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नए शिक्षा मंत्री ने बलात्कारियों की रिहाई पर क्या कहा था? प्रियंका गांधी ने संसद में घेर लिया

पेपर लीक संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर बिलकिस बानो केस के दोषियों की रिहाई का समर्थन करने का आरोप लगाया. इस पर संसद में हंगामा हुआ और किरेन रिजिजू ने आरोप साबित करने या माफी मांगने की मांग की.

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प्रियंका गांधी के बयान पर बीजेपी सांसदों ने हंगामा किया. (फोटो- India Today)

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  • प्रियंका गांधी ने संसद में भाजपा सांसदों द्वारा पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का भव्य स्वागत और नए शिक्षा मंत्री की जेएनयू बलात्कारियों के समर्थन की बात उठाई।
  • धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत के समय महाराष्ट्र में पेपर लीक की पीड़िता की मौत हुई थी, जबकि नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने जेएसी की सिफारिश पर दोषियों की रिहाई का समर्थन किया।
  • बीजेपी नेताओं ने प्रियंका गांधी के आरोपों का जवाब दिया और उनसे सबूत मांगे; यदि वे साबित नहीं कर पातीं तो माफी मांगने की बात कही गई।

प्रियंका गांधी ने मंगलवार, 28 जुलाई को दो मुद्दों पर बीजेपी सरकार को घेरा. पहला तो इस पर कि बीजेपी सांसदों ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का सदन में ऐसा स्वागत किया, जैसे वो सुपरस्टार हों. दूसरा इस पर कि नया शिक्षा मंत्री ऐसे व्यक्ति को बनाया गया, जिसने रेपिस्ट की रिहाई पर सहमति जताई थी. दूसरी वाली बात को लेकर सदन में बवाल हो गया. सत्ता पक्ष के सांसदों ने प्रियंका के दावे पर जमकर हंगामा किया. उनसे सबूत मांगे. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने तो ये तक कह दिया कि ये शिक्षामंत्री के ‘चरित्रहनन का प्रयास’ है. अगर प्रियंका गांधी इस आरोप को साबित नहीं कर पातीं तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए.

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प्रियंका गांधी ने नए शिक्षा मंत्री को घेरा

पेपर लीक को रोकने के लिए आने वाले नए संशोधन बिल पर सदन में चर्चा चल रही थी. कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी अपना भाषण दे रही थीं. इस दौरान उन्होंने कहा,

जब भूतपूर्व शिक्षा मंत्री (धर्मेंद्र प्रधान) को मुकुट पहनाया जा रहा था. उनका स्वागत किया जा रहा था. तब महाराष्ट्र में एक पेपर लीक पीड़ित परिवार अपनी बेटी की मौत का शोक मना रहा था. आपकी सरकार ने देश के करोड़ों छात्रों को क्या संदेश दिया? आपको किस बात का गर्व है? किस बात का अभिमान है? यह कैसा अहंकार है?

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प्रियंका ने कहा कि जहां आपको (मोदी सरकार को) शर्म आनी चाहिए, वहां बेशर्मी के साथ स्वागत के नगाड़े बजाए जा रहे हैं. एक तरफ मातम है. दुख है. और दूसरी तरफ फूल-मालाएं पहनाई जा रही हैं. ऐसे में कोई आप पर कैसे यकीन करे?

प्रियंका का ये निशाना बीजेपी सांसदों द्वारा धर्मेंद्र प्रधान के संसद में स्वागत किए जाने पर था. हुआ ये था कि शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान जब पहली बार संसद आए तो बीजेपी सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया. टोपी और शॉल पहनाकर उनका अभिनंदन किया गया. ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए. यह प्रोटेस्ट के दबाव में इस्तीफा देने वाले अपने मंत्री के लिए बीजेपी सांसदों का समर्थन था, जो कांग्रेस और विपक्षी दलों को बिल्कुल पसंद नहीं आया. प्रियंका गांधी ने संसद के अपने भाषण में इसकी जमकर आलोचना की.  

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इसके बाद प्रियंका ने नए शिक्षा मंत्री को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा,   

प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) ने नया शिक्षा मंत्री चुना. एक ऐसे व्यक्ति को उस पद पर आसीन किया, जिसने एक पीड़ित महिला के बलात्कारियों की रिहाई पर अपनी सहमति व्यक्त की थी. प्रधानमंत्री जी ने देश की करोड़ों लड़कियों को इससे क्या संदेश दिया?

उनके ऐसा कहते ही बीजेपी सांसद अपनी सीट पर खड़े हो गए और हंगामा करने लगे. उन्होंने प्रियंका गांधी से अपने दावे को ऑथेंटिकेट करने को कहा. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रियंका अपनी बात का सबूत दें. ये नए मंत्री प्रह्लाद जोशी का चरित्रहनन है. अगर प्रियंका अपना दावा साबित नहीं कर पाती हैं तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए.

प्रियंका का दावा क्या है?

दरअसल, प्रियंका गांधी का दावा था कि बिलकिस बानो के रेप के दोषियों की रिहाई का प्रह्लाद जोशी ने समर्थन किया था. 3 मार्च 2002 को गोधरा कांड के बाद दंगों के दौरान दाहोद जिले के लिमखेड़ा तालुका में भीड़ ने बिलकिस के साथ सामूहिक बलात्कार किया था. उनकी तीन साल की बेटी सालेहा समेत 14 लोगों की हत्या कर दी गई थी. घटना के वक्त बिलकिस प्रेग्नेंट थीं. 2008 में मामले के 11 दोषियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. 

इसके 14 साल बाद 15 अगस्त 2022 को गुजरात सरकार ने सभी 11 दोषियों को रिहा कर दिया. सरकार ने इसके लिए जेल सलाहकार समिति (जेएसी) की सिफारिश का हवाला दिया गया, जिसमें ‘अच्छे व्यवहार’ के आधार पर दोषियों को सजा में छूट देने की बात कही गई थी. जेल से रिहा होने के बाद दोषियों का माला पहनाकर स्वागत किया गया था, जिसकी काफी आलोचना भी हुई थी. 

प्रह्लाद जोशी ने क्या कहा था?

प्रह्लाद जोशी इस रिहाई का समर्थन करने वाले मोदी सरकार के पहले मंत्री थे. उस समय वो गुजरात के कच्छ में बीजेपी की ‘गौरव गुजरात यात्रा’ में हिस्सा ले रहे थे. इंडियन एक्सप्रेस से फोन पर बात करते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा था कि जो कुछ भी किया गया है वह कानूनी प्रावधान के अनुसार है. जेल में निर्धारित समय बिताने के बाद रिहाई का प्रावधान है. इस मामले में उस प्रावधान का पालन किया गया है, जो पूरी तरह से कानूनी है.

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