सोशल मीडिया पर इन दिनों IIT मद्रास के पूर्व प्रोफेसर वी. बालाकृष्णन खूब वायरल हो रहे हैं. इसकी वजह है उनका ‘ज्ञान का सागर’. आज की डिजिटल दुनिया में कॉलेज ही नहीं स्कूलों में भी ज्यादातर टीचर स्लाइड या नोट्स से पढ़ाते हैं. वहां प्रोफेसर बालाकृष्णन ‘नेचुरली टैलेंटेड’ हैं. फिजिक्स की क्लास लेते हुए उनका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तैर रहा है.
IIT मद्रास के पूर्व प्रोफेसर की 'ओल्ड स्कूल' स्टाइल टीचिंग, वायरल वीडियो देख बन जाएंगे फैन!
IIT Madras के पूर्व प्रोफेसर वेंकटरमन बालाकृष्णन इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हैं. लोग उनकी टीचिंग स्टाइल और भाषा शैली की तारीफ कर रहे हैं. इंटरनेट और रील्स वाली दुनिया में प्रोफेसर बिना स्क्रीन इस्तेमाल किए लेक्चर दे रहे हैं.

ये वीडियो सबसे पहले नेशनल प्रोग्राम ऑन टेक्नोलॉजी एनहांस्ड लर्निंग (NPTEL) ने पब्लिश किया था. प्रोफ़ेसर बालाकृष्णन पहले से ही IIT मद्रास के सबसे चर्चित टीचर्स में रहे हैं. उनके वायरल वीडियो की सोशल मीडिया पर काफी तारीफ हो रही है.
कौन हैं प्रोफ़ेसर बालाकृष्णन?उनकी क्लास का एक वीडियो है. जिसमें प्रोफ़ेसर के पीछे केवल एक ग्रीन बोर्ड है. उनके पास पहले से बना हुआ कोई स्लाइड या नोट्स नहीं है. वे क्लासिकल फिजिक्स की पहली क्लास ले रहे हैं. वीडियो में दिख रहा है कि केवल एक चौक और बोर्ड के ज़रिए प्रोफ़ेसर फिजिक्स जैसा जटिल विषय पढ़ा रहे हैं. इस वीडियो को कई लोगों ने री-शेयर भी किया.
प्रोफ़ेसर का पूरा नाम है वेंकटरमन बालाकृष्णन, जिन्हे बच्चे प्यार से ‘बाल्की’ भी बुलाते हैं. उन्होंने ‘क्वांटम फिजिक्स’ से लेकर ‘पार्टिकल फिजिक्स’ तक हर फील्ड में काम किया है. उन्होंने सालों IIT मद्रास में पढ़ाया है और वे हमेशा स्टूडेंट्स के पसंदीदा टीचर्स में से एक रहे. जब भी उनका ज़िक्र आता है स्टूडेंट्स उनकी भाषा शैली की तारीफ करते हैं.
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हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, अरुण कन्नावादी IIT मद्रास के पूर्व छात्र रह चुके हैं. उन्होंने ऑनलाइन क्वेश्चन-आंसर प्लेटफॉर्म ‘कोरा’ पर अपना अनुभव शेयर किया. लेख में उन्होंने लिखा कि ‘बाल्की सर’ की क्लास में बैठने पर ऐसा लगता था मानो अपनी कोई फेवरेट सीरीज देख रहे हों. जैसे गेम ऑफ़ थ्रोन्स. आप चाहते ही नहीं हैं कि क्लास कभी भी ख़त्म हो.

सोशल मीडिया पर कई यूजर ने अपने दिन याद किए. प्रोफ़ेसर की टीचिंग स्टाइल की तारीफ की. एक यूजर ने उनकी तारीफ में लिखा ‘ये एक आध्यात्मिक लेक्चर है, किसी गाने की तरह बहता हुआ...’ 1980 में बालाकृष्णन ने IIT मद्रास ज्वाइन किया और फिर रिटायर भी वहीं से हुए.
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