मकान की नींव भरने के लिए किन चीज़ों का इस्तेमाल किया जाता है? आमतौर पर सीमेंट, रेत, बजरी, ईंट, पत्थर और लोहे का सरिया. लेकिन उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के एक घर में तीन ड्रमों का इस्तेमाल हुआ है. उसमें भी करोड़ों रुपये के नोट भरकर. ये कोई बनी बनाई बात नहीं, दो भाईयों की कथा है. उनके मकान से जमीन में गड़े तीन ड्रमों में भारी मात्रा में कैश बरामद किया गया है.
मूर्ति विसर्जन पर झगड़ा हुआ, अगले दिन भाइयों की जमीन से नीले ड्रम मिले, नोटों का अंबार देख इलाका हिल गया
पुलिस ने इन पैसों को कब्जे में लेकर नवाबगंज थाने के मालखाने में सुरक्षित जमा करा दिया है. जो पैसे मिले हैं उनकी आधिकारिक गणना अभी जारी है, लेकिन अभी तक की गिनती के हिसाब से अनुमान है कि ये रकम करोड़ों के पार है.

इंडिया टुडे से जुड़े पंकज श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव का है. पुलिस को मकान की जमीन में पैसे गड़े होने की सूचना मिली थी. जिसके बाद पुलिस तलाशी लेने पहुंची. खुदाई में मिले नीले ड्रमों से पुलिस को भारी मात्रा में कैश मिला. इनको कब्जे में लेकर नवाबगंज थाने के मालखाने में सुरक्षित जमा करा दिया गया है. जो पैसे मिले हैं उनकी आधिकारिक गणना अभी जारी है, लेकिन अभी तक की गिनती के हिसाब से अनुमान है कि ये रकम करोड़ों के पार है.
इस मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों को हिरासत में लिया है. राकेश यादव और राजेश यादव, दोनों से पूछताछ की जा रही है. साथ ही जिस मकान से पैसों से भरे ड्रम मिले हैं, उसे पुलिस ने सुरक्षा घेरे में ले लिया है. घर के सभी सदस्य फिलहाल वहां से चले गए हैं और मकान के मेन गेट पर ताला लगाया हुआ है. मौके पर एसीपी सोरांव श्यामजी, नवाबगंज थाना प्रभारी पंकज अवस्थी समेत भारी पुलिस बल तैनात है.
रिपोर्ट है कि किसी ने पुलिस को सूचना दी थी कि बरईपुर रामनगर स्थित इस मकान में काला धन छिपाकर रखा गया है. इस टिप के आधार पर पुलिस वहां पहुंची. पुलिस की मौजूदगी में मकान के बरामदे की खुदाई कराई गई. इस दौरान जमीन से तीन ड्रम बरामद हुए. तीनों में 500 रुपये के नोटों के ढेर सारे बंडल छिपाए गए थे. सभी बंडलों को पॉलिथीन में लपेटा गया था ताकि नोट खराब न हो जाएं. ज्यादातर नोट 500 रुपये के बताए जा रहे हैं.
पुलिस ने इस मामले की सूचना आयकर विभाग, जीएसटी विभाग और खुफिया एजेंसियों को दे दी है. अब ये एजेंसियां भी कैश के सोर्स और अन्य पहलुओं की डिटेल्ड जांच करेंगी.
इस मामले में इंडिया टुडे के रिपोर्टर ने कुछ गांव वालों से बात की. उन्होंने बताया कि दोनों भाई (राकेश यादव और राजेश यादव ) पहले पुणे की एक कंपनी में काम करते थे. बीते कुछ सालों में उन्होंने गांव में कई बीघा जमीनें खरीदीं, बाजार में मकान और दुकानें भी खरीदीं. इसके अलावा दोनों घर के पास एक मंदिर भी बनवा रहे थे. मंदिर निर्माण के लिए लोगों से चंदा भी लिया.
गांव वालों का कहना है कि दोनों भाइयों का गांव के लोगों की तरफ काफी सामान्य व्यवहार था. लेकिन शारदीय नवरात्र के दौरान देवी की मूर्ति विसर्जित करते हुए उनका किसी से विवाद हुआ था. इसके बाद ही किसी व्यक्ति ने पुलिस को घर में काला धन छिपाए जाने की सूचना दी थी. इसी के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की. फिलहाल पुलिस हर एंगल से इस मामले की जांच कर रही है.
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