लोकसभा में बजट सत्र के दौरान उस समय जमकर हंगामा हुआ, जब नेता विपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलना शुरू किया. उन्होंने पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की एक अप्रकाशित किताब का जिक्र किया. लेकिन जैसे ही उन्होंने इस पर बोलना शुरू किया, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ समेत भाजपा के अन्य सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया.
'चीन, डोकलाम और पूर्व आर्मी चीफ की किताब..', संसद में राहुल गांधी से क्यों भिड़े राजनाथ सिंह और अमित शाह?
Budget Session Rahul Gandhi Remark: राहुल गांधी ने एक मीडिया आर्टिकल और पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की एक अप्रकाशित किताब का जिक्र किया. इसके बाद संसद में जमकर हंगामा हुआ. जानिए क्या है पूरा मामला और किसने क्या कहा.


अमित शाह और राजनाथ सिंह ने राहुल के भाषण पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जो किताब अभी प्रकाशित भी नहीं हुई है, उस पर राहुल कैसे बोल सकते हैं. लोक सभा के स्पीकर ओम बिड़ला ने भी राहुल को नियमों और परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि अप्रकाशित किताब पर नहीं बोलना है. उन्होंने राहुल से आगे बढ़ने के लिए कहा. लेकिन राहुल ने भी किताब पर बात जारी रखी, जिसके बाद राहुल गांधी की राजनाथ सिंह और अमित शाह से जमकर बहस हुई.
क्या है विवाद?दरअसल राहुल गांधी जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब को लेकर हाल ही में छपे एक मीडिया आर्टिकल का जिक्र कर रहे थे. इस आर्टिकल में मनोज नरवणे कि किताब के हवाले से दावा किया गया कि 2020 में चीनी सेना भारतीय सेना की पोजीशन के काफी करीब आ गई थी. इस पर मनोज नरवणे ने रक्षा मंत्री समेत टॉप लीडरशिप से एक्शन लेने के ऑर्डर्स मांगे थे, लेकिन कथित तौर पर उन्हें ऑर्डर नहीं दिए गए. राहुल ने जैसे ही इसका जिक्र किया, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसका विरोध किया. सदन में हंगामा शुरू हो गया.
आजतक के मुताबिक राजनाथ सिंह ने पूछा कि राहुल जिस किताब की बात कर रहे हैं, वह प्रकाशित हुई है कि नहीं. फिर राजनाथ सिंह ने कहा कि ये किताब प्रकाशित नहीं हुई है. इसके बाद उन्होंने राहुल गांधी के बयानों में तथ्यों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए. इस पर राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार यह किताब प्रकाशित नहीं होने दे रही है. इस बीच गृह मंत्री अमित शाह भी राहुल के आरोपों का जवाब देने के लिए उठे. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने खुद ही विवाद समाप्त कर दिया है. उन्होंने खुद ही कहा है कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है.
बहस में क्या-क्या हुआ?इस पर राहुल गांधी ने कहा कि ये फैक्ट्स 100 फीसदी प्रमाणित हैं. जिस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी सदन को गुमराह कर रहे हैं. यह किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है, उसका उल्लेख कहां से कर रहे हैं. भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर रेज किया. वहीं स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि अखबार की कटिंग, किताब पर चर्चा की परंपरा नहीं रही है. इसका पालन करिए.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि वो यह विषय उठाने वाले नहीं थे, लेकिन कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगे तो इसे उठाना पड़ेगा. इसके बाद राहुल ने फिर से उस किताब का जिक्र किया. इस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष के नेता संसद के सामने किताब प्रस्तुत कर दें, वो यह किताब देखना चाहते हैं. वहीं स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि सदन में बोलने का अधिकार है, लेकिन यह नियम प्रक्रियाओं और परंपराओं से चलता है.
हंगामे के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी राहुल गांधी का समर्थन किया. उन्होंने चीन से जुड़े सवाल को संवेदनशील बताते हुए कहा कि अगर कोई सुझाव देशहित में है, तो विपक्ष के नेता को पढ़ देना चाहिए. अखिलेश ने डॉक्टर लोहिया से लेकर मुलायम सिंह यादव तक का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें चीन से सावधान रहना है. इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा,
हम सुनने के लिए बैठे हैं. रूलिंग के बाद ये फिर से पढ़ रहे हैं, ऐसे सदन कैसे चलेगा. आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हो रहा है. विपक्ष के नेता खुद बोलना नहीं चाहते. यहां किसी की मनमानी से सदन नहीं चलेगा.
