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पंजाब की चितकारा और LPU यूनिवर्सिटी में बवाल का सेम पैटर्न, तोड़फोड़-आगजनी किसकी साजिश?

चितकारा यूनिवर्सिटी और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हंगामे के सेम पैटर्न को देखते हुए, पुलिस दोनों यूनिवर्सिटी में हुए बवाल को एक साथ जोड़कर देख रही है. पंजाब पुलिस अब दोनों घटनाओं के बीच समानता की जांच कर रही है.

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चितकारा यूनिवर्सिटी और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हंगामा कटा. (Courtesy: ITG/PTI)

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  • पंजाब की चितकारा यूनिवर्सिटी में 25 सितंबर को छात्राओं के लापता होने की अफवाह के कारण हिंसा भड़क उठी, जिसके बाद 27 सितंबर को LPU में भी एक अलग अफवाह से हंगामा हुआ।
  • दोनों घटनाओं के पीछे सोशल मीडिया पर अफवाहें और विश्वविद्यालयों के बीच कम्युनिकेशन गैप मुख्य कारण हैं, जिनसे छात्रों में असमंजस और अशांति फैली।
  • पुलिस ने FIR दर्ज कर उच्च स्तरीय SIT गठित की है और दोनों घटनाओं की गहन जांच शुरू कर दी है, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होने की संभावना है।

महज 27 घंटे के अंतराल पर पंजाब की दो यूनिवर्सिटी बवाल की जद में आ गईं. ऐसा भी नहीं कि एक यूनिवर्सिटी में हुए हंगामे का असर दूसरी यूनिवर्सिटी में पड़ा हो. दोनों यूनवर्सिटी के बीच लगभग 140 किलोमीटर की दूरी है, और दोनों में दो अलग-अलग मुद्दों पर बवाल हुआ. लेकिन हां, हंगामे का पैटर्न का एक था. जिसकी वजह से बवाल को चिंगारी मिली, उस अफवाह का पैटर्न भी सेम था. विरोध जताने का तरीका भी बिल्कुल एक जैसा था.

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पंजाब के पटियाला के राजपुरा में चितकारा यूनिवर्सिटी में 25 सितंबर को अचानक से हिंसा तब भड़की, जब सोशल मीडिया पर दो छात्राओं के लापता होने की अफवाह फैली. इस घटना के 27 घंटे से भी कम समय बाद, 27 सितंबर को लगभग 2 बजे पंजाब के कपूरथला के फगवाड़ा में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में भी इसी तरह की घटना घटी. सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हुआ. इसमें दावा किया गया कि एक छात्रा के साथ हॉस्टल में किसी बाहरी व्यक्ति ने रेप किया.

दोनों यूनिवर्सिटी में अलग-अलग अफवाह की वजह से हिंसा इतनी भड़क गई कि पुलिस को आना पड़ा. विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कंट्रोल करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा. फिर जैसे-तैसे स्थिति कंट्रोल में आई तो यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छुट्टी की घोषणा कर दी.

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर खुद पंजाब के DGP गौरव यादव ने LPU का दौरा किया. 28 सितंबर को DGP गौरव यादव ने कहा,

"यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ कुछ शिकायतें थीं और बातचीत के जरिए उन्हें सुलझाने की कोशिशें की गईं. छात्रों के साथ खुली चर्चा करके हम इस मामले को सुलझाने में कामयाब रहे. कल (27 सितंबर) घटना के संबंध में FIR दर्ज कर ली गई है और एक हाई-लेवल स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है. घटना की गहन जांच की जाएगी... हम CCTV फुटेज और सबूतों को साइंटिफिकली और टेक्निकली एनालाइज कर रहे हैं, ताकि इसमें शामिल लोगों की पहचान की जा सके. जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. मैं सभी से अपील करता हूं कि वे बेबुनियाद अफवाहों पर ध्यान ना दें."

हंगामे के सेम पैटर्न को देखते हुए, पुलिस दोनों यूनिवर्सिटी में हुए बवाल को एक साथ जोड़कर देख रही है. पंजाब पुलिस अब दोनों घटनाओं के बीच समानता की जांच कर रही है. DGP (कानून और व्यवस्था) प्रवीण कुमार सिन्हा ने कहा कि ‘कई पहलुओं की जांच की जा रही है. समानताएं हो सकती हैं, लेकिन हम दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रहे हैं.’

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पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि पूरे बवाल में असामाजिक तत्व भी शामिल हो सकते हैं. ऐसे में इस एंगल से भी मामले की जांच की जा रही है कि दोनों यूनिवर्सिटी में कहीं साजिश के तहत तो हिंसा नहीं भड़काई गई. क्योंकि दोनों जगह महज एक सोशल मीडिया अफवाह ने हंगामे को बढ़ाया था.

