तारीख 14 जून, 2026. पश्चिम बंगाल की राजनीति में जो हुआ, वो पहले कम ही बार देखा गया था. 15 सालों से राज्य की सत्ता पर काबिज टीएमसी के 20 सांसदों ने बगावत कर दी. खबर चौंकाने वाली तो थी क्योंकि टीएमसी के प्रदेश में चुनाव हारते ही इन सांसदों ने झट से पाला बदल लिया था. लेकिन हैरान करने वाली ये अकेली बात नहीं थी. ये बीसों लोग जिस पार्टी में जा रहे थे, उस पार्टी का पहले किसी ने नाम भी नहीं सुना था. एक झटके में नैशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया नाम की इस गुमनाम पार्टी के 20 सांसद हो गए. लोकसभा में बीजेपी, कांग्रेस, डीएमके और समाजवादी पार्टी के बाद सबसे ज्यादा सांसद इसी के पास थे.
जमीन पर दफ्तर तक नहीं लेकिन खाते में अरबों का चंदा, इन गुमनाम पार्टियों के बारे में कभी सुना है?
देश में कई ऐसी छोटी और लगभग अनजान राजनीतिक पार्टियां सामने आई हैं, जिन्हें 2019 से 2024 के बीच करोड़ों रुपये का चंदा मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर उनके दफ्तर, गतिविधियों और चुनावी मौजूदगी का कोई खास पता नहीं चला.

NCPI को कुछ देर किनारे रखिए और जरा इन नामों पर गौर कीजिए- ‘भारतीय राष्ट्रीय जनता दल’, ‘सत्यवादी रक्षक पार्टी’, ‘आम जनता पार्टी’, ‘राष्ट्रीय विकास पार्टी’. क्या आपने कभी इन पार्टियों का नाम सुना है? किसी भी चुनाव में इनका नाम लेता कोई एक भी नेता देखा है? हो सकता है कि ये एकदम लोकल टाइप की पार्टियां हों इसलिए आप इन्हें न जानते हों. लेकिन इनके बारे में जब आप ये जानेंगे कि 5 सालों के भीतर इन ‘हाइपर लोकल’ दलों को चुनाव लड़ने के लिए कितना चंदा मिला है तो आपके होश उड़ जाएंगे.
इंडिया टुडे ने ऐसी ही कई ‘अनसुनी’ पार्टियों की पड़ताल की है, जिनका नामलेवा कोई नहीं. दफ्तर नाम भर का बना है और उन्हें चंदा झोला भर-भरकर मिला है. कई सौ करोड़ रुपये उनके खाते में चंदे के नाम पर आए हैं.
इस तरह की सबसे ज्यादा चौंकाने वाली पार्टी है- भारतीय राष्ट्रीय जनता दल. लालू प्रसाद यादव की राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से मिलता-जुलता इसका नाम है. ये पार्टी 2009 में बनी थी. गुजरात के गांधीनगर में मेघमलहार कॉम्प्लेक्स की 7वीं मंजिल इसका अड्रेस है. चौंकेंगे तो आगे वाली बात पर. क्या आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस पार्टी को 2019 से 2024 के बीच के पांच सालों में कितना चंदा मिला? कुल 957.45 करोड़ रुपये. रिपोर्टर जब पार्टी के पते पर पहुंचा तो वहां पार्टी के नाम का एक बोर्ड तो मिला, लेकिन वहां खद्दर पहना कोई नेता नहीं दिखा. दो कर्मचारी थे, जिनसे पार्टी के प्रमुख एसवी गजेरा का नंबर मिला. उनसे चंदे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस पर स्पष्टीकरण देने से साफ इनकार कर दिया. पार्टी का न तो कोई सांसद है. न विधायक.
‘न्यू इंडिया, सत्यवादी रक्षक, आम जनता पार्टी’ऐसी ही एक ‘न्यू इंडिया पार्टी’ है. इसे 2019 से 2024 के बीच 608.1373 करोड़ रुपये का डोनेशन मिला. अहमदाबाद के नरोदा में उर्वी कॉम्प्लेक्स के पते वाली इस पार्टी के दफ्तर में इसका कोई बोर्ड भी नहीं लगा है. लोकल दुकानदारों ने बताया कि पार्टी के अध्यक्ष अमित चतुर्वेदी इलाके में आते तो हैं लेकिन बहुत कम.
