पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट कर रहे हैं. मामला एक स्टूडेंट की मौत से जुड़ा है. यूनिवर्सिटी में 26 साल की PHD स्कॉलर की करंट लगने से मौत हो गई. स्टूडेंट का नाम ज्योति था. ज्योति हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली थीं. जिस यूनिवर्सिटी में ज्योति की मौत हुई, उसी जगह उनके भाई को इलेक्ट्रीशियन की नौकरी दी गई है.
करंट लगने से स्टूडेंट की मौत, यूनिवर्सिटी ने मुआवजे में भाई को दी इलेक्ट्रिशियन की जॉब
पंजाब यूनिवर्सिटी में करंट लगने से एक रिसर्च स्कॉलर की मौत के बाद स्टूडेंट्स आक्रोशित हैं. बताया जा रहा है कि बारिश की वजह से स्टूडेंट का पैर फिसल गया. बगल में बिजली का खंभा था. खुद को बचाने के लिए उन्होंने खंबे को जैसे ही पकड़ा उन्हें करंट लगा और उनकी मौत हो गई.

इंडिया टुडे से जुड़े अमर भारद्वाज की रिपोर्ट के मुताबिक, भारी बारिश की वजह से यूनिवर्सिटी में पानी भर गया था. 28 जुलाई की सुबह ज्योति Department of Microbiology की तरफ जा रही थीं. बारिश की वजह से उनका पैर फिसल गया. बगल में बिजली का खंभा था. खुद को बचाने के लिए उन्होंने खंबे को जैसे ही पकड़ा उन्हें करंट लगा और उनकी मौत हो गई. आसपास वालों ने कुछ मिनट तक उनके हाथ-पैरों को रगड़ा. लेकिन, बॉडी ने कोई रिस्पांस नहीं दिया. उन्हें सरकारी हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन वहां डॉक्टर्स ने उन्हें डेड डिक्लेयर कर दिया.
मौत के बाद स्टूडेंट्स का प्रोटेस्टज्योति की मौत के बाद स्टूडेंट्स ने कैंडल मार्च निकाला और प्रोटेस्ट किया. स्टूडेंट लीडर सारा ने बताया कि पिछले साल भी कॉलेज में एक छात्र की मौत हो गई थी. लेकिन मैनेजमेंट कोई एक्शन नहीं लेता. कार्रवाई के नाम पर बस गार्ड या लाइनमैन को नौकरी से निकाल दिया जाता है. सारा कहती हैं,
ये तो लाइनमैन की गलती निकाल कर उसे जॉब से निकाल देंगे. वो तो कॉन्ट्रैक्ट पर है. लेकिन ये जिम्मेदारी तो अथॉरिटी की बनती है. कैंपस को ये तीसरी मौत देखनी पड़ रही है. कभी यहां ड्रग्स के ओवरडोज से मौत हो रही है. कभी किसी की हत्या हो रही है तो कभी पानी में करेंट उतरने की वजह से मौत हो रही है. एक रिसर्च स्कॉलर अपने काम से जा रही है और उसकी मौत हो जा रही है. ये बहुत ही शर्मनाक बात है.
यूनिवर्सिटी ने क्या कहा है?इस मामले में पंजाब यूनिवर्सिटी का भी पक्ष सामने आया है. यूनिवर्सिटी ने नोट जारी कर बताया कि ज्योति के भाई को इलेक्ट्रीशियन की नौकरी दी जाएगी, जिसकी सैलरी लगभग 20 हज़ार रुपए प्रति महिना होगी. साथ में परिवार को 16 लाख रुपए की आर्थिक मदद भी दी जाएगी. इसके अलावा इस मामले पर ज्योति के परिवार का बयान भी सामने आया है. मीडिया से बात करते हुए ज्योति के चाचा जितेंद्र कुमार कहते हैं,
हमें यूनिवर्सिटी की ओर से 11 लाख रुपये वेलफेयर फंड से मिले हैं. इसके अलावा SDM साहिबा आई थीं. उन्होंने गवर्नर के राहत कोष से 5 लाख रुपये देने का आश्वासन दिया है. इसके अलावा यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स का जो इंश्योरेंस होता है, उसके भी 2 लाख रुपये मिले हैं. FIR को लेकर भी डिस्कशन हुआ है. उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी.
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परिवार का सवाल, न सीसीटीवी, न सेफ्टीहिंदुस्तान टाइम्स ने ज्योति के मामा का बयान छापा है. उन्होंने बताया कि हादसे के वक्त ज्योति फोन पर अपनी मां से बात कर रही थीं. उन्होंने कहा,
हम प्रशासन के साथ सहयोग करने को तैयार हैं. लेकिन हम ये जानना चाहते हैं कि हमारी बेटी की मौत कैसे हुई. घटना के समय वो अपनी मां से फ़ोन पर बात कर रही थी. फ़ोन कटने से पहले उसकी मां ने उसकी चीख सुनी थी. वहां CCTV कैमरे क्यों नहीं थे? हमारी बेटी की मौत हो गई और किसी ने उसे देखा तक नहीं. अगर उसकी मौत बिजली का झटका लगने से हुई है, तो प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा पर ध्यान क्यों नहीं दिया?
वहीं वाइस-चांसलर रेनू विज ने प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स और ज्योति के परिवार को भरोसा दिलाया कि घटना की जांच के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे का एक्शन लिया जाएगा.
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