इंग्लिश अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में पंजाब के एक सीनियर अधिकारी ने कहा,

‘अभी तक दोनों यूनिवर्सिटी के छात्रों की ओर से फैलाई जा रही जानकारी की पुष्टि करने वाला कोई सबूत नहीं मिला है. ऐसा लगता है कि छात्रों और यूनिवर्सिटी प्रशासन के बीच कम्युनिकेशन गैप के कारण ये घटनाएं हुईं. चितकारा की घटना पहले हुई, जिससे LPU मामले में भी ऐसी अफवाहों को बल मिला. लेकिन इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.’

चितकारा यूनिवर्सिटी में क्या हुआ?

दोनों यूनिवर्सिटी में क्या हुआ था, अब ये भी जान लेते हैं. पहले चितकारा यूनिवर्सिटी की बात करते हैं. घटना 25 सितंबर की दरमियानी रात की है. सोशल मीडिया पर कैंपस में भूत होने की बातें सामने आई थीं. इसके बाद दो छात्राओं के लापता होने की चर्चा भी फैल गई. देखते ही देखते छात्रों की भीड़ जुट गई. इसके बाद प्रदर्शन शुरू हो गया. माहौल बिगड़ने की सूचना पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. इसी दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हो गई.

पुलिस ने इस मामले में कहा कि चितकारा यूनिवर्सिटी में कुछ छात्र, दो लड़कियों के लापता होने की बात कह रहे हैं. फिलहाल किसी भी छात्र को यह जानकारी नहीं है कि कथित तौर पर कौन सी दो लड़कियां लापता हैं. किसी छात्रा का नाम या पहचान भी सामने नहीं आई है. पहली नजर में यह बात एक अफवाह के तौर पर सामने आई है. हालांकि मामले की जांच की जा रही है. यदि कोई छात्रा वास्तव में लापता पाई जाती है, तो उसकी भी पूरी जांच कर कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. वहीं, इस मामले का पंजाब राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है. आयोग ने पटियाला के डिप्टी कमिश्नर और SSP को नोटिस जारी कर 30 सितंबर तक पूरे मामले की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है.

LPU में तोड़फोड़-आगजनी

चितकारा की तरह ही लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में भी एक कथित अफवाह ने हिंसा भड़काई. छात्रों ने एक वायरल मैसेज में आरोप लगाया कि किसी बाहरी व्यक्ति ने एक छात्रा से हॉस्टल में घुसकर रेप किया. जैसे ही ये मैसेज कैंपस में वायरल हुआ, वहां बवाल बढ़ गया. 26 और 27 सितंबर को LPU कैंपस में तोड़फोड़ और आगजनी हुई. NH-44 को भी बाधित कर दिया गया. गुस्साए छात्रों ने कई गाड़ियों में आग भी लगा दी, जिसमें पुलिस की कई गाड़ियां भी शामिल थी.

विवाद बढ़ने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रा के साथ रेप की घटना के दावों को अफवाह बताया. LPU के डीन सौरव लखनपाल ने कहा कि जब हमने मामले की गहराई से जांच की, तो हमें लगा कि यह पूरी तरह से अफवाहों पर आधारित है. अब इस मामले में पुलिस ने एक SIT का गठन किया है, जो मामले की जांच कर रही है.

पंजाब की राजनीति भी गरमाई

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर खुद पंजाब के DGP गौरव यादव ने LPU का दौरा किया. इस मामले में सीएम भगवंत मान ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं. लेकिन महज 27 घंटे के अंदर दो यूनिवर्सिटी में बवाल ने पंजाब की कानून व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला दिया है.

पंजाब के पूर्व सीएम और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने सीधे-सीधे सीएम भगवंत मान को टारगेट किया. उन्होंने कहा कि भगवंत मान पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करने में फेल हैं. सिचुएशन को टाइम से कंट्रोल नहीं किया गया और मामला अब स्टूडेंट्स पर डाला जा रहा है.

दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने भी LPU में जो भी कुछ हुआ उसे पंजाब के असल मुद्दे से ध्यान भटकाने की साजिश करार दिया है. रवनीत बिट्टू ने लिखा कि बीजेपी के ड्रग फ्री पंजाब कैंपेन को लोगों का बहुत समर्थन मिल रहा है, ऐसे में ध्यान भटकाने के लिए LPU में जो कुछ हुआ वो साजिश के तहत हुआ है.

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पंजाब में विधानसभा चुनाव भी नजदीक हैं. इसलिए इस मामले पर राजनीति भी हो रही है. फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है कि दोनों यूनिवर्सिटी में हंगामे के पीछे कौन था? क्या दोनों जगह के बवाल में आपस में कोई संबंध है? क्या ये सब जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश का हिस्सा है? अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकल कर आता है.

वीडियो: LPU में Reddit पोस्ट के बाद बवाल, छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

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