सत्यवादी रक्षक पार्टी नाम की पार्टी को इसी अवधि में 426.2337 करोड़ रुपये का चंदा मिला. अकेले 2023-24 में 330 करोड़ रुपये से ज्यादा पार्टी को मिले. ये पार्टी भी गुजरात में चलती है. आणंद में पार्टी का पंजीकृत दफ्तर है, जो रिपोर्टर के पहुंचने पर बंद मिला. हालांकि, इंडिया टुडे की टीम ने पार्टी की अध्यक्ष स्वातिबेन को उनके घर पर खोज निकाला. कैमरे पर बोलते हुए स्वातिबेन ने दावा किया कि 2024-25 में पार्टी को बंद कर दिया गया था. उन्होंने ये भी कहा कि वह केवल नाम की अध्यक्ष थीं. उन्होंने सफाई दी कि पार्टी को जो भी चंदा मिला है वह किसी व्यक्ति के नाम पर था. लेकिन उस पैसे का क्या हुआ, ये वो नहीं जानतीं. इस पार्टी का एक उम्मीदवार 2024 के लोकसभा चुनाव में उतरा था लेकिन जितना चंदा मिला है, उसके अनुपात में ये प्रदर्शन तो बहुत मामूली है.
आम जनता पार्टी का रजिस्टर्ड अड्रेस अहमदाबाद के न्यू नरोडा में रघुवीर अपार्टमेंट बताया गया है. 2019 से 2024 के बीच इस पार्टी को 220.3694 करोड़ रुपये का चंदा मिला. इंडिया टुडे की पड़ताल में पता चला कि पार्टी का दफ्तर तकरीबन एक साल से बंद है. पार्टी की वेबसाइट पर जो नाम-नंबर हैं, वो अब संपर्क से बाहर हैं. एक लोकल व्यक्ति ने बताया कि एक साल पहले पुलिस ने इस दफ्तर पर छापेमारी की थी.
राष्ट्रीय विकास पार्टीराष्ट्रीय विकास पार्टी नाम के दल को 2019 और 2024 के बीच 207.6342 करोड़ रुपये का डोनेशन मिला. इसका एड्रेस दक्षिण दिल्ली में ई-86ए, विश्वकर्मा कॉलोनी बताया गया है. इस पते पर एक डांस अकादमी चल रही थी. पार्टी के दफ्तर का कोई नामो-निशान भी नहीं था. बिल्डिंग के मालिक शैलव अग्रवाल ने बताया कि 15 साल में तो कभी राष्ट्रीय विकास पार्टी ने यहां अपना दफ्तर नहीं चलाया. लोगों ने भी इस पते पर कभी किसी पार्टी को चलते नहीं देखा.
सौराष्ट्र जनता पक्षऐसे ही सौराष्ट्र जनता पक्ष है. 2019 से 2024 के बीच 200.4231 करोड़ रुपये का चंदा पाने वाली इस पार्टी का अड्रेस गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के वाडीपारा में दर्ज है. लेकिन जमीन पर यहां पार्टी जैसा कोई काम होता होगा, इसका कोई सबूत मौके पर नहीं दिखा. जनमान पार्टी नाम के दल का तो पता ही नहीं लग पाया, जिसे कथित तौर पर पांच साल में 113.5678 करोड़ रुपये का चंदा मिला.
ये भी पढ़ेंः यूपी चुनाव 2027: चार लेवल का ये सर्वे बीजेपी विधायकों के बीच कोहराम मचा देगा
प्रबल भारत पार्टीप्रबल भारत पार्टी का रजिस्टर्ड पता बिहार के सीतामढ़ी जिले के परसाउनी का अंधारा गांव बताया गया है. इस पार्टी को पांच साल में 103.8439 करोड़ रुपये का चंदा मिला है. रिपोर्टर जब इस पार्टी के पते पर पहुंचा तो वहां कोई पार्टी कार्यालय नहीं मिला. आसपास के लोगों को भी नहीं पता था कि इस नाम की कोई पार्टी उनके अगल-बगल चल रही है.
एक पार्टी भारतीय जन क्रांति दल (डेमोक्रेटिक) भी है, जो सैनिक सोसायटी, शक्ति नगर, जबलपुर, मध्य प्रदेश के पते पर लिस्टेड है. इंडिया टुडे की जमीनी पड़ताल में पता चला कि इस पते पर कोई पार्टी कार्यालय नहीं है. पार्टी का दिल्ली में भी एक दफ्तर बताया गया था. वहां पहुंचने पर पता चला कि यह तो एक रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी है, जहां दो परिवार रह रहे हैं.
वीडियो: दुनियादारी: BRICS 2026 में भारत का बड़ा ‘पावरगेम’, क्या मोदी, पुतिन और जिनपिंग ट्रंप को चुनौती दे रहे?












