कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे जाने पर राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर हुई. उन्होंने अमित शाह से इस्तीफा देने की मांग की. राहुल यहीं नहीं रुके. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस्तीफा मांगा और उनकी चुप्पी पर सवाल उठाए.
'अमित शाह ने छात्रों को पिटवाया, वो इस्तीफा दें,' स्टूडेंट्स की पिटाई पर राहुल गांधी की मांग
Rahul Gandhi ने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से इस्तीफा मांगा है. उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह ने छात्रों को पिटवाया है. राहुल गांधी ने PM Narendra Modi से छात्रों से माफी मांगने के लिए भी कहा.

मंगलवार, 21 जुलाई को राहुल गांधी मीडिया से मुखातिब हुए. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की डिमांड की. राहुल से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की अगुवाई वाले स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट पर सवाल किया गया. राहुल ने जवाब में कहा कि छात्रों की मांग के मुताबिक केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने चाहिए. इस बीच, राहुल गांधी ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल में प्रदर्शन में घायल छात्रों का हालचाल जाना.
अमित शाह और PM नरेंद्र मोदी को घेराराहुल गांधी ने आगे कहा कि नई दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों को नहीं पिटवाया, बल्कि गृह मंत्री अमित शाह ने पिटवाया है. इसलिए अमित शाह को भी इस्तीफा देना चाहिए. इस बीच, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी घेरा. राहुल ने कहा कि अमित शाह पीएम मोदी की रिपोर्ट करते हैं, इसलिए उन्हें भी रिजाइन करना चाहिए.
दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आती है. गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी अमित शाह के पास है. इसीलिए राहुल गांधी ने छात्रों के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई के लिए अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया.
ओम बिड़ला पर क्या बोले राहुल?राहुल ने कहा कि वे छात्रों का मुद्दा लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के पास गए थे. राहुल ने बताया,
"हम स्पीकर के पास गए. हमने कहा कि हम छात्रों के मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं. स्पीकर ने हमसे कहा कि चर्चा के लिए उन्हें सरकार से पूछना है. अब आप समझिए... उन्होंने खुलकर हमसे ऐसा कहा."
राहुल गांधी ने कहा कि ये छात्रों का मुद्दा है. युवाओं के भविष्य का मुद्दा है. यह जो किया जा रहा है, लोगों को मारा जा रहा है, पीटा जा रहा है. यह पूरी तरह से गैर-भारतीय है. राहुल बोले कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल छात्रों के साथ हुए बर्ताव के लिए अब तक माफी नहीं मांगी है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए.
कांग्रेस सांसद ने कहा कि युवा एजुकेशन सिस्टम और टेस्टिंग सिस्टम के लिए प्रोटेस्ट कर रहे हैं. राहुल ने कहा कि पूरा देश जानता है कि देश का एजुकेशन सिस्टम और परीक्षा प्रणाली खराब हो चुकी है. राहुल ने कहा,
"एजुकेशन सिस्टम और टेस्टिंग सिस्टम खराब हो चुके हैं. बस किसी तरह इनका अस्तित्व बना हुआ है. टेस्टिंग सिस्टम को दीमकों ने खोखला कर दिया है. (स्टूडेंट्स) बस यही कह रहे हैं. इसमें कुछ भी गलत नहीं है."
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बताया कि कांग्रेस एजुकेशन में सुधार आदि को लेकर कई बार सरकार के सामने प्रेजेंटेशन दे चुकी है, लेकिन कुछ नहीं हुआ.
20 जुलाई को क्या हुआ?राहुल गांधी का स्टेटमेंट 20 जुलाई के 'चलो संसद' मार्च में प्रोटेस्टर्स पर पुलिस के लाठीचार्ज और आंसे गैसे के गोले छोड़ने पर आया. जंतर-मंतर से संसद भवन की तरफ कूच करने वाले प्रदर्शनकारी छोटे-छोटे ग्रुप्स में बंट गए. पुलिस ने उन्हें रोका, तो वे कनॉट प्लेस और वायुसेना भवन समेत नई दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में इकट्ठा होने लगे.
पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागकर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया. दिल्ली पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की, जिसमें स्पेशल पुलिस कमिश्नर (Special CP) और डिप्टी पुलिस कमिश्नर (DCP) जैसी रैंक वाले अधिकारियों समेत 118 से ज्यादा जवान घायल हो गए.
पुलिस ने बताया कि सरकारी गाड़ियों को तोड़ा गया, और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया. लगभग 60 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए. 70 के करीब प्रोटेस्टर्स को पुलिस ने हिरासत में लेकर FIR दर्ज की है.
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