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बस वाले ने 10 किमी पहले उतारा, बंदा पेमेंट रिसीप्ट लेकर कोर्ट पहुंचा, मोटा पैसा मिला

एक शख्स ने हैदराबाद से आंध्र प्रदेश के राजमंड्री शहर के लिए एक ट्रेवल कंपनी से बस का टिकट बुक किया. उनका दावा है कि उन्हें देर रात बस वाले ने उनके इलाके 10 किमी पहले उतार दिया. अब डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर रेड्रेसल कमीशन ने उन्हें ट्रेवल कंपनी से मोटी रकम दिलवाई है.

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शख्स को मोटी रकम मुआवजे के तौर पर मिली है(courtesy: AI generated)

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  • एक व्यक्ति ने आंध्र प्रदेश में हैदराबाद से राजमंड्री के लिए AC बस का टिकट बुक किया था, लेकिन नॉन AC बस में यात्रा कराई गई और डेस्टिनेशन से 10 किलोमीटर पहले उतार दिया गया।
  • व्यक्ति को नॉन AC बस में यात्रा कराने, कोई फिजिकल टिकट न देने और समय रात 12:30 बजे कोव्वुर इलाके में असुरक्षित स्थान पर उतार दिए जाने के कारण कंपनी की सेवा में कमी आई।
  • विशाखापट्टनम डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर रेड्रेसल कमीशन ने ट्रैवल कंपनी को 500 रुपये टिकट का अंतर, 30,000 रुपये मुआवजा और 1,000 रुपये खर्च देने का आदेश दिया।

मान लीजिए आपने AC बस का टिकट बुक किया, लेकिन जब आप बस अड्डे पर पहुंचे, तो पता चला कि बस नॉन AC है. आप जैसे-तैसे अपने मन को तैयार कर लें और उस बस में बैठ जाएं. मगर उससे भी बुरा होना अभी बाकी है. रात में बीच सड़क में बस रोक दी जाए और आपको उतार दिया जाए, वो भी डेस्टिनेशन से यानी आपके इलाके से काफी पहले. आंध्र प्रदेश में एक शख्स के साथ ऐसा ही हुआ. मगर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और वो जिला कंज्यूमर कोर्ट पहुंचे. वहां उनकी अर्जी सुनी गई और उन्हें मोटी रकम मुआवजे के तौर पर मिली. अब कहानी शुरू से शुरू करते हैं.

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, शख्स ने हैदराबाद से आंध्र प्रदेश के राजमंड्री शहर के लिए एक ट्रेवल कंपनी से बस का टिकट बुक किया. उनका दावा है कि उन्होंने AC बस का टिकट बुक किया था, लेकिन उन्हें नॉन AC से ट्रेवल करना पड़ा. 

इसके बाद उन्होंने बताया कि ट्रेवल कंपनी की ओर से उन्हें कोई फिजिकल टिकट नहीं दिया गया. आगे उन्होंने दावा किया कि उन्हें उनके डेस्टिनेशन यानी राजमंड्री से करीब दस किलोमीटर पहले कोव्वुर इलाके में उतार दिया गया. शख्स ने बताया कि उस समय रात के 12:30 बज रहे थे और वहां कोई सेफ्टी या ट्रांसपोर्ट भी नहीं था.      

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फिर शख्स ने कंपनी से रिफंड की मांग की. कहा कि उन्हें 500 रुपये रिफंड मिलना चाहिए, लेकिन उनके मुताबिक कंपनी ने रिफंड देने से मना कर दिया. इसके बाद शख्स ने नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन से मदद मांगी, मगर कोई सोल्यूशन नहीं निकला. फिर आखिरकार उन्होंने कोर्ट का रुख किया. शख्स ने UPI से पेमेंट किया था, जिसकी उनके पास पेमेंट रिसीप्ट थी, वो उसे लेकर कोर्ट पहुंचे.

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शख्स को कितना मुआवजा मिला? 

शख्स ने विशाखापट्टनम डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर रेड्रेसल कमीशन में याचिका दायर की. कमीशन ने अपने ऑर्डर में कहा, 

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‘सामने वाली पार्टी इस ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकती कि उसने शिकायतकर्ता को AC बस के बजाय नॉन-AC बस में यात्रा कराई, जबकि AC बस का किराया उनसे लिया गया था. सामने वाली पार्टी ‘सेवा में कमी’ की श्रेणी में भी आती है क्योंकि उसने शिकायतकर्ता को राजमंड्री (जिसके लिए पैसे लिए गए थे) के बजाय जबरदस्ती कोव्वुरु (जो राजमुंदरी से लगभग 9 से 10 किमी दूर है) में उतार दिया.’

ऑर्डर के मुताबिक, ट्रेवल कंपनी को नोटिस भेजा गया था फिर भी वो कोर्ट में पेश नहीं हुई. कमीशन ने ये पाया कि पैसे ट्रेवल कंपनी के खाते में पहुंचे फिर भी ठीक से सर्विस नहीं दी गई. कंपनी को AC और नॉन AC टिकट में अंतर के 500 रुपये और 30,000 रुपये मुआवज़ा देने का आदेश दिया गया है. इसके अलावा मुकदमे के खर्च के तौर पर 1,000 रुपये का भुगतान करने को भी कहा है. यानी शख्स को कुल 31500 रुपये मिले हैं.

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