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'छटपटाते कॉकरोच' के बहाने किया था तंज, RAF जवान सोनिया सहरावत पर हो सकती है कार्रवाई

सीजेपी के संसद मार्च के दौरान घायल हुईं आरएएफ अधिकारी सोनिया सहरावत की इंस्टाग्राम स्टोरी विवादों में घिर गई है. केंद्रीय पुलिस बल उनकी पोस्ट को सोशल मीडिया गाइडलाइंस के उल्लंघन के नजरिए से जांच रहा है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है.

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सोनिया सहरावत से इंस्टाग्राम स्टोरी के लिए सफाई मांगी जा सकती है. (फोटो- Instagram)

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  • रैपिड एक्शन फोर्स की अधिकारी सोनिया सहरावत को उनकी विवादित इंस्टाग्राम स्टोरी के लिए सोशल मीडिया गाइडलाइंस के उल्लंघन के आरोप में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा जा सकता है।
  • यह मामला 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा और पुलिस पर लगे बर्बरता के आरोपों के बीच उभरा, जब सोनिया ने एक विवादित स्टोरी साझा की थी जिसे बाद में हटाना पड़ा।
  • केंद्रीय पुलिस बल की जांच जारी है और अंतिम निर्णय से पहले सोनिया सहरावत से जवाब मांगा जाएगा, जिससे सोशल मीडिया गाइडलाइंस पर प्रभाव और अधिकारीयों की जवाबदेही पर चर्चा हो सकती है।

‘खुद को ठीक नहीं कर सकते. देश को ठीक करना चाहते हैं.’ ये स्टेटमेंट और इसके साथ ‘हाहा’ इमोजी. ये इंस्टाग्राम स्टोरी थी, रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की महिला अधिकारी सोनिया सहरावत की. वो CJP के संसद मार्च वाले दिन जंतर-मंतर पर तैनात थीं. इस प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस और सुरक्षाबलों के जो 100 से ज्यादा जवान घायल हुए थे, सोनिया भी उनमें से एक थीं. अब खबर है कि सोनिया सहरावत को उनकी विवादित इंस्टाग्राम स्टोरी के लिए ‘स्पष्टीकरण’ मांगा जा सकता है. आरोप है कि उन्होंने आरएएफ की सोशल मीडिया गाइडलाइंस के खिलाफ जाकर काम किया है.

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सोनिया सहरावत पहली बार तभी सुर्खियों में आई थीं, जब उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर की गई स्टोरी वायरल हो गई थी. स्टोरी में एक ‘उल्टा पड़े और छटपटाते कॉकरोच’ को दिखाया गया था, जिसके आसपास चीटियां मंडरा रही थीं. इसके साथ लिखा था, 

Can’t fix themselves and they wanna fix the country.

(खुद को ठीक नहीं कर सकते और देश को ठीक करना चाहते हैं.)

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सहरावत ने इस स्टोरी को हंसने वाले इमोजी के साथ शेयर किया था. स्टोरी को तो बाद में डिलीट कर दिया गया लेकिन CJP से जुड़े लोगों और विपक्षी दलों के तमाम नेताओं ने इसकी जमकर आलोचना की थी. ये इंस्टाग्राम स्टोरी तब शेयर की गई थी, जब दिल्ली पुलिस और आरएएफ के जवानों पर प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों के साथ ‘बर्बरता’ के आरोप लग रहे थे. आंसू गैस के गोले, पत्थरबाजी और लाठीचार्ज को लेकर उन्हें घेरा जा रहा था. 

सफाई मांगी जा सकती है सोनिया से

केंद्रीय पुलिस बल के अधिकारियों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि शुरुआती जांच से संकेत मिला है कि हो सकता है कि सोनिया सहरावत ने फोर्स के सोशल मीडिया गाइडलाइंस का उल्लंघन किया हो. अभी इस पर कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है. कोई भी फैसला लेने से पहले सोनिया सहरावत से जवाब मांगा जाएगा. एक और अधिकारी जो इस घटना से अवगत हैं, उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. सोनिया सहरावत से उनकी इंस्टाग्राम स्टोरी को लेकर सफाई मांगी जा सकती है. 

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सोनिया सहरावत की पोस्ट पर विवाद होना लाजिमी है क्योंकि इंस्टाग्राम पर उनकी जबर्दस्त फैन फॉलोइंग है. उनके इंस्टाग्राम हैंडल ‘3star_sonia’ पर 6 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. यहां वो वर्दी में भी अपनी तस्वीरें और वीडियो शेयर करती रहती हैं. सोनिया सहरावत 20 जुलाई के CJP के संसद मार्च के दौरान घायल हुई थीं. उन्हें फ्रैक्चर और कंधे में चोट आई है. उनका इलाज चल रहा है. 20 जुलाई के बाद से वो ड्यूटी पर वापस नहीं आई हैं.

क्या है सोशल मीडिया गाइडलाइंस?

अब बात करते हैं, केंद्रीय पुलिस की उस सोशल मीडिया गाइलाइन्स के बारे में, जिसके उल्लंघन का आरोप सोनिया सहरावत पर लग रहा है. दरअसल, साल 2023 में सीआरपीएफ ने अपने कर्मियों के लिए सोशल मीडिया दिशानिर्देश जारी किए थे. उस समय फोर्स की कमान महानिदेशक एसएल थाओसेन के हाथों में थी. 

फोर्स ने जो गाइडलाइंस जारी की थीं, उनमें कहा गया था कि जवान अपनी निजी शिकायतों को सार्वजनिक रूप से नहीं बता सकते. क्रोध, द्वेष या शराब के नशे में कुछ भी लिखना या पोस्ट करना सख्त मना है. गोपनीय जानकारी किसी से भी शेयर नहीं करनी है. अगर किसी संवेदनशील विभाग में तैनात हैं तो अपने पद और काम की प्रकृति का खुलासा कभी नहीं करना है. 

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