आजमगढ़ हत्याकांड में अनाथ हुई दोनों मासूम बच्चियों की जिम्मेदारी पुलिस उठाएगी. हत्याकांड के आरोपी के एनकाउंटर के बाद 11 साल और एक 11 महीने की दो बच्चियों के सिर से पिता का साया उठ गया. इस पर एसएसपी अनिल कुमार ने ऐलान किया कि वो बच्चियों के भविष्य के लिए उन्हें गोद लेते हैं. साथ ही एक महीने की सैलरी एफडी के तौर पर दोनों बच्चियों के नाम करेंगे. इतना ही नहीं, आजमगढ़ पुलिस के सभी जवानों ने फैसला किया है कि वो अपनी एक दिन की सैलरी बच्चियों के भविष्य के लिए देंगे.
आजमगढ़ हत्याकांड में अनाथ हुई बच्चियों को SSP अनिल कुमार ने गोद लिया
आजमगढ़ हत्याकांड में पिता की मौत के बाद 11 साल और 11 महीने की दो बच्चियां अनाथ हो गईं. SSP अनिल कुमार ने दोनों बच्चियों को गोद लेने और एक महीने की सैलरी FD कराने का ऐलान किया, जबकि पुलिसकर्मी एक दिन की सैलरी देंगे

आजमगढ़ के शंभूपुर में 22 सितंबर की रात ने कई जिंदगियां हमेशा के लिए बदल दीं. अरविंद सिंह नाम के शख्स ने अपनी पत्नी और घर में पूजा कराने आए दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद अपने बेटे को लेकर एक कमरे में बंद हो गया. बच्चे के लिए पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. लेकिन इसी दौरान आरोपी अरविंद ने अपने ही बेटे को गोली मार दी. बाद में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी की भी मौत हो गई. इस पूरी घटना के बाद आरोपी की दो मासूम बेटियां अनाथ हो गईं. इनमें से एक सिर्फ 11 महीने की है और दूसरी की उम्र 11 साल है.
अनाथ बच्चियों के भविष्य के सवाल पर आजमगढ़ पुलिस महकमा सामने आया है. इंडिया टुडे से जुड़े राजीव कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, आजमगढ़ के एसएसपी अनिल कुमार ने कहा,
इन बच्चियों के भविष्य के लिए मैं अनिल कुमार इनको गोद लेता हूं. मेरी एक महीने की सैलरी एफडी के तौर पर देना चाहूंगा. आजमगढ़ पुलिस के सभी पुलिसकर्मियों ने निर्णय लिया है कि वह एक दिन की सैलरी इस बच्ची को देंगे.
ये भी पढ़ेंः गांजे का आदी, भाई की मौत ने बदल दिया... दोस्त ने सुनाई आजमगढ़ हत्याकांड के आरोपी की कहानी
एसएसपी ने आगे कहा कि बच्चियों की पढ़ाई-लिखाई और भविष्य की जिम्मेदारी में पुलिस हर संभव मदद करेगी. सरकार की योजनाओं का लाभ भी दोनों बच्चियों को दिलाया जाएगा. बाल सेवा योजना के तहत दोनों को ढाई-ढाई हजार रुपये हर महीने की मदद दिलाई जाएगी. 11 साल की बच्ची उस भयावह घटना की चश्मदीद भी है. उसके मन पर घटना का गहरा असर पड़ा है. लिहाजा पुलिस ने बाल मनोवैज्ञानिक से उसकी काउंसलिंग कराने की बात भी कही है.
एसएसपी अनिल कुमार ने कहा कि घटना के बाद का जो साइकोलॉजिकल ट्रॉमा होता है, उसके लिए हम अच्छे चाइल्ड साइकेट्रिस्ट से कंसल्टेशन इंश्योर करेंगे.
वीडियो: गोवा में 97 वैध मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप, मुख्य चुनाव आयुक्त पर उठे सवाल












