केरल पुलिस ने सीनियर टेलीविजन पत्रकार अपर्णा कुरुप के खिलाफ मामला दर्ज किया है. आरोप है कि एक डिबेट में शो में उन्होंने धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले बयान दिए. ये बयान कथित तौर पर समूहों के बीच दुश्मनी या नफरत को बढ़ावा देने वाले थे.
मुस्लिम धर्मगुरु के बयान पर डिबेट करने वाली टीवी पत्रकार पर FIR क्यों दर्ज हुई?
Anchor Kurup Kerala police FIR: BIG TV में सीनियर कोऑर्डिनेटिंग एडिटर और एंकर अपर्णा कुरुप के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. FIR में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने समूहों के बीच दुश्मनी या नफरत को बढ़ावा देने वाले बयान दिए.

अपर्णा कुरुप, मलयालम न्यूज चैनल 'BIG TV' में सीनियर कोऑर्डिनेटिंग एडिटर और एंकर हैं. 31 अगस्त को टीवी न्यूज प्रोग्राम में मुस्लिम धर्मगुरु कांथापुरम अबूबकर मुसलियार की महिलाओं पर की गई टिप्पणी को लेकर एक बहस हुई थी.
धर्मगुरु ने मुस्लिम महिलाओं के पुरुषों के साथ घुलने-मिलने पर आपत्ति जताई थी. उनका कहना था कि इस्लाम के अनुसार महिलाओं को घर के अंदर ही रहना चाहिए. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अपने टीवी शो में इसी का जिक्र करते हुए एंकर अपर्णा करुप ने कहा था,
"ऐसे धार्मिक नेता भी हैं, जो पुरुषों के एक्स्ट्रा मैरिटल रिलेशन बनाने, गांजा और MDMA (सिंथेटिक ड्रग) लेने को 'किताब' (कुरान) में 'सुन्नत' मानते हैं."
उनके इस बयान से काफी विवाद हुआ, जिसके बाद अपर्णा ने माफी भी मांगी. 1 सितंबर को उन्होंने कहा, "महिलाओं के जेंडर असमानता पर हुई चर्चाओं के दौरान कुछ बातें नहीं कही जानी चाहिए थीं. अगर उन बातों से किसी की धार्मिक भावनाओं या आस्था को ठेस पहुंची है, तो मैं बिना शर्त माफी मांगती हूं."
वहीं BIG TV ने बताया कि उन्होंने टिप्पणियों वाले क्लिप्स को उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया है. लेकिन 7 सितंबर को अब्दुल हकीम की शिकायत पर कोच्चि शहर की साइबर पुलिस ने एंकर के खिलाफ FIR दर्ज कर ली. शिकायत में अपर्णा कुरुप पर दंगे भड़काने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और समूहों के बीच दुश्मनी या नफरत को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया.
इससे पहले एंकर कुरुप ने सोशल कॉमेंटेटर डॉ. अब्दुल्ला बासिल सीपी के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी. वे कांथापुरम विवाद पर BIG TV के एक प्रोग्राम में शामिल हुए थे. कुरुप ने आरोप लगाया था कि बासिल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट और मैसेज के जरिए उनके सम्मान को ठेस पहुंचाई.
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5 सितंबर को पुलिस ने बासिल के खिलाफ दंगे, आपराधिक धमकी, नफरत फैलाने और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया. लेकिन बासिल के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई से कई मुस्लिम संगठन नाराज हो गए. उन्होंने इसका खुलकर विरोध किया. विरोध के बाद पुलिस ने FIR के आधार पर आगे कोई कार्रवाई नहीं की.
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