मामले में 15 अक्टूबर को राहुल गांधी ने एक्स पर दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर एतराज जताया. उन्होंने लिखा,
"19 साल की अंकिता भंडारी ने एक VIP (वेरी इंपोर्टेंट पर्सन) के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार किया. इस वजह से उसकी हत्या कर दी गई. चार साल बाद भी CBI की धीमी जांच के चलते यह सवाल बना हुआ है कि वो VIP कौन था.
अंकिता के परिवार समेत कई लोग मानते हैं कि दुष्यंत गौतम इस मामले से जुड़े हुए हैं. ऐसे में उनकी सिक्किम के राज्यपाल के पद पर नियुक्ति से मैं स्तब्ध हूं. राज्यपाल के पद पर रहते हुए उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही नहीं हो सकती."
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी को महिलाओं की सुरक्षा की ‘परवाह नहीं’ है. उन्होने आगे कहा,
“दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की सलाह देकर प्रधानमंत्री मोदी ने साबित किया है कि महिलाओं की सुरक्षा की उन्हें बिल्कुल परवाह नहीं है. मैं आपसे अपील करता हूं कि सरकार को इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करने और जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को पदभार न देने की सलाह दें. अंकिता के माता-पिता की न्याय की उम्मीद मत टूटने दीजिए.”
कांग्रेस नेता ने पोस्ट के साथ दो पन्नों का लेटर भी शेयर किया है. पत्र के आखिर में उन्होंने लिखा कि कृपया अंकिता के माता-पिता को सांत्वना दें. और राज्यपाल के उच्च पद की गरिमा की रक्षा करें.
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उधर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया. बरनीगाड में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा,
“अंकिता के मामले में सरकार की संवेदनाएं उनके परिजनों के साथ हैं. राज्य सरकार ने सीबीआई की मांग को स्वीकार करते हुए जांच कराने का निर्णय लिया था. हाई कोर्ट में भी सरकार की मजबूत पैरवी से जमानत याचिका खारिज हुई थी. सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है.”
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास कर रहा है.
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