The Lallantop

वक्फ बिल का विरोध करने पर मुनव्वर राणा की बेटी घर में नजरबंद, 10 लाख का नोटिस

नोटिस में कहा गया है कि Sumaiya Rana की गतिविधियों से शांति भंग होने और सार्वजनिक तौर पर अशांति पैदा होने की संभावना है.

Advertisement
post-main-image
मुनव्वर राणा की बेटी सपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं (PHOTO-AajTak)

समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुमैया राणा (मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा) ने दावा किया है कि लखनऊ पुलिस ने उन्हें नज़रबंद करके रखा है. सुमैया ने बताया कि वक्फ बिल (Waqf Bill) का विरोध करने पर उन्हें पुलिस की ओर से ‘शांति बनाए रखने’ का नोटिस दिया गया है. सुमैया, प्रसिद्ध दिवंगत शायर मुनव्वर राणा की बेटी हैं.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

उन्होंने बताया कि नोटिस के साथ-साथ उन्हें 10 लाख रुपये का एक पर्सनल बॉन्ड भरने को भी कहा गया है. इसके अतिरिक्त, उन्हें इसी राशि (10 लाख रुपये) के बराबर की दो जमानतें भी जमा करवानी हैं.

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए सुमैया कहती हैं

Advertisement

जब से मैंने वक्फ संशोधन बिल का विरोध करना शुरू किया है, तब से पुलिस मुझे खामोश करने की कोशिश कर रही है. मुझे एक नोटिस भेजा गया है, जिसे मैं अदालत में चुनौती दूंगी. पहले पुलिस ने मुझे नोटिस भेजा, जिसे लेने से मैंने इनकार कर दिया. इसके बाद उन्होंने वही नोटिस मुझे व्हाट्सएप के ज़रिए भेजा. मैं इस नोटिस को अदालत में चुनौती दूंगी.

नोटिस में कहा गया है कि राणा की गतिविधियों से ‘शांति भंग होने और सार्वजनिक तौर पर अशांति पैदा होने की संभावना है.’ नोटिस में उनसे पूछा गया है कि ‘ऐसी स्थिति को रोकने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए उनसे एक वर्ष के लिए 10 लाख रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही राशि की दो जमानतें क्यों न ली जाएं.’ उन्हें सोमवार को अधिकारियों के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया है.

सुमैया ने कहा कि वह निर्देश का पालन करेंगी और सोमवार को निर्धारित समय पर उपस्थित होकर मुचलका जमा करेंगी.

Advertisement

(यह भी पढ़ें: 3 हजार मुस्लिम, महज 250 हिंदू वोटर, फिर भी गांव की सरपंच बनी हिंदू महिला, गजब भाईचारा!)

जब से संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पारित हुआ है, तब से देश के कई शहरों में इसका विरोध हो रहा है. इस विरोध के दौरान किसी तरह का उपद्रव न हो, इसे लेकर यूपी पुलिस अलर्ट पर है. लखनऊ पुलिस को भी वक्फ विधेयक के विरोध के दौरान शांति भंग होने की आशंका थी. लिहाज़ा, 04 अप्रैल को पुलिस ने सुमैया राणा को उनके घर में नज़रबंद कर दिया था. साथ ही, उनके आवास पर पुलिस बल भी तैनात किया गया था. पुलिस का मानना था कि सुमैया की गतिविधियों के चलते माहौल बिगड़ सकता है.

सुमैया के अलावा, सामाजिक कार्यकर्ता उजमा परवीन को भी नोटिस भेजा गया है. उजमा, CAA विरोधी प्रदर्शनों के दौरान चर्चा में आई थीं. इसके अतिरिक्त, समाजवादी पार्टी की छात्र इकाई ‘समाजवादी छात्रसभा’ के महेंद्र यादव को भी पुलिस का नोटिस जारी किया गया है.

वीडियो: मानव शर्मा की पत्नी गिरफ्तार, पुलिस के सामने क्या खुलासे किए?

Advertisement