इसके बाद कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने रूल 349 का हवाला दिया और कहा कि तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाए हैं. इस पर अमित शाह ने कहा,
जो सदस्य ने कहा, वह सत्य नहीं है. तेजस्वी सूर्या ने 2004 से 2014 तक के राष्ट्रपति के अभिभाषण को कोट कर कहा है कि ये शब्द मुझे नहीं मिले हैं. ये उसे राष्ट्रपति के अभिभाषण से ही काउंटर कर सकते हैं.
इस पर वेणुगोपाल ने बोलना शुरू किया. स्पीकर ने उन्हें हिदायत देते हुए कहा कि विपक्ष के नेता बोलेंगे. सदन में LOP अपने वकील खड़े नहीं करते.
इसके बाद राहुल गांधी ने फिर से आर्टिकल को कोट करते हुए बोलना शुरू किया. उन्होंने कहा,
हम आतंकवाद से लड़ते हैं, लेकिन एक तथ्य से डरते हैं. उसमें ऐसा क्या है, जिसे हम पढ़ नहीं सकते. हमें पढ़ने दीजिए ना. इसमें वह पूरी बात है कि डोकलाम में क्या हु्आ था. जो कह रहा हूं, उसकी जिम्मेदारी लेता हूं.
इस पर फिर हंगामा शुरू हो गया. राजनाथ सिंह ने कहा कि नरवणे को अगर लगता था कि रोक गलत लगाई गई है, तो वे कोर्ट जा सकते थे. वह कोर्ट क्यों नहीं गए. राहुल गांधी ने कहा कि चीन के टैंक्स कैलाश रिज पर आ रहे थे. इस पर फिर हंगामा हुआ. स्पीकर ने राहुल गांधी को टोका. राहुल गांधी ने कहा कि स्पीकर सर, आप ही बता दीजिए मैं क्या बोलूं. स्पीकर ने कहा कि आपका सलाहकार नहीं हूं. फिर भी, आप सदन की मर्यादा रखे. मंत्री किरेन रिजूजु ने कहा,
सदन नियम से चलता है. ये नियम ही नहीं मानते हैं. ऐसे सदस्य के साथ क्या करना चाहिए, इस पर भी चर्चा होनी चाहिए. आप खुद नियमों का उल्लंघन करेंगे, आपके सदस्य कैसे सीखेंगे.
स्पीकर ने भी आसन की बार-बार अवहेलना के लिए हिदायत दी. हंगामे के बीच राहुल गांधी ने फिर से बोलना शुरू किया. उन्होंने कहा,
आपने किताब कोट करने से मना किया, हमने मैग्जिन कोट करने की बात कही. आपने उस पर भी मना किया. हमने कहा कि भारत-चीन संबंधों पर बोलूंगा. अब आप उससे भी मना कर रहे हैं. आपका कहना है कि राष्ट्रपति के संबोधन का इंटरनेशनल रिलेशंस से कोई नाता नहीं है. हम चीन-पाकिस्तान पर नहीं बोल सकते. ये क्या बात है. आपके मंत्री बोलेंगे. आप मुझे बोलने तो दीजिए. ये बात चीन-पाकिस्तान के बारे में नहीं है. ये बात आपके प्रधानमंत्री के बारे में है.
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इस बीच स्पीकर ओम बिड़ला ने राहुल गांधी को टोकते हुए कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में चीन का कोई उल्लेख नहीं है. देश की प्रतिष्ठा बनाए रखना सबका कर्तव्य है. उन्होंने कहा कि सदन में बोलना है तो नियम-प्रक्रिया से चलेगा. नहीं बोलना चाहते, तो अगले वक्ता को बुलाऊंगा. इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि इसमें सर प्रधानमंत्री का कैरेक्टर, राजनाथ सिंह... राहुल गांधी ने इतना ही कहा था कि स्पीकर ने अगले वक्ता के रूप में अखिलेश यादव का नाम ले लिया. स्पीकर ने कहा कि नियम से बोलना पड़ेगा. हालांकि सदन में हंगामा जारी रहा. इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
वीडियो: संसद में राहुल गांधी ने किस किताब का हवाला दिया? राजनाथ सिंह क्यों भड़के